दरभंगा | 18 अप्रैल 2026: बिहार के दरभंगा जिले के प्रमुख धार्मिक और व्यावसायिक केंद्र सुपौल बाजार में आज एक बेहद भव्य और दिव्य आध्यात्मिक अनुष्ठान की शानदार शुरुआत हुई है। रामनगर स्थित मनोकामना सिद्ध दुर्गा मंदिर के विशाल प्रांगण में पवनपुत्र हनुमान जी की नई प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जा रही है। ‘खबर आंगन’ की रिलिजन डेस्क के अनुसार इस बड़े मौके पर पूरे इलाके में भारी उत्साह और भक्ति का अद्भुत माहौल लगातार देखने को मिल रहा है।
बजरंगबली की इस नई और भव्य प्रतिमा को पूरे विधि-विधान से स्थापित करने के लिए मंदिर समिति द्वारा पूरे तीन दिनों तक चलने वाले एक विशाल धार्मिक अनुष्ठान का बड़ा आयोजन किया गया है। शनिवार की सुबह इस पवित्र और ऐतिहासिक अनुष्ठान का शुभारंभ एक बहुत ही विशाल और भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ किया गया। इस लंबी यात्रा ने पूरे क्षेत्र के वातावरण को पूरी तरह से शिवमय और हनुमानमय बना दिया है।
केसरिया वस्त्रों में सजी कन्याओं ने निकाली भव्य कलश शोभा यात्रा
इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन निकली भव्य कलश शोभा यात्रा ने वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं के दिलों को पूरी तरह से मोह लिया। केसरिया रंग के सुंदर परिधानों में सजी सैकड़ों कुंवारी कन्याओं और महिलाओं ने अपने सिर पर पवित्र कलश रखकर इस लंबी यात्रा में पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। उनके मुख से लगातार निकल रहे भगवान राम और हनुमान जी के जयकारों से पूरा वातावरण एक अद्भुत और सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा था।
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पूजा समिति के अध्यक्ष गणेश झा के कुशल और शानदार नेतृत्व में आयोजित इस विशाल शोभा यात्रा में स्थानीय ग्रामीणों ने भी भारी संख्या में अपना भरपूर योगदान दिया। मुख्य सड़कों के दोनों किनारों पर खड़े होकर आम लोगों ने इस कलश यात्रा का बहुत ही गर्मजोशी और लगातार पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की शानदार धुन पर झूमते हुए श्रद्धालुओं का यह विशाल जनसैलाब पूरे इलाके के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गया।
हनुमत सदन मंदिर के पवित्र तालाब से हुआ जल संग्रह का विधान
यह विशाल और भव्य कलश यात्रा मुख्य मंदिर प्रांगण से निकलकर पूरे गाजे-बाजे के साथ बिरौल चौक पर स्थित अत्यंत प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमत सदन मंदिर पहुंची। वहां पहुंचने के बाद मंदिर के पीछे स्थित पवित्र और स्वच्छ तालाब के तट पर मौजूद विद्वान ब्राह्मणों और पंडितों ने पूरी वैदिक विधि और मंत्रोच्चार के बीच जल-भरी की खास रस्म को बहुत ही शुद्धता के साथ संपन्न करवाया।
इस दौरान विद्वान पंडितों द्वारा लगातार पढ़े जा रहे स्वस्ति वाचन और दुर्लभ वैदिक मंत्रों की गूंज से तालाब का पूरा किनारा पूरी तरह से गूंज उठा था। पवित्र जल के संग्रह और विधिवत पूजा के पश्चात यह पूरी कलश यात्रा पुनः अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए रामनगर के मुख्य मनोकामना सिद्ध दुर्गा मंदिर परिसर में वापस पहुंच गई। वहां पहुंचकर विद्वान आचार्यों ने पूरे विधि-विधान के साथ सभी कलशों को एकदम सही और पवित्र दिशा में स्थापित किया।
तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य और खास आकर्षण
आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने ‘खबर आंगन’ को विशेष रूप से बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा का यह महायज्ञ पूरे तीन दिनों तक अपनी पूरी भव्यता और शुद्धता के साथ लगातार चलेगा। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के दर्शन और पुण्य लाभ के लिए हर दिन कई विशेष धार्मिक कार्यक्रम बहुत ही सुचारू रूप से आयोजित किए जाएंगे:
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पहले दिन कलश स्थापना के बाद पंचांग पूजन और अग्नि स्थापना का पवित्र कार्य विद्वान पंडितों द्वारा पूरे वैदिक विधि-विधान से संपन्न किया जाएगा।
दूसरे दिन भगवान की प्रतिमा का विशेष जलाधिवास अन्नाधिवास और नगर भ्रमण कराया जाएगा ताकि पूरे इलाके में भक्ति और पवित्रता का संचार हो सके।
तीसरे और अंतिम दिन पूरे वैदिक मंत्रों के साथ बजरंगबली की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा होगी और उसके बाद विशाल भंडारे का बहुत बड़ा आयोजन किया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों और आयोजन समिति का शानदार और अटूट सहयोग
इस नवनिर्मित और भव्य मंदिर में बजरंगबली की स्थापना को लेकर सुपौल बाजार और उसके आसपास के सभी ग्रामीणों में एक अभूतपूर्व और भारी उत्साह साफ तौर पर देखा जा रहा है। इस विशाल आयोजन को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए समिति के सभी सदस्य युवा वर्ग और आम ग्रामीण दिन-रात बहुत ही सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। हर कोई अपनी क्षमता के अनुसार इस पावन कार्य में शारीरिक और आर्थिक मदद खुशी-खुशी दे रहा है।
लोगों की अपार और गहरी श्रद्धा का आलम यह है कि कलश यात्रा के दौरान मुख्य सड़कों पर आम श्रद्धालुओं का एक बहुत बड़ा और विशाल जनसैलाब पूरी तरह उमड़ पड़ा था। इस भारी भीड़ और भक्ति भाव के कारण पूरा सुपौल बाजार और आसपास का समूचा इलाका सिर्फ और सिर्फ जय हनुमान के गगनभेदी और शानदार उद्घोष से पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। पूरा माहौल एक बड़े धार्मिक उत्सव और मेले जैसा प्रतीत हो रहा था।
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हमारा निष्कर्ष
समाज में धर्म और आस्था को मजबूती से जोड़े रखने के लिए इस तरह के बड़े और पवित्र आयोजनों का होना सच में बहुत ज्यादा जरूरी और हमेशा सकारात्मक होता है। बजरंगबली की इस नई प्रतिमा की स्थापना से पूरे क्षेत्र में निश्चित रूप से शांति सद्भाव और एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा का भारी संचार होगा। यह मंदिर आने वाले समय में लाखों भक्तों की मुरादें पूरी करने का एक बहुत बड़ा और पवित्र केंद्र बनेगा।
हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि तीन दिनों तक चलने वाला यह विशाल महायज्ञ बिना किसी भी विघ्न या बाधा के पूरी तरह से और बड़ी सफलता के साथ संपन्न हो। बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों से जुड़ी ऐसी ही हर बड़ी धार्मिक हलचल और पल-पल की एकदम सटीक खबर के लिए आप बिना किसी रुकावट के लगातार ‘खबर आंगन’ के साथ पूरी मजबूती से जुड़े रहें।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की रिलिजन डेस्क द्वारा आयोजन समिति के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं से प्राप्त प्रत्यक्ष जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। धार्मिक अनुष्ठान के कार्यक्रम और समय में समिति के निर्णय अनुसार बदलाव संभव है।
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Ashutosh Kumar Jha Admin
Ashutosh Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।