दरभंगा | 15 अगस्त 2026: बिहार के मिथिलांचल और विशेषकर दरभंगा के विकास को एक नई और तेज रफ्तार मिलने वाली है। लंबे समय से प्रतीक्षित दरभंगा एयरपोर्ट लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अर्जन निदेशालय ने इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के बहुप्रतीक्षित मूल्यांकन प्रस्ताव को अपनी अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस पूरी प्रक्रिया के तहत प्रस्तावित दरभंगा एयरपोर्ट लॉजिस्टिक पार्क के लिए कुल 40.1043 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। भू-अर्जन विभाग ने इस जमीन और उस पर मौजूद परिसंपत्तियों के लिए कुल 156.27 करोड़ रुपये की भारी-भरकम मुआवजा राशि भी तय कर दी है। इस बड़े और अहम फैसले के बाद अब जल्द ही प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों को उनके हक का पैसा मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे विकास कार्य गति पकड़ेंगे।
प्रशासनिक स्तर पर मुआवजा राशि के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद अब कार्गो हब के निर्माण की मुख्य बाधा दूर हो गई है। दरभंगा एयरपोर्ट लॉजिस्टिक पार्क के चालू होने से न केवल उत्तर बिहार बल्कि नेपाल सीमा तक माल ढुलाई की बेहतरीन और फास्ट सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे पूरे मिथिलांचल क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और लॉजिस्टिक गतिविधियों का एक नया और बेहद मजबूत नेटवर्क स्थापित होगा।
बेला नवादा मौजा में जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह महत्वपूर्ण अधिग्रहण सदर दरभंगा अंचल के अंतर्गत आने वाले बेला नवादा मौजा में किया जा रहा है। इस इलाके का थाना संख्या 518 है, जहां 40.1043 एकड़ भूमि को चिन्हित कर अधिग्रहण की प्रशासनिक प्रक्रिया बहुत तेजी से पूरी की जा रही है। इस परियोजना के लिए अधियाची विभाग के रूप में सचिव, सिविल विमानन विभाग, हवाई अड्डा, पटना को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दरभंगा एयरपोर्ट लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना के लिए भू-अर्जन वाद संख्या 47/2025-26 के तहत कानूनी प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया एकदम पारदर्शी हो और किसी भी रैयत (जमीन मालिक) को कोई आर्थिक नुकसान न हो। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और आम लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
कृषि और आवासीय भूमि का अलग-अलग मूल्यांकन
विभागीय मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, अधिग्रहित की जाने वाली कुल 40.1043 एकड़ जमीन में से 3.64 एकड़ जमीन पूरी तरह से कृषि योग्य भूमि के रूप में दर्ज है। इस कृषि भूमि का निर्धारित मूल बाजार मूल्य 30 लाख रुपये प्रति एकड़ रखा गया है, जिस पर नियमानुसार 1.25 का विशेष गुणक (Multiplier) लागू किया गया है। इसके बाद यह दर 37.50 लाख रुपये प्रति एकड़ हो जाती है, जिससे कुल कृषि भूमि का मूल्य करीब 1.365 करोड़ रुपये आंका गया है।
वहीं दूसरी तरफ, इस परियोजना में सबसे बड़ा हिस्सा आवासीय श्रेणी की भूमि का है, जिसका कुल रकबा 36.4643 एकड़ निर्धारित किया गया है। आवासीय भूमि का मूल बाजार मूल्य 1.62 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है, जिस पर 1.25 का गुणक लगाने के बाद यह सीधे 2.025 करोड़ रुपये प्रति एकड़ हो जाता है। इस सटीक गणित के आधार पर कुल आवासीय भूमि का मूल्य लगभग 73.84 करोड़ रुपये आंका गया है, जो किसानों के लिए एक बहुत बड़ी राशि है।
मकान और कुआं जैसी परिसंपत्तियों का भी होगा भुगतान
दरभंगा एयरपोर्ट लॉजिस्टिक पार्क के अधिग्रहण क्षेत्र में केवल खाली जमीन ही नहीं, बल्कि कई मकान, कुएं और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाएं भी मौजूद हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमीन के साथ-साथ इन परिसंपत्तियों का भी उचित और बाजार आधारित मूल्यांकन करके प्रभावितों को पूरा मुआवजा दिया जाएगा। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, अधिग्रहण क्षेत्र में मौजूद मकानों और अन्य संरचनाओं का कुल मूल्य 80,74,914 रुपये निर्धारित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, इलाके में मौजूद कुएं या बोरिंग का मूल्य भी 1,80,000 रुपये आंका गया है, जिससे इन सभी परिसंपत्तियों का कुल मूल्य 82,54,914 रुपये हो जाता है। यदि हम जमीन (करीब 75.20 करोड़) और परिसंपत्तियों (करीब 82.54 लाख) को मिला दें, तो अधिग्रहण की मूल राशि लगभग 76.03 करोड़ रुपये बैठती है। इस मूल राशि पर अन्य सभी सरकारी लाभ (Solatium) और भत्ते जोड़कर अंतिम मुआवजा राशि 156.27 करोड़ रुपये तय की गई है।
