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Viral Video Part 2: 19 मिनट के बाद अब ‘पार्ट 2’ का खतरनाक जाल, लिंक पर क्लिक करते ही खाली हो जाएगा आपका बैंक खाता

सोशल मीडिया पर 19 मिनट के वीडियो के बाद अब "Viral Video Part 2" का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने इसे ठगों का नया जाल बताया है। लिंक खोलते ही आपका फोन हैक हो सकता है। पढ़ें पूरी सच्चाई।
Khabar Aangan Published on: 13 दिसम्बर 2025
Viral Video Part 2: 19 मिनट के बाद अब ‘पार्ट 2’ का खतरनाक जाल, लिंक पर क्लिक करते ही खाली हो जाएगा आपका बैंक खाता
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डिजिटल दुनिया में अपराध के तरीके हर दिन बदल रहे हैं और साइबर ठग अब मनोवैज्ञानिक खेल खेल रहे हैं। अभी इंटरनेट पर “19 मिनट 34 सेकंड” के वीडियो का शोर थमा भी नहीं था कि स्कैमर्स ने एक नया शिगूफा छोड़ दिया है।

सोशल मीडिया पर अब दावा किया जा रहा है कि उस चर्चित वीडियो का Viral Video “Part 2” भी लीक हो गया है। वॉट्सऐप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर हजारों ऐसे लिंक शेयर किए जा रहे हैं जिनमें “Watch Part 2” या “Extended Version” लिखा हुआ है।

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यह खबर उन लोगों के लिए खतरे की घंटी है जो जिज्ञासावश ऐसे लिंक पर क्लिक कर देते हैं। पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने 13 दिसंबर की सुबह एक विशेष चेतावनी जारी की है। जांच में सामने आया है कि “पार्ट 2” के नाम पर जो लिंक फैलाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से मैलेशियस (Malicious) हैं। इनका मकसद आपको कोई वीडियो दिखाना नहीं, बल्कि आपके डिवाइस को हैक करना है।

हकीकत यह है कि जिस Viral Video के दूसरे भाग की बात की जा रही है, उसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। यह केवल लोगों की उत्सुकता को भुनाने और उन्हें डिजिटल जाल में फंसाने की एक सोची-समझी साजिश है। अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आया है, तो सावधान हो जाएं। यह एक क्लिक आपकी पूरी जमा-पूंजी और मान-सम्मान को मिट्टी में मिला सकता है।

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वायरल वीडियो पार्ट 2 का काला सच और स्कैम की गणित

साइबर अपराधियों की कार्यशैली को समझना बेहद जरूरी है। जब उन्होंने देखा कि “19 मिनट” वाला कीवर्ड इंटरनेट पर करोड़ों बार सर्च किया गया, तो उन्होंने तुरंत इसका फायदा उठाने के लिए “पार्ट 2” की कहानी गढ़ दी। इसे “Fear Of Missing Out” (FOMO) तकनीक कहा जाता है। यूजर को लगता है कि उसने आधी कहानी देखी है और बाकी आधी देखने के लिए वह बेताब हो जाता है।

सोशल मीडिया पर बॉट्स (Bots) के जरिए ऐसे मैसेज फैलाए जा रहे हैं। इन संदेशों में लिखा होता है, “असली सच्चाई पार्ट 2 में है” या “अनकट वीडियो लीक”। जैसे ही यूजर इस Viral Video के लिंक पर क्लिक करता है, उसे वीडियो प्लेयर जैसा दिखने वाला एक पेज खुलता है। लेकिन वीडियो प्ले करने के लिए उसे एक ऐप डाउनलोड करने या किसी ग्रुप को ज्वाइन करने की शर्त रखी जाती है।

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यहीं पर यूजर गलती कर बैठता है। वह वीडियो देखने की जल्दबाजी में परमिशन दे देता है या अनजान फाइल डाउनलोड कर लेता है। साइबर एक्सपर्ट्स ने पुष्टि की है कि “पार्ट 2” नाम का कोई फुटेज नहीं है। यह सिर्फ एक “क्लिकबेट” है जिसका इस्तेमाल ट्रैफिक जनरेट करने और मैलवेयर फैलाने के लिए किया जा रहा है।

आपके फोन में कैसे होती है हैकर्स की घुसपैठ?

