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आपकी EMI पर बड़ा ‘राज़’! दिसंबर में क्यों 5.25% तक जा सकता है RBI Repo Rate?

RBI दिसंबर में Repo Rate में कटौती कर सकता है। Repo Rate घटकर 5.25% तक जाने की संभावना है, जिससे करोड़ों होम लोन ग्राहकों की EMI कम होगी।
Khabar Aangan Published on: 27 नवम्बर 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) दिसंबर की मौद्रिक नीति में क्यों ले सकता है ऐतिहासिक फैसला? जानें Repo Rate घटने से आपकी जेब पर क्या होगा असर!

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भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दिसंबर का महीना एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। बाजार में ऐसे मजबूत संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) आगामी बैठक में Repo Rate (रेपो दर) में बड़ी कटौती कर सकती है। वर्तमान में जो दर 5.50% के आसपास है, वह घटकर 5.25% तक जा सकती है। यह कटौती केवल बैंकों के लिए ही नहीं, बल्कि करोड़ों आम नागरिकों के लिए भी एक बहुत बड़ी खबर है, क्योंकि Repo Rate घटने का सीधा मतलब है आपके होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI का सस्ता होना

RBI के इस संभावित कदम के पीछे देश की अर्थव्यवस्था का दबाव और महंगाई दर पर प्रभावी नियंत्रण है। सरकार और उद्योग जगत लंबे समय से ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रहे थे ताकि बाज़ार में मांग (Demand) बढ़े और निवेश को गति मिल सके। Repo Rate का घटना भारतीय अर्थव्यवस्था की रिकवरी को एक नई ऊर्जा देगा।

1. क्यों दर घटाने पर मजबूर हो रहा है RBI? (अर्थव्यवस्था का दबाव)

RBI हमेशा दो मुख्य लक्ष्यों को देखकर Repo Rate का फैसला लेता है: महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना। वर्तमान आर्थिक आंकड़े दर कटौती के पक्ष में मजबूत संकेत दे रहे हैं।

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  • मुद्रास्फीति (Inflation) पर नियंत्रण: पिछले कुछ महीनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर RBI के लक्ष्य (4%) के दायरे में बनी हुई है। जब महंगाई नियंत्रण में होती है, तो RBI के लिए Repo Rate में कटौती करने का रास्ता खुल जाता है।
  • विकास दर को बढ़ावा: देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की विकास दर अनुमान से धीमी चल रही है। RBI चाहता है कि ब्याज दरें कम हों, ताकि बैंक और उद्योग अधिक ऋण लें और बाज़ार में अधिक पैसा आए। इससे खपत (Consumption) और निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
  • वैश्विक रुझान: दुनिया के कई केंद्रीय बैंक (जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व) भी अब दरों को स्थिर रखने या कटौती करने की ओर देख रहे हैं। ऐसे में, भारतीय Repo Rate में कटौती करना वैश्विक वित्तीय रुझानों के अनुरूप होगा।

2. 5.25% Repo Rate का आम आदमी पर सीधा असर क्या होगा?

Repo Rate का मतलब वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को पैसा देता है। जब Repo Rate घटता है, तो बैंकों को पैसा सस्ता मिलता है, और वे इस लाभ को ग्राहकों तक पहुँचाते हैं।

  • EMI होगी कम: यह सबसे बड़ा फायदा है। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की दरें सीधे तौर पर कम हो जाएंगी। यदि आपने External Benchmark Lending Rate (EBLR) से जुड़ा लोन लिया है, तो आपकी EMI तुरंत कम हो जाएगी।
  • नए लोन सस्ते: जो लोग घर या गाड़ी खरीदने का मन बना रहे हैं, उनके लिए लोन लेना अब सस्ता हो जाएगा, जिससे अचल संपत्ति (Real Estate) और ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग बढ़ेगी।
  • बचत पर असर: हालाँकि, इसका एक नकारात्मक पक्ष भी है। Repo Rate घटने से बैंक जमा राशि (FD और बचत खाते) पर मिलने वाले ब्याज दर को भी कम कर सकते हैं, जिससे बचत करने वाले वरिष्ठ नागरिकों और निश्चित आय वाले लोगों पर असर पड़ेगा।

3. MPC की बैठक: किन चुनौतियों पर होगी चर्चा?

RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में Repo Rate कटौती का फैसला लेने से पहले कुछ बड़ी चुनौतियों पर गहन चर्चा होगी।

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