
भारतीय शेयर बाज़ार में आज, 2 दिसंबर 2025 को, आवास वित्त क्षेत्र (Housing Finance Sector) की दिग्गज कंपनी Bajaj Housing के निवेशकों को एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी का शेयर 9% तक गिरकर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुँच गया है। इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य कारण कंपनी के प्रमोटर बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) द्वारा ब्लॉक डील के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी बेचना है।
Bajaj Housing के लगभग 2.35% इक्विटी शेयर, जिनकी कीमत लगभग ₹1,890 करोड़ थी, इस ब्लॉक डील में बेचे गए हैं। यह गिरावट न केवल Bajaj Housing के शेयरधारकों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह बताता है कि नियमों का पालन करने के लिए किए गए रणनीतिक कदम भी बाज़ार में कितना बड़ा भूचाल ला सकते हैं।
1. Bajaj Housing में 9% की गिरावट क्यों आई? ब्लॉक डील का असर
Bajaj Housing के स्टॉक में आई इस तेज गिरावट का कारण प्रमोटर बजाज फाइनेंस का कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचना है।
न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता नियम: बजाज फाइनेंस के पास Bajaj Housing में 88.70% हिस्सेदारी थी। बाज़ार नियामक के नियमों का पालन करने के लिए, बजाज फाइनेंस ने Bajaj Housing में अपनी 2.35% हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई। भारी छूट: यह ब्लॉक डील ₹97 प्रति शेयर के भाव पर हुई है, जो पिछली क्लोजिंग प्राइस (₹104.59) के मुकाबले लगभग 9% की छूट पर हुई थी। बाज़ार में जब इतनी बड़ी मात्रा में शेयर छूट पर बेचे जाते हैं, तो वह स्टॉक पर भारी बिक्री दबाव बनाता है, जिससे शेयर की कीमत नीचे गिर जाती है। रिकॉर्ड निचला स्तर: इस बिकवाली के कारण, Bajaj Housing का स्टॉक ₹94.90 के 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुँच गया।
2. Bajaj Housing के फंडामेंटल्स और प्रमोटर की प्रतिबद्धता
Bajaj Housing के स्टॉक में गिरावट आने के बावजूद, कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन काफी मजबूत बना हुआ है, जो निवेशकों को एक उम्मीद देता है।
मजबूत वित्तीय नतीजे: सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में Bajaj Housing ने ₹643 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 18% अधिक था। कंपनी का राजस्व भी 14% बढ़कर ₹2,755 करोड़ हो गया। लंबी अवधि की संभावना: कंपनी भारत के आवास वित्त क्षेत्र (HFC) में एक प्रमुख खिलाड़ी है। विश्लेषक मानते हैं कि स्टॉक में आया यह भारी बिकवाली दबाव एक अस्थायी सुधार हो सकता है, लेकिन लंबी अवधि में Bajaj Housing के फंडामेंटल्स मजबूत बने रहेंगे। प्रमोटर की लॉक-अप अवधि: अच्छी बात यह है कि बजाज फाइनेंस ने अब किसी भी और हिस्सेदारी बिक्री के लिए 60 दिन की लॉक-अप अवधि पर सहमति व्यक्त की है।
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