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बिहार में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर मची भारी रार! BJP ने Shivraj Singh Chouhan को बनाया पर्यवेक्षक, कल पटना में होगी निर्णायक बैठक

बिहार में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर मची भारी रार! BJP ने Shivraj Singh Chouhan को बनाया पर्यवेक्षक, कल पटना में होगी निर्णायक बैठक

Ashutosh Kumar Jha Published on: 12 अप्रैल 2026
बिहार में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर मची भारी रार! BJP ने Shivraj Singh Chouhan को बनाया पर्यवेक्षक, कल पटना में होगी निर्णायक बैठक
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पटना | 12 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में इस वक्त एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक भूचाल आया हुआ है। बिहार में अगले मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पिछले कई हफ्तों से जो सस्पेंस बना हुआ था, वह अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।

दिल्ली में बैठे केंद्रीय नेतृत्व ने इस उलझी हुई सियासी गुत्थी को सुलझाने के लिए अपने सबसे अनुभवी और दिग्गज नेता Shivraj Singh Chouhan को मैदान में उतारा है। उन्हें बिहार BJP विधायक दल की बैठक के लिए आधिकारिक तौर पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

बिहार की सियासत में Shivraj Singh Chouhan की एंट्री के क्या हैं असली मायने?

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्र के कद्दावर नेता Shivraj Singh Chouhan को पर्यवेक्षक बनाकर भेजना यह साफ संकेत देता है कि BJP इस बार बिहार में कोई बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लेने के मूड में है। उन्हें विधायक दल की बैठक का पूरा प्रबंधन करने और सभी विधायकों की व्यक्तिगत राय जानकर केंद्रीय नेतृत्व को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

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बिहार की राजनीति में अक्सर मुख्यमंत्री पद को लेकर NDA के भीतर खींचतान की खबरें आती रही हैं। ऐसे में एक मंझे हुए और शांत स्वभाव के राजनेता के तौर पर उनकी भूमिका इस बार बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि उनकी यह रिपोर्ट ही तय करेगी कि आने वाले समय में प्रदेश की सत्ता का असली केंद्र कौन होगा।

CM Face के लिए आखिर क्यों बढ़ गई है इतनी ज्यादा सियासी हलचल?

बिहार विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद अब हर पार्टी अपनी भविष्य की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। बिहार की आम जनता और राजनीतिक गलियारों में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार NDA की तरफ से प्रदेश का नेतृत्व किसके पास होगा। क्या पार्टी पुराने चेहरों पर ही दांव लगाएगी या फिर किसी नए नेतृत्व को मौका देगी।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि विधायकों का एक बहुत बड़ा वर्ग इस बार किसी नए, ऊर्जावान और युवा चेहरे को मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहता है। यही मुख्य वजह है कि पर्यवेक्षक की नियुक्ति के बाद से ही पटना के राजभवन से लेकर मौर्य होटल तक धड़कनें तेज हो गई हैं। कल होने वाली बैठक में विधायकों के साथ व्यक्तिगत चर्चा होने की भी पूरी संभावना है ताकि किसी भी तरह की आंतरिक कलह से बचा जा सके।

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