दरभंगा | 10 मार्च 2026: कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब अपना शिकंजा पूरी तरह से कसना शुरू कर दिया है। न्यायालय के सख्त रुख के बाद पुलिस किसी भी आरोपी को बख्शने के मूड में नहीं है।
इसी कड़ी में Darbhanga जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नामजद और लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्त के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
मंगलवार को पुलिस बल ने शिवनगर गांव में दबिश देते हुए न सिर्फ सार्वजनिक मुनादी (Public Announcement) की, बल्कि अभियुक्त के पैतृक घर पर न्यायालय का ‘इश्तहार’ (Proclamation Notice) भी चस्पा कर दिया है। ‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क आपको पुलिस की इस पूरी कार्रवाई और इसके कानूनी मायनों की विस्तृत रिपोर्ट दे रही है।
कोर्ट के आदेश पर Darbhanga पुलिस का सख्त एक्शन
कानूनी प्रक्रिया के तहत जब कोई नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से लंबे समय तक दूर रहता है, तो पुलिस न्यायालय से धारा 82/83 (CrPC/BNSS) के तहत इश्तहार और कुर्की की अनुमति मांगती है।
बिरौल थाना कांड संख्या 178/25 के मामले में भी पुलिस ने यही सख्त रुख अख्तियार किया है। इस कांड का मुख्य अभियुक्त सुमन झा उर्फ भुल्ला झा (पिता- जगन्नाथ झा) घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा है।
न्यायालय द्वारा जारी किए गए आदेश के आलोक में बिरौल थाने की पुलिस अवर निरीक्षक (Sub-Inspector) मुन्नी कुमारी के नेतृत्व में पुलिस बल मंगलवार को अभियुक्त के पैतृक आवास शिवनगर गांव पहुंचा और कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया।
ढोल-नगाड़ों और मुनादी के साथ चिपकाया गया इश्तहार
अक्सर देखा जाता है कि पुलिस गुपचुप तरीके से नोटिस चिपकाकर लौट जाती है, लेकिन शिवनगर गांव में पुलिस ने पूरी तरह से विधिवत प्रक्रिया का पालन किया।
एसआई मुन्नी कुमारी की टीम ने ग्रामीणों की भारी उपस्थिति के बीच गांव में ढोल बजाकर सार्वजनिक रूप से मुनादी की। पुलिस ने गांव वालों को मामले की गंभीरता से अवगत कराया और स्पष्ट किया कि कानून से भागना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
मुनादी के पश्चात, अभियुक्त सुमन झा के घर के मुख्य द्वार पर विधिवत घोषणा करते हुए न्यायालय का इश्तहार चस्पा (Paste) किया गया। इस दौरान मौके पर गांव के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित थे, जिन्हें पुलिस की इस पूरी कानूनी प्रक्रिया का गवाह बनाया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई के मुख्य बिंदु
इस पूरी घटना और कानूनी प्रक्रिया को समझने के लिए कुछ अहम जानकारियों पर नजर डालना जरूरी है:
- कांड संख्या: बिरौल थाना कांड सं. 178/25
- मुख्य अभियुक्त का नाम: सुमन झा उर्फ भुल्ला झा
- कार्रवाई का स्थान: शिवनगर गांव, बिरौल (Darbhanga)
- कार्रवाई का नेतृत्व: पुलिस अवर निरीक्षक मुन्नी कुमारी
परिजनों को मिला अल्टीमेटम, नहीं तो छिन जाएगी छत
इश्तहार चिपकाने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस टीम ने अभियुक्त सुमन झा के परिजनों से भी आमने-सामने मुलाकात की।
एसआई मुन्नी कुमारी ने परिजनों को कड़े और स्पष्ट लहजे में निर्देश दिया कि वे अपने बेटे को अविलंब न्यायालय (Court) में आत्मसमर्पण (Surrender) करने के लिए समझाएं।
अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर अभियुक्त अदालत के समक्ष पेश नहीं होता है, तो पुलिस को मजबूरन न्यायालय से अगला आदेश प्राप्त कर ‘कुर्की-जब्ती’ (Property Attachment) की कठोर कार्रवाई शुरू करनी पड़ेगी।
क्या होती है कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया?
कानूनी जानकारों के अनुसार, जब कोई आरोपी इश्तहार के बाद भी सरेंडर नहीं करता है, तो कोर्ट कुर्की-जब्ती का आदेश देता है।
इस प्रक्रिया के तहत पुलिस आरोपी के घर का सारा सामान, दरवाजे, खिड़कियां और यहां तक कि चौखट भी उखाड़ कर जब्त कर लेती है।
बिरौल पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे पिछले काफी समय से इस मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए उसके कई संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रहे थे। जब वह हाथ नहीं आया, तब जाकर न्यायालय के आदेश से यह अंतिम कानूनी चेतावनी जारी की गई है।
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