महिसागर गुजरात | 25 अप्रैल 2026: गुजरात के महिसागर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। खबर आंगन की क्राइम डेस्क के अनुसार, लूनावाड़ा इलाके में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी 26 वर्षीय मानसिक रूप से दिव्यांग भतीजी के साथ दुष्कर्म किया है। इस खौफनाक और शर्मनाक घटना ने पूरे इलाके के लोगों को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है।
पत्नी को दूध खरीदने भेजकर रची खौफनाक वारदात की साजिश
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस 70 वर्षीय आरोपी बुजुर्ग ने वारदात को अंजाम देने के लिए गहरी साजिश रची थी। उसने सबसे पहले अपनी पत्नी को दूध खरीदने के बहाने घर से बाहर भेज दिया। पत्नी के जाते ही घर के अकेलेपन का पूरा फायदा उठाते हुए इस बुजुर्ग ने अपनी खौफनाक योजना को बहुत ही चालाकी से आगे बढ़ाया।
आरोपी ने मानसिक रूप से कमजोर उस बेबस लड़की को बहला-फुसलाकर अपने घर के अंदर बुला लिया। लड़की के घर में दाखिल होते ही आरोपी ने तुरंत अंदर से मुख्य दरवाजा मजबूती से बंद कर लिया। इसके बाद उसने अपनी ही सगी भतीजी के साथ इस बहुत ही ज्यादा घिनौने और अमानवीय कृत्य को बेरहमी के साथ पूरी तरह से अंजाम दिया।
खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बुजुर्ग ने उस बेबस लड़की को जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी। उसने मानसिक रूप से दिव्यांग लड़की को बुरी तरह डराया और धमकाया कि वह इस दर्दनाक घटना के बारे में अपने परिवार या किसी भी व्यक्ति को भूलकर भी कुछ न बताए, वरना इसका अंजाम बहुत ही ज्यादा बुरा होगा।
मां ने दिखाई हिम्मत और पुलिस ने FIR दर्ज कर भेजा जेल
आरोपी के चंगुल से छूटने के बाद जब डरी-सहमी लड़की अपने घर पहुंची, तो उसने हिम्मत दिखाते हुए अपनी मां को पूरी आपबीती सुना दी। अपनी दिव्यांग बेटी की दर्दनाक स्थिति देखकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बिना कोई देरी किए तुरंत न्याय के लिए लूनावाड़ा पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाने का बहुत ही कड़ा फैसला लिया।
लूनावाड़ा पुलिस ने मामले की गंभीरता को तुरंत समझते हुए पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर सख्त FIR दर्ज कर ली। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस 70 वर्षीय हैवान बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर सीधा जेल भेज दिया है।
समाज के लिए कलंक और मानसिक दिव्यांगों की सुरक्षा पर सवाल
यह दर्दनाक घटना समाज के लिए एक बहुत बड़ा कलंक है क्योंकि इसमें बुजुर्ग ने भक्षक का रूप ले लिया। समाज में चाचा और भतीजी का रिश्ता बेहद पवित्र और भरोसेमंद माना जाता है। ऐसे में इस नीच कृत्य ने उस अटूट विश्वास को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया है और मानवता को शर्मिंदा किया है।
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू लड़की का मानसिक रूप से दिव्यांग होना है। कमजोर और असहाय लोगों को समाज और परिवार से अतिरिक्त सुरक्षा की भारी जरूरत होती है। लेकिन इस दरिंदे ने उसी कमजोरी का घिनौना फायदा उठाया, जो महिला सुरक्षा कानूनों के तहत एक अत्यंत गंभीर और संगीन अपराध की श्रेणी में आता है।
महिसागर जिले की पुलिस इस मामले की अब बहुत बारीकी से जांच कर रही है ताकि अदालत में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें। अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य पीड़ित लड़की को जल्द न्याय दिलाना है। पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए ऐसे जघन्य अपराधों पर एकदम कड़ा प्रहार करने की अहम बात कह रही है।
मनोवैज्ञानिक असर और सामाजिक जागरूकता की भारी आवश्यकता
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी खौफनाक वारदातें मानसिक रूप से कमजोर पीड़ितों के मन पर बहुत गहरा असर डालती हैं। घटना के बाद उस 26 वर्षीय पीड़िता को अच्छे मनोवैज्ञानिक समर्थन और उचित मेडिकल देखभाल की सख्त जरूरत है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं को आगे आकर इस मुश्किल घड़ी में परिवार की मदद करनी चाहिए।
इस दर्दनाक घटना ने महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज के लोगों को हमेशा अपने आसपास हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। महिलाओं और दिव्यांगों के खिलाफ होने वाले ऐसे अपराधों को रोकने के लिए समाज को एक साथ मिलकर कदम उठाने की भारी जरूरत है।
हमारा निष्कर्ष
हमारा स्पष्ट निष्कर्ष है कि बुढ़ापे में ऐसी नीच मानसिकता और घिनौना कृत्य समाज के लिए बड़ा कलंक है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पीड़ित मां का साहस समाज को एक कड़ा संदेश देता है कि ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य की हर पक्की क्राइम खबर के लिए हमेशा खबर आंगन के साथ जुड़े रहें।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क द्वारा गुजरात पुलिस और लूनावाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई आधिकारिक शिकायत (FIR) और पुलिस के बयानों के आधार पर विस्तार से तैयार की गई है। कानून महिला सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।
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