
Dhanteras 2025 पर पूरे भारत में बाजारों में भारी रौनक देखी जा रही है। यह वह दिन है जब हर गली, हर मार्केट और हर शोरूम में चकाचौंध फैली होती है। दिवाली की शुरुआत के इस पावन पर्व पर लोग धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं, और परंपरागत रूप से सोना, चांदी, वाहन, व बर्तन खरीदने का शुभ मुहूर्त मानते हैं|
धनतेरस 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त :-
धनतेरस या धनत्रयोदशी इस वर्ष 18 अक्टूबर शनिवार को मनाई जा रही है। पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि का आरंभ दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर हुआ है और यह 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। पूजन का शुभ समय शाम 7:16 बजे से 8:20 बजे तक रहेगा, जब माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. त्योहार का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्वधनतेरस का विशेष महत्व यह माना जाता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं और अपने साथ धन, सौभाग्य और समृद्धि लेकर आई थीं। इस कारण इस दिन को धन की प्राप्ति और नए निवेश के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। लोग इस दिन अपनी आयु और संपत्ति की रक्षा के लिए धन्वंतरि भगवान तथा यमराज की भी पूजा करते हैं, जिन्हें आयु और स्वास्थ्य के देवता कहा गया है.
बाजारों में छाई रौनक :-
देशभर के प्रमुख बाजार जैसे दिल्ली का चांदनी चौक, मुंबई का झवेरी बाजार, जयपुर का जोहरी बाजार और कोलकाता का न्यू मार्केट आज सुबह से ही लोगों की भीड़ से गुलजार हैं। दीपों की जगमगाहट, मिठाइयों की खुशबू और खरीदारी के उत्साह ने माहौल को पूरी तरह त्योहारमय बना दिया है.ज्यादातर लोगों की पहली पसंद सोना और चांदी ही है। हालांकि, इस वर्ष रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची कीमतों के बावजूद लोग खरीदारी से पीछे नहीं हट रहे हैं। चंडीगढ़, जयपुर, इंदौर और पटना जैसे शहरों में कारोबारियों ने बताया कि छोटी मात्रा में ही सही, लेकिन खरीदारों की संख्या अधिक है — यानी खरीदी की परंपरा जीवंत है.
सोना-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल:-
2025 में सोना और चांदी की कीमतों ने बीते सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस समय भारत में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,27,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,88,000 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच चुकी है। वैश्विक स्तर पर सोने का भाव 4,300 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक चला गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 58% अधिक है। यह उछाल भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति और अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती जैसे कारकों से प्रेरित है.साथ ही, औद्योगिक मांग के कारण चांदी की खरीद में भी जबरदस्त इज़ाफ़ा देखा जा रहा है। देश के कई स्थानों पर चांदी के सिक्के और बर्तन की कमी तक देखने को मिली है, जिससे पता चलता है कि निवेश की दृष्टि से भी लोग इस धातु पर भरोसा जता रहे हैं.
धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं:-
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं को खरीदना बहुत शुभ माना गया है। इनमें सोना-चांदी के सिक्के, नए बर्तन, झाड़ू, दीपक, नई मशीनें और धन्वंतरि भगवान की मूर्ति शामिल हैं। वहीं, लोहे, काले रंग की वस्तुएं या टूटी-फटी चीजें खरीदने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा का संकेत मानी जाती हैं.
आर्थिक दृष्टि से Dhanteras का प्रभाव:-
सोने-चांदी और अन्य वस्तुओं की जोरदार बिक्री से भारतीय अर्थव्यवस्था में भी त्योहारों का सकारात्मक असर देखा जा रहा है। ज्वेलरी बिजनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर, गृह सज्जा एवं FMCG उद्योग में बिक्री कई गुना बढ़ गई है। बैंकों और डिजिटल पेमेंट प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी ट्रांजैक्शन रेट में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। भारत में त्योहारों का यह मौसम अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े उपभोक्ता आंदोलनों में से एक बन गया है.लोगों में अपार उमंग और आशालोगों में इस दिन को लेकर गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिलता है। बुजुर्ग परिवारों में लक्ष्मी पूजन के बाद छोटे बच्चों को सिक्के और मिठाई बांटने की परंपरा निभाई जा रही है। वहीं युवा वर्ग आधुनिक अंदाज़ में ऑनलाइन गोल्ड कॉइन, डिजिटल गोल्ड और गिफ्ट कार्ड्स खरीद रहे हैं, जिससे पारंपरिक उत्सव डिजिटल युग में भी प्रासंगिक बना हुआ है.
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