इस स्कैम का तकनीकी पहलू बहुत डरावना है। “पार्ट 2” के नाम पर जो फाइल्स डाउनलोड करवाई जा रही हैं, वे अक्सर ‘.apk’ फॉर्मेट में होती हैं। ये रिमोट एक्सेस ट्रोजन (RAT) होते हैं। एक बार इंस्टॉल होने के बाद, यह ऐप आपके फोन से गायब हो जाता है, लेकिन बैकग्राउंड में अपना काम करता रहता है।

यह मैलवेयर हैकर्स को आपके फोन का पूरा कंट्रोल दे देता है। वे आपकी गैलरी देख सकते हैं, आपके कॉन्टैक्ट्स कॉपी कर सकते हैं और सबसे खतरनाक बात, वे आपके एसएमएस (SMS) पढ़ सकते हैं। जब आप कोई बैंकिंग ट्रांजेक्शन करते हैं, तो ओटीपी (OTP) आपके फोन पर आता है, लेकिन इस मैलवेयर के जरिए वह सीधे हैकर्स तक पहुंच जाता है।

हाल ही में कई मामले सामने आए हैं जहां लोगों ने Viral Video देखने के चक्कर में लाखों रुपये गंवा दिए। ठगों ने उनके खाते से पैसे निकाल लिए और उन्हें भनक तक नहीं लगी। इसके अलावा, आपके निजी फोटो चुराकर आपको ब्लैकमेल करने का धंधा भी जोरों पर है। इसलिए, लालच या उत्सुकता में आकर अपनी सुरक्षा से समझौता न करें।

टेलीग्राम चैनल्स और फेक बॉट्स का मायाजाल

इस पूरे खेल में टेलीग्राम एक बड़ा अड्डा बन गया है। “Viral Video Part 2” सर्च करते ही आपको सैकड़ों चैनल मिल जाएंगे। ये चैनल दावा करते हैं कि उनके पास एक्सक्लूसिव फुटेज है। लेकिन जैसे ही आप चैनल ज्वाइन करते हैं, आपको एक और चैनल ज्वाइन करने को कहा जाता है। यह एक कभी न खत्म होने वाला चक्रव्यूह है।

इन चैनल्स पर अक्सर पोर्नोग्राफिक सामग्री या जुए (Betting) के ऐप्स का प्रचार किया जाता है। स्कैमर्स को हर ‘जॉइन’ और ‘डाउनलोड’ के पैसे मिलते हैं। इसे एफिलिएट मार्केटिंग फ्रॉड कहते हैं। कई बार ये बॉट्स आपसे आपकी पर्सनल डिटेल्स मांगते हैं, जैसे कि उम्र वेरीफाई करने के नाम पर ईमेल या फोन नंबर।

पुलिस ने ऐसे कई टेलीग्राम चैनल्स को फ्लैग किया है और उन्हें बंद करवाने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन हर दिन नए चैनल बन जाते हैं। इसलिए सबसे बड़ा बचाव आपकी अपनी जागरूकता है। याद रखें, टेलीग्राम या वॉट्सऐप पर आने वाला हर लिंक सुरक्षित नहीं होता।

पुलिस की सख्ती: शेयर करने वालों पर भी गिरेगी गाज

हरियाणा पुलिस और केंद्रीय साइबर सेल ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल वीडियो बनाना ही नहीं, बल्कि उसे खोजना और शेयर करना भी अपराध है। आईटी एक्ट की धारा 67B के तहत, अगर आप चाइल्ड पोर्नोग्राफी या किसी की निजता का हनन करने वाला कंटेंट ढूंढ रहे हैं, तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं।

पुलिस अब कीवर्ड मॉनिटरिंग कर रही है। अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर बार-बार Viral Video के लिंक मांग रहा है या शेयर कर रहा है, तो उसका आईपी एड्रेस ट्रैक किया जा सकता है। “पार्ट 2” के नाम पर फर्जी लिंक फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।

ग्रुप एडमिन्स को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। अगर आपके ग्रुप में ऐसा कोई लिंक पोस्ट होता है और आप उसे नहीं हटाते, तो पुलिस आपको भी जांच के दायरे में ले सकती है। डिजिटल दुनिया में आपके द्वारा किया गया हर काम एक डिजिटल फुटप्रिंट छोड़ता है जिसे मिटाना लगभग नामुमकिन है।

