मुंबई, 16 अगस्त 2026 — बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने तीनों अभिनेताओं को विमल इलायची के विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक की आपत्ति इस बात पर है कि इलायची के नाम से किया गया यह प्रचार कहीं प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड की पहचान को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा तो नहीं दे रहा। मामले ने सेलिब्रिटी विज्ञापनों और उनकी जिम्मेदारी को लेकर भी नई चर्चा छेड़ दी है।
आखिर विमल इलायची के विज्ञापन पर क्यों उठे सवाल
मामला उस विज्ञापन से जुड़ा है जिसमें शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ विमल इलायची का प्रचार करते दिखाई दिए थे। यह विज्ञापन वर्ष 2024 में सामने आया था। महाराष्ट्र FDA के अनुसार विज्ञापन में इस्तेमाल किया गया ‘विमल’ ब्रांड नाम उस पान मसाला ब्रांड से जुड़ाव पैदा कर सकता है, जिसकी बिक्री और संबंधित गतिविधियों पर महाराष्ट्र में प्रतिबंध है। इसी वजह से नियामक ने विज्ञापन को सामान्य इलायची प्रचार से आगे जाकर जांच के दायरे में लिया है।
FDA की आपत्ति का मुख्य आधार ब्रांड पहचान है। नियामक का कहना है कि विज्ञापन देखने पर प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि ‘विमल इलायची’ के जरिए उसी ब्रांड की पहचान और उपभोक्ताओं के बीच आकर्षण को बनाए रखने या मजबूत करने की कोशिश हो सकती है, जो पान मसाला उत्पाद से जुड़ी है। यदि जांच में यह बात साबित होती है, तो इसे प्रतिबंधित उत्पाद के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार के रूप में देखा जा सकता है।
तीनों सितारों से मांगा गया जवाब
महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में तीनों की भूमिका अभिनेता और ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर बताई गई है। नियामक ने विज्ञापन में उनकी भागीदारी और प्रचार गतिविधि को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। इसका मतलब यह नहीं है कि तीनों को किसी उल्लंघन का दोषी घोषित कर दिया गया है। फिलहाल यह एक नियामकीय प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित पक्षों का जवाब लिया जा रहा है।
नोटिस में उनसे प्रचार से जुड़ी सामग्री को बंद करने और अपने सोशल मीडिया हैंडल से संबंधित कैंपेन सामग्री हटाने का निर्देश भी दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसके लिए 15 दिनों की समयसीमा बताई गई है। अब तीनों अभिनेताओं और संबंधित ब्रांड पक्ष की प्रतिक्रिया इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम होगी। उनके जवाब के आधार पर FDA आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला कर सकता है।
महाराष्ट्र में पान मसाला को लेकर क्या नियम हैं
महाराष्ट्र में कुछ तंबाकू और निकोटीन वाले उत्पादों के साथ गुटखा और पान मसाला से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू है। राज्य में प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री को लेकर कार्रवाई की जाती है। इसी नियामकीय माहौल में किसी ऐसे ब्रांड का विज्ञापन, जिसकी पहचान पान मसाला से भी जुड़ी हो, FDA की निगरानी में आ गया है। इसलिए इस मामले में सिर्फ विज्ञापित उत्पाद ही नहीं, बल्कि उसकी ब्रांड पहचान भी जांच का अहम हिस्सा बन गई है।
महाराष्ट्र FDA पिछले कुछ समय से प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की सप्लाई और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रहा है। जून 2026 में राज्य FDA ने बड़े अवैध तंबाकू आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून के इस्तेमाल की अनुमति भी दी थी। इसी सख्ती के बीच सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को लेकर आया यह नोटिस इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मामला सीधे उन चेहरों से जुड़ा है जिनकी बड़ी सार्वजनिक पहुंच और प्रभाव है।
कानून में भ्रामक विज्ञापन को लेकर क्या प्रावधान है
