15 दिसंबर की सुबह यात्रियों के लिए नई उम्मीद लेकर आई। चार दिनों तक उड़ानों के रद्द होने और डायवर्ट होने के बाद आखिरकार हवाई सेवा फिर से पटरी पर लौट आई है। हजारों यात्री जो दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जाने के लिए हताश होकर एयरपोर्ट के चक्कर काट रहे थे, उनके चेहरों पर आज राहत की मुस्कान है।
लेकिन खुशियों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमता। उड़ानों की बहाली के साथ ही एक और ऐसी खबर आई है जिसका इंतजार पिछले तीन साल से पूरा मिथिलांचल कर रहा था। एयरपोर्ट के विस्तार और नाइट लैंडिंग सुविधा के रास्ते में जो सबसे बड़ा रोड़ा अटका हुआ था, वह अब हट गया है।
आज की इस विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि पिछले चार दिनों में यात्रियों ने किस तरह की मुसीबतों का सामना किया, आज का फ्लाइट शेड्यूल कैसा रहा और वह कौन सी बड़ी खुशखबरी है जो अब रात में भी विमानों को उतरने की इजाजत देगी।
अगर आप भी आने वाले दिनों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी गाइड से कम नहीं है।
कोहरे का कहर और 4 दिनों का ‘ब्लैकआउट’
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही उत्तर बिहार में कोहरे का प्रकोप शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार हालात कुछ ज्यादा ही खराब हो गए थे। 10 दिसंबर से लेकर 14 दिसंबर तक Darbhanga Airport पर विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम हो गई थी कि एक भी विमान उतरने की स्थिति में नहीं था।
रनवे पर विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई थी, जबकि सुरक्षित लैंडिंग के लिए कम से कम 1200 से 1600 मीटर की विजिबिलिटी चाहिए होती है।
इसके चलते स्पाइसजेट और इंडिगो की लगभग सभी उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। जो इक्का-दुक्का उड़ानें आईं भी, उन्हें हवा में चक्कर काटने के बाद पटना या कोलकाता डायवर्ट कर दिया गया।
एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। कई यात्री तो एयरपोर्ट के वेटिंग एरिया में ही रात गुजारने को मजबूर थे। सोशल मीडिया पर यात्रियों का गुस्सा फूटा और उन्होंने एयरलाइंस पर सही जानकारी न देने का आरोप लगाया।
आज का नजारा: रनवे पर लौटी रौनक
आज, 15 दिसंबर को जैसे ही सूर्य देव ने दर्शन दिए और पछुआ हवा चली, कोहरा छंटना शुरू हो गया। सुबह 10 बजे के आसपास विजिबिलिटी में सुधार हुआ और एटीसी (Air Traffic Control) ने उड़ानों को हरी झंडी दे दी। सबसे पहले दिल्ली से आई स्पाइसजेट की फ्लाइट ने जब लैंड किया, तो एयरपोर्ट के बाहर खड़े परिजनों ने राहत की सांस ली।
एयरपोर्ट निदेशक के अनुसार, आज अधिकतर उड़ानें अपने निर्धारित समय से थोड़ी देरी से ही सही, लेकिन संचालित हो रही हैं। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से आने वाले विमानों का आगमन शुरू हो चुका है।
एयरलाइंस कंपनियों ने बैकलॉग को क्लियर करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सुरक्षा जांच और चेक-इन काउंटरों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, लेकिन प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
नाइट लैंडिंग का रास्ता साफ: मिली अहम NOC
उड़ानों की बहाली से भी बड़ी खबर एयरपोर्ट के विकास को लेकर है। Darbhanga Airport पर नाइट लैंडिंग फैसिलिटी (Night Landing Facility) शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा रनवे के पास बना एक बांध था।
यह बांध जल संसाधन विभाग के अधीन आता था और इसकी ऊंचाई के कारण इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) सही से काम नहीं कर पा रहा था।
ताजा अपडेट के मुताबिक, जल संसाधन विभाग ने आखिरकार इस बांध की ऊंचाई कम करने और मिट्टी हटाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया है। यह एक बहुत बड़ी जीत है। अब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) तेजी से कैट-2 (CAT-II) लाइटिंग सिस्टम लगाने का काम पूरा कर सकेगा।
इस एनओसी के मिलने का मतलब है कि रनवे के दोनों छोर पर अब आधुनिक लाइटें लग सकेंगी। इससे न केवल रात में विमान उतर सकेंगे, बल्कि कोहरे के दौरान भी कम विजिबिलिटी में लैंडिंग संभव हो पाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी 2026 तक यह काम पूरा हो जाएगा और दरभंगा से रात की उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी।