डीपफेक तकनीक: आंखों देखा भी अब सच नहीं

इस स्कैम को और खतरनाक बनाती है डीपफेक (Deepfake) टेक्नोलॉजी। “पार्ट 2” के दावों को सच साबित करने के लिए ठग एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नकली क्लिप्स बना लेते हैं जो पहली नजर में असली लगती हैं।

इन फेक वीडियो में किसी सेलिब्रिटी या आम इंसान का चेहरा लगा दिया जाता है। इसका मकसद वीडियो को ज्यादा से ज्यादा वायरल करना होता है। लेकिन गौर से देखने पर इसमें कई खामियां नजर आती हैं, जैसे चेहरे के हाव-भाव का न मिलना या आवाज में गड़बड़ी।

हमें यह समझना होगा कि तकनीक का गलत इस्तेमाल समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। Viral Video के नाम पर किसी की फेक क्लिप शेयर करना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह अनैतिक भी है। आप अनजाने में किसी निर्दोष व्यक्ति की बदनामी का कारण बन सकते हैं।

युवाओं और छात्रों के लिए विशेष सलाह

यह ट्रेंड सबसे ज्यादा स्कूल और कॉलेज के छात्रों को अपनी चपेट में ले रहा है। युवा अक्सर ‘कूल’ दिखने या दोस्तों के बीच अपडेटेड रहने के लिए ऐसे वीडियो खोजते हैं। लेकिन वे यह नहीं जानते कि वे एक बड़े अपराध सिंडिकेट का शिकार बन रहे हैं।

माता-पिता को अपने बच्चों की इंटरनेट गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। उन्हें समझाना चाहिए कि इंटरनेट पर मुफ्त में मिलने वाली सनसनीखेज चीजें अक्सर एक जाल होती हैं। बच्चों को साइबर हाइजीन के बारे में शिक्षित करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

अगर कोई दोस्त आपको ऐसा लिंक भेजता है, तो उसे खोलने की बजाय उसे डिलीट करने को कहें। उसे समझाएं कि यह उसके फोन और डेटा के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। जागरूकता फैलाने से ही इस चेन को तोड़ा जा सकता है।

क्या करें अगर आप लिंक पर क्लिक कर चुके हैं?

अगर आपने गलती से “पार्ट 2” के किसी लिंक पर क्लिक कर दिया है और कोई फाइल डाउनलोड हो गई है, तो तुरंत एक्शन लें। सबसे पहले अपने फोन का इंटरनेट डेटा और वाई-फाई बंद करें। फोन को ‘एयरप्लेन मोड’ पर डाल दें ताकि हैकर्स आपके डिवाइस से संपर्क न कर सकें।

इसके बाद, सेटिंग्स में जाकर उस संदिग्ध ऐप को खोजें और अनइंस्टॉल करें। कई बार ये ऐप्स छिप जाते हैं, इसलिए पूरी लिस्ट चेक करें। सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि आप अपने फोन को फैक्ट्री रीसेट कर दें। इससे सारा डेटा मिट जाएगा लेकिन वायरस भी खत्म हो जाएगा।

अपने बैंक को सूचित करें और अपने कार्ड्स को ब्लॉक करवाएं। अपने ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से बदलें। साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करना न भूलें।

निष्कर्ष: अपनी सुरक्षा अपने हाथ

अंत में, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि 19 मिनट हो या 40 मिनट, या फिर कोई “पार्ट 2”, यह सब एक डिजिटल मृगतृष्णा है। इस Viral Video के पीछे भागने का मतलब है अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाना। साइबर अपराधी आपकी एक गलती का इंतजार कर रहे हैं।

इंटरनेट का इस्तेमाल समझदारी से करें। सनसनीखेज खबरों की पुष्टि विश्वसनीय स्रोतों से करें। अपनी जिज्ञासा को अपने विवेक पर हावी न होने दें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और डिजिटल दुनिया के खतरों से बचे रहें।

Related Disclaimer : यह समाचार लेख गहन शोध और पुलिस एडवाइजरी पर आधारित है। हमारा उद्देश्य पाठकों को ऑनलाइन स्कैम, मैलवेयर और कानूनी खतरों के प्रति जागरूक करना है। हम किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री या Viral Video के प्रसार का समर्थन नहीं करते।

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