FDA ने अपने नोटिस में Food Safety and Standards Act, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया है। यह धारा खाद्य उत्पादों के विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार से जुड़े प्रतिबंधों से संबंधित है। इसके तहत ऐसे विज्ञापनों पर रोक है जो भ्रामक हों या कानून तथा उससे जुड़े नियमों और विनियमों का उल्लंघन करते हों। FDA ने इसी प्रावधान के आधार पर विज्ञापन की प्रकृति को लेकर तीनों सितारों से स्पष्टीकरण मांगा है।
यहां ध्यान रखना जरूरी है कि नोटिस मिलना अपने आप में अंतिम कानूनी फैसला नहीं है। नियामक ने फिलहाल अपनी आपत्ति और प्रारंभिक आकलन के आधार पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि शाहरुख खान, अजय देवगन या टाइगर श्रॉफ ने कानून का उल्लंघन किया है। अंतिम स्थिति संबंधित जवाब, दस्तावेजों और नियामकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर फिर बढ़ी नजर
यह मामला सिर्फ तीन अभिनेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को लेकर बड़ी बहस का हिस्सा भी बन सकता है। लोकप्रिय अभिनेता जब किसी उत्पाद का प्रचार करते हैं तो उनकी छवि का सीधा असर उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले संदेश पर पड़ता है। ऐसे में नियामक संस्थाएं यह देखती हैं कि किसी विज्ञापन में उत्पाद की प्रस्तुति उपभोक्ता को भ्रमित तो नहीं करती या किसी प्रतिबंधित उत्पाद की पहचान को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा तो नहीं देती।
विमल इलायची विज्ञापन में तीनों बड़े सितारों की मौजूदगी के कारण इस मामले की चर्चा और तेज हो गई है। FDA की नजर में सवाल केवल यह नहीं है कि विज्ञापन में सीधे क्या उत्पाद दिखाया गया, बल्कि यह भी है कि उसके जरिए उपभोक्ता के मन में किस ब्रांड की पहचान मजबूत होती है। यही पहलू इस पूरे विवाद को सामान्य सेलिब्रिटी विज्ञापन से अलग बनाता है और अब नियामक जांच का केंद्र बन गया है।
अब शाहरुख, अजय और टाइगर के सामने क्या विकल्प
अब तीनों अभिनेताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम FDA के नोटिस का जवाब देना होगा। उन्हें विज्ञापन में अपनी भूमिका और ब्रांड के साथ अपने एंडोर्समेंट को लेकर अपना पक्ष रखना होगा। साथ ही प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश का पालन भी करना पड़ सकता है। इसके बाद FDA उपलब्ध जवाब और संबंधित परिस्थितियों की समीक्षा करेगा। अगर नियामक को स्पष्टीकरण संतोषजनक लगता है तो मामला आगे अलग दिशा ले सकता है, जबकि असहमति की स्थिति में नियमानुसार आगे कार्रवाई संभव है।
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि FDA ने विमल इलायची विज्ञापन और पान मसाला ब्रांड की पहचान के बीच संभावित संबंध पर सवाल उठाया है। शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को इसी आधार पर नोटिस मिला है। अब उनकी प्रतिक्रिया से यह साफ होगा कि वे विज्ञापन और ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर क्या स्पष्टीकरण देते हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष आने तक किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
15 दिन की समयसीमा के बाद क्या होगा
नियामक की ओर से प्रचार सामग्री हटाने के लिए 15 दिनों की समयसीमा दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस अवधि में संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और विज्ञापन सामग्री को लेकर कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद FDA यह देख सकता है कि नोटिस में दिए गए निर्देशों का पालन हुआ या नहीं और संबंधित पक्षों ने अपने जवाब में क्या कहा। आगे की कार्रवाई पूरी तरह नियामकीय प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों पर निर्भर करेगी।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि किसी उत्पाद के प्रचार में शामिल होने वाले सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी कहां तक जाती है। खासकर तब, जब किसी ब्रांड की पहचान किसी प्रतिबंधित या नियंत्रित उत्पाद से भी जुड़ी हो। फिलहाल शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ FDA की कार्रवाई जांच और जवाब की प्रक्रिया में है। आने वाले दिनों में उनके जवाब और FDA के अगले कदम से इस विवाद की तस्वीर और साफ होगी।
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