Suchna Se Sacchai Tak
CATEGORIES
IN FOCUS
Advertisement
  1. Home
  2. India
  3. भारत का पहला कार्बन-तटस्थ स्मार्ट शहर: ‘धोलेरा हरित नगर’ की आधारशिला रखी गई

भारत का पहला कार्बन-तटस्थ स्मार्ट शहर: ‘धोलेरा हरित नगर’ की आधारशिला रखी गई

भारत का पहला कार्बन-तटस्थ स्मार्ट शहर: ‘धोलेरा हरित नगर’ की आधारशिला रखी गई

Khabar Aangan Published on: 2 अप्रैल 2026
Advertisement

गांधीनगर, 2 अप्रैल 2026: भारत ने आज सतत शहरी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के ढोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) में देश के पहले पूर्ण कार्बन-तटस्थ स्मार्ट शहर, ‘धोलेरा हरित नगर’ की आधारशिला रखी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना 2035 तक पूर्ण होने का लक्ष्य रखती है और भारत को वैश्विक पटल पर हरित और स्मार्ट शहरीकरण के एक अग्रणी मॉडल के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है।

एक भव्य समारोह में, प्रधानमंत्री ने ‘धोलेरा हरित नगर’ को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्न का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक शहर नहीं है, यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक विरासत है, एक ऐसा उदाहरण है कि कैसे विकास और पर्यावरण एक साथ चल सकते हैं।

RECOMMEND FOR YOU SPONSORED

‘धोलेरा हरित नगर’ हमें दिखाएगा कि आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ प्रकृति का संरक्षण भी संभव है।” इस परियोजना में लगभग 75,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश अनुमानित है, जिसमें सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की भागीदारी होगी।

Advertisement

‘धोलेरा हरित नगर’ को 8,000 एकड़ के विशाल क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिसमें 100% नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता सुनिश्चित की जाएगी। शहर की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक वृहद सौर ऊर्जा पार्क और पवन ऊर्जा फार्म स्थापित किए जाएंगे।

एक उन्नत स्मार्ट ग्रिड प्रणाली ऊर्जा के कुशल वितरण और उपभोग की निगरानी करेगी। शहरी विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारा लक्ष्य इस शहर में शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करना है। इसके लिए, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा, और एक अत्याधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली विकसित की जाएगी, जो पूरी तरह से स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित होगी।”

परियोजना की एक और महत्वपूर्ण विशेषता इसका एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल है। ‘धोलेरा हरित नगर’ में ‘शून्य अपशिष्ट लैंडफिल’ (zero waste to landfill) का लक्ष्य रखा गया है, जहां सभी अपशिष्ट को ऊर्जा में परिवर्तित किया जाएगा या पुनर्चक्रित किया जाएगा।

Leave a Comment

Read More

WELCOME TO KHABAR AANGANSuchna Se Sacchai Tak