मांड्या | 15 अगस्त 2026: कर्नाटक के मांड्या जिले से ‘वीआईपी कल्चर’ की एक ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक में भारी आक्रोश भर दिया है। सत्ता के अहंकार में चूर होकर तुमकुरु ग्रामीण के बीजेपी विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या ने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया।
यह घटना उस वक्त हुई जब महिला पुलिस अधिकारी केवल भीड़ को नियंत्रित करने का अपना फर्ज निभा रही थीं। आम जनता जहां घंटों लाइन में लगकर भगवान के दर्शन का इंतजार करती है, वहीं ऐश्वर्या को चंद मिनटों का इंतजार भी नागवार गुजरा। सत्ता की हनक और रसूख का यह सीधा प्रदर्शन आम नागरिकों के मुंह पर भी एक तमाचा है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरी दुर्भाग्यपूर्ण घटना मांड्या जिले के श्रीरंगपटना तालुक स्थित प्रसिद्ध आरती उक्कड़ा मारम्मा मंदिर में 12 अगस्त को घटी। उस दिन भीम अमावस्या का पावन अवसर था, जिसके चलते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा हुआ था। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए थे।
वीआईपी दर्शन को लेकर शुरू हुआ था विवाद
सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मांड्या महिला थाने की सब-इंस्पेक्टर (एसआई) सविता पाटिल को गर्भगृह के पास तैनात किया गया था। एसआई सविता अपनी टीम के साथ यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही थीं कि सभी भक्तों को शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन का लाभ मिल सके। इसी दौरान ऐश्वर्या वहां अपने दो बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पहुंच गईं।
बताया जा रहा है कि ऐश्वर्या, जिनकी शादी एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) से हुई है, ने गर्भगृह में तुरंत प्रवेश की मांग की। एसआई सविता ने स्थिति की गंभीरता और भीड़ के दबाव को देखते हुए उनसे विनम्रतापूर्वक केवल दो मिनट इंतजार करने का अनुरोध किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतार में बहुत सारे आम भक्त लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
सविता ने ऐश्वर्या को यह भी समझाया कि अगर उन्हें तुरंत अंदर जाने दिया गया, तो लाइन में लगे श्रद्धालु उग्र हो सकते हैं और विरोध प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं। लेकिन, विधायक की बेटी को पुलिस अधिकारी की यह जायज बात बिल्कुल भी पसंद नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर सब-इंस्पेक्टर के अधिकार पर ही सवाल उठाना शुरू कर दिया।
सादे कपड़ों में अधिकारी को देख भड़का ऐश्वर्या का गुस्सा
बातचीत के दौरान ऐश्वर्या ने खुद को सत्ताधारी दल के विधायक की बेटी बताते हुए तीखी बहस शुरू कर दी और अपना रुतबा दिखाने लगीं। इसी बीच, सादे कपड़ों में ड्यूटी कर रहीं सर्किल इंस्पेक्टर लक्ष्मी वहां पहुंचीं और गर्भगृह की ओर चली गईं। इस बात को देखकर विधायक की बेटी का गुस्सा और भी ज्यादा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
ऐश्वर्या ने तुरंत एसआई सविता से सवाल किया कि आखिर उस महिला अधिकारी को बिना लाइन के अंदर क्यों जाने दिया गया और उन्हें क्यों रोका जा रहा है। सविता ने बहुत ही शांति से जवाब दिया कि लक्ष्मी एक सर्किल इंस्पेक्टर हैं और वह मंदिर के अंदर अपनी आधिकारिक ड्यूटी निभाने के लिए गई हैं। लेकिन यह तथ्यात्मक जवाब भी उनके गुस्से को शांत नहीं कर पाया।
सरेआम महिला पुलिस अधिकारी पर उठाया हाथ
विवाद तब और अधिक भड़क गया जब ऐश्वर्या ने अपना आपा पूरी तरह से खो दिया और अपशब्दों का प्रयोग करना शुरू कर दिया। अन्य पुलिसकर्मियों और सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में उन्होंने एसआई सविता के चेहरे पर एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने सरेआम पुलिस अधिकारी का करियर बर्बाद करने की धमकी भी दे डाली।
इस हिंसक और अप्रत्याशित कृत्य के बाद, सब-इंस्पेक्टर सविता पाटिल ने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए मांड्या महिला पुलिस स्टेशन में ऐश्वर्या के खिलाफ औपचारिक रूप से एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस महकमे में इस घटना को लेकर काफी रोष देखा गया और तुरंत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, क्रॉस-कंप्लेंट भी सामने आई
शिकायत के आधार पर क्याथनहल्ली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने ऐश्वर्या के खिलाफ लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग करने सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 132, 115(2), 352 और 351(2) जैसी सख्त धाराएं शामिल हैं।
यह धाराएं सरकारी काम में बाधा डालने, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी देने से संबंधित हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस मामले की पूरी गंभीरता के साथ निष्पक्ष जांच की जा रही है। लेकिन, इस पूरे घटनाक्रम ने एक और नया मोड़ तब ले लिया जब एक क्रॉस-कंप्लेंट सामने आई।
खुद को कानूनी पचड़े में घिरता देख ऐश्वर्या ने भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ एक जवाबी शिकायत दर्ज करा दी है। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि एसआई सविता ने ही उनके साथ दुर्व्यवहार किया और सबसे पहले अपशब्दों का प्रयोग किया था। मांड्या की पुलिस अधीक्षक (SP) वीजे शोभारानी ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों शिकायतों की गहन जांच चल रही है।
विधायक पिता ने मांगी माफी, विभागीय जांच की मांग
विवाद के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर खबर के वायरल होने के बाद, विधायक बी सुरेश गौड़ा को मीडिया के सामने आना पड़ा। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पूरी घटना को लेकर खेद व्यक्त किया है। विधायक ने कहा कि यदि उनकी बेटी ऐश्वर्या ने वास्तव में कोई गलती की है, तो वह उसके लिए सरेआम माफी मांगने को तैयार हैं और कानून अपना काम करेगा।
विधायक गौड़ा ने यह भी तर्क दिया कि उनकी बेटी दो छोटे बच्चों के साथ मंदिर गई थी और बच्चों के परेशान होने की वजह से उसने जल्दी दर्शन की गुजारिश की थी। उन्होंने दावा किया कि जब किसी और को अंदर जाने दिया गया, तो उनकी बेटी का स्वाभाविक रूप से गुस्सा आ गया होगा। हालांकि, उन्होंने माना कि सार्वजनिक जीवन में ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी उचित नहीं है।
विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि वीआईपी कल्चर को मंदिरों से पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए ताकि सभी भक्तों के साथ एक समान व्यवहार हो सके। लेकिन, उनकी बेटी ऐश्वर्या द्वारा किए गए इस हिंसक कृत्य ने उनकी इन आदर्श बातों पर कई बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज की गई धाराएं काफी सख्त हैं और यदि आरोप साबित होते हैं, तो ऐश्वर्या को गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी काम में बाधा डालना और एक वर्दीधारी लोक सेवक पर हाथ उठाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता, चाहे आरोपी का राजनीतिक बैकग्राउंड कुछ भी क्यों न हो।
इस पूरे प्रकरण ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जनता यह देख रही है कि क्या सत्ता पक्ष के विधायक की बेटी होने के नाते ऐश्वर्या को किसी तरह की वीआईपी छूट दी जाएगी, या फिर कानून वास्तव में सबके लिए समान रूप से काम करेगा। आने वाले दिनों में पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट ही इस बहुचर्चित मामले की अंतिम सच्चाई को सामने लाएगी।
आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।