लॉजिस्टिक पार्क से आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
दरभंगा एयरपोर्ट ने यात्री उड़ानों के मामले में पहले ही पूरे देश में अपनी एक अलग और बेहद सफल पहचान बना ली है, जिससे आवाजाही आसान हुई है। अब दरभंगा एयरपोर्ट लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण से यहां से व्यावसायिक माल की ढुलाई भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत आसानी से संभव हो सकेगी। इससे मिथिलांचल के विश्व प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों जैसे मखाना, रसीले आम और मछली को देश के बड़े बाजारों तक बहुत कम समय में पहुंचाया जा सकेगा।
नया कार्गो हब बनने से इस पूरे इलाके में वेयरहाउसिंग, आधुनिक पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े सैकड़ों नए सहायक उद्योगों की शुरुआत होगी। इसके परिणामस्वरूप हजारों स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के शानदार अवसर पैदा होंगे, जिससे रोजगार के लिए होने वाले पलायन पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी। कुल मिलाकर, यह लॉजिस्टिक पार्क पूरे उत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होने वाला है, जिसका सीधा और बड़ा फायदा आम जनता को मिलेगा।
भविष्य की व्यावसायिक उड़ान और मिथिलांचल का सपना
उत्तर बिहार के व्यापारियों और छोटे उद्यमियों के लिए दरभंगा एयरपोर्ट लॉजिस्टिक पार्क किसी बड़े और सुनहरे सपने के साकार होने जैसा है। आज तक स्थानीय व्यापारियों को अपने माल की तेज और सुरक्षित आपूर्ति के लिए पटना या अन्य राज्यों के बड़े शहरों पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब स्थानीय स्तर पर एक अत्याधुनिक कार्गो हब के विकास से उनके समय और भारी परिवहन लागत दोनों की बहुत बचत होगी।
इस लॉजिस्टिक पार्क के पूरी तरह विकसित होने के बाद बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां और कूरियर सेवाएं भी दरभंगा में अपने बड़े हब स्थापित करने के लिए आकर्षित होंगी। इससे स्थानीय बाजार का सीधा जुड़ाव ग्लोबल सप्लाई चेन से हो जाएगा, जो बिहार के पूरे औद्योगिक और व्यावसायिक परिदृश्य को सकारात्मक रूप से बदल कर रख देगा। राज्य सरकार का यह त्वरित कदम साबित करता है कि वह दरभंगा को पूर्वी भारत का एक प्रमुख आर्थिक केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ होने के बाद अब जल्द ही निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया और जमीनी कार्य की शुरुआत होने की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने भी सभी जमीन मालिकों से अपील की है कि वे विकास के इस बड़े महायज्ञ में अपना पूरा सहयोग दें ताकि प्रक्रिया में कोई कानूनी अड़चन या देरी न हो। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए भू-अर्जन विभाग द्वारा विशेष कैंप लगाने की भी योजना बनाई जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह विस्तृत समाचार रिपोर्ट और इसमें दी गई सभी वित्तीय जानकारियां ‘खबर आंगन’ की संपादकीय टीम द्वारा भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार के भू-अर्जन संबंधी आधिकारिक दस्तावेजों और सार्वजनिक अधिसूचनाओं के आधार पर तैयार की गई हैं। ‘खबर आंगन’ एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार मीडिया मंच है, जिसका एकमात्र उद्देश्य प्रामाणिक आंकड़ों के साथ आम जनता तक विकास योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाना है। किसी भी कानूनी संदर्भ या आधिकारिक दावे के लिए संबंधित विभाग की अंतिम अधिसूचना ही मान्य होगी।
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