“मैंने SP और थानेदार को कॉल कर सूचना दी कि Darbhanga में गुंडागर्दी हो रही है। पुलिस आई, तो मैंने खुद उस व्यक्ति को पकड़कर सौंपा, लेकिन थानेदार ने उसे भगा दिया।”
“थानेदार ने आरोपी को छोड़ा, मुझे एफआईआर सिखाने लगा”
मिश्रा का कहना है कि उन्होंने जब एफआईआर दर्ज करने की मांग की, तो थानेदार ने आरोपी को छोड़ दिया और उन्हें एफआईआर दर्ज करने का तरीका सिखाने लगा।
“थानेदार ने कहा, थाने जाकर खुद एफआईआर करो। उसने मुझे प्रक्रिया समझानी शुरू कर दी। अगर एक डीजी रैंक के रिटायर्ड व्यक्ति को थानेदार एफआईआर करना सिखा रहा है, तो आम जनता का क्या होगा?”
उन्होंने डीजीपी विनय कुमार से भी सवाल किया —
“मैं आपको अच्छा अफसर मानता था, लेकिन आपके अधीनस्थ Darbhanga के थानेदार क्या कर रहे हैं? गुंडों को संरक्षण दे रहे हैं और जनता को सिखा रहे हैं कि शिकायत कैसे करें।”
“चुनाव आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग”
मिश्रा ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग, एसपी, डीएम और ऑब्ज़र्वर को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
“जो थानेदार विधायक के इशारे पर भाजपा गुंडों को संरक्षण दे रहा है, ऐसे व्यक्ति के रहते Darbhanga में निष्पक्ष मतदान संभव नहीं। मैंने मांग की है कि उसे निलंबित कर लाइन हाजिर किया जाए।”
उन्होंने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, वे Darbhanga Nagar Thana पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे।
“भाजपा नेताओं के आगमन पर शहर ठप, जनता परेशान”
मिश्रा ने कहा कि भाजपा और एनडीए नेताओं के आगमन के समय पूरा Darbhanga शहर जाम कर दिया जाता है।
“4 नवंबर को मुझे घर से निकलने में चार घंटे लगे। मेरे पैर में चोट थी, फिर भी मुझे पैदल चलना पड़ा। पुलिस जनता को रोक रही थी लेकिन नेताओं के लिए रास्ता खुला था।”
उन्होