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Bank Merger 2.0: भारतीय बैंकिंग में एक नया युग

Bank Merger 2.0 भारत सरकार का दूसरा बड़ा बैंकिंग सुधार है जिसका लक्ष्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और कुशल बनाना है। यह विलय प्रक्रिया NPA को कम करने, पूंजी संरचना को मजबूत करने और डिजिटल बैंकिंग को एकीकृत करने पर केंद्रित है।
Tejas Bhagat Published on: 1 नवम्बर 2025
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भारत का बैंकिंग क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि सरकार ने “Bank Merger 2.0” की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ विकास, डिजिटल परिवर्तन और व्यापक वित्तीय समावेशन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इस निर्णय को भारतीय वित्तीय ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।


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💡 Bank Merger 2.0 क्या है?

Bank Merger 2.0 भारत सरकार की दूसरी चरण की बैंक विलय प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) को अधिक सक्षम, स्थिर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

  • पहला चरण: 2019-2020 में हुआ, जिसमें 10 बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंक बनाए गए, जिससे देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह गई।
  • वर्तमान लक्ष्य: दूसरे चरण का लक्ष्य बैंकिंग ढांचे को और सरल, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार बनाना है, जिसमें बैंकों की संख्या को घटाकर 6-8 बड़े बैंकों तक लाना शामिल है।

🎯 Bank Merger 2.0 का उद्देश्य

Bank Merger 2.0 का मुख्य उद्देश्य अगले दस वर्षों के लिए भारतीय बैंकिंग प्रणाली को मजबूत आधार प्रदान करना है। इसके प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं:

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  • पूंजी संरचना: पूंजी संरचना और बैलेंस शीट को मजबूत बनाना
  • दक्षता और लागत: संचालन में दक्षता लाना और लागत घटाना
  • ऋण देने की क्षमता: ऋण देने की क्षमता को बढ़ाना (क्रेडिट ग्रोथ)।
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा: ऐसे भारतीय बैंक बनाना जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
  • संसाधन का दोहराव: शाखाओं और संसाधनों के दोहराव को खत्म करना।

सरकार का यह कदम 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


🔄 पहला चरण: अनुभव और सीख

पहले चरण के बैंक विलय से कई सकारात्मक परिणाम मिले, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी सामने आईं।

विलय के उदाहरणपरिणाम
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक के साथ विलय)लाभप्रदता और कार्यकुशलता में सुधार।
पंजाब नेशनल बैंक (ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के साथ विलय)तकनीकी और प्रशासनिक एकीकरण में शुरुआती कठिनाइयाँ, बाद में सुधार।

इस अनुभव से सरकार को अब बेहतर ढंग से दूसरी प्रक्रिया को लागू करने की सीख मिली है।

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