Tribal Art की नई जागृति: भारत की हस्तकलाओं का अंतरराष्ट्रीय विस्तार”
“भारत की जनजातीय कला अब सीमाओं से परे उड़ान भर रही है। वारली, मधुबनी, गोंड और कलमकारी जैसी हस्तकलाएं न सिर्फ सांस्कृतिक पहचान हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की रचनात्मक शक्ति का प्रतीक बन चुकी हैं। जानिए कैसे आदिवासी कलाकार अपनी विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रहे हैं।”