54 एकड़ जमीन और नए टर्मिनल का सपना
सिर्फ नाइट लैंडिंग ही नहीं, बल्कि नए टर्मिनल बिल्डिंग का रास्ता भी साफ हो गया है। Darbhanga Airport अभी एक अस्थाई ढांचे (Porta Cabin) से चल रहा है, जो यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में सक्षम नहीं है। राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की गई 54 एकड़ जमीन पर अब भव्य टर्मिनल भवन का निर्माण शुरू होगा।
इस एनओसी के बाद चहारदीवारी (Boundary Wall) का निर्माण कार्य भी तेज गति से होगा। नए टर्मिनल में आधुनिक सुविधाएं, ज्यादा चेक-इन काउंटर और बड़ा वेटिंग एरिया होगा। इसके अलावा, एप्रन (Apron) का भी विस्तार किया जाएगा ताकि एक साथ 7 से ज्यादा विमान पार्क किए जा सकें। यह विस्तार दरभंगा को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाने की दिशा में पहला कदम है।
टिकटों की मारामारी और किराए में उछाल
चार दिनों तक उड़ानें बंद रहने का सीधा असर अब टिकटों की कीमतों पर दिख रहा है। चूंकि हजारों यात्री अपनी यात्रा पूरी नहीं कर पाए थे, इसलिए अगली उड़ानों में सीटों की भारी कमी हो गई है। Darbhanga Airport से दिल्ली या मुंबई जाने के लिए तत्काल टिकटों के दाम आसमान छू रहे हैं।
ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक, अगले एक हफ्ते तक की सभी सीटें लगभग फुल हैं। जो सीटें बची हैं, उनका किराया 15,000 से 25,000 रुपये तक पहुंच गया है। क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण पहले से ही भीड़ थी, और अब इस व्यवधान ने स्थिति को और खराब कर दिया है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे टिकट बुक करने से पहले कीमतों की तुलना जरूर कर लें।
क्या कोहरा फिर से बनेगा विलेन?
भले ही आज राहत मिली है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए फिर से अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान है कि तापमान में गिरावट के साथ सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है।
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चूंकि अभी तक Darbhanga Airport पर आधुनिक आईएलएस सिस्टम पूरी तरह चालू नहीं हुआ है, इसलिए कम विजिबिलिटी में उड़ानों का संचालन मुश्किल ही रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। सुबह की पहली फ्लाइट और शाम की आखिरी फ्लाइट में व्यवधान की संभावना सबसे ज्यादा रहती है।
यात्रियों के लिए प्रशासन की सलाह
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय से थोड़ा पहले एयरपोर्ट पहुंचें, क्योंकि सुरक्षा जांच में समय लग सकता है। इसके अलावा, जिन यात्रियों की फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं, वे रिफंड या री-शेड्यूलिंग के लिए एयरलाइन के कस्टमर केयर से संपर्क करें।
प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि यात्रियों की सुविधा के लिए टर्मिनल के बाहर अतिरिक्त शेड और बैठने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोहरे के कारण फ्लाइट लेट होने पर उन्हें खुले में न खड़ा रहना पड़े।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 15 दिसंबर का दिन Darbhanga Airport के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। एक तरफ जहां विमानों का परिचालन सामान्य हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का सबसे बड़ा रोड़ा हट गया है।
एनओसी मिलना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में दरभंगा से न केवल दिन में, बल्कि रात में भी उड़ानें भरी जा सकेंगी। हालांकि, कोहरे का खतरा अभी भी बना हुआ है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
Related Disclaimer : यह समाचार रिपोर्ट 15 दिसंबर 2025 की लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और आधिकारिक सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। उड़ानों का संचालन पूरी तरह से मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है। अपनी फ्लाइट की सटीक जानकारी के लिए कृपया संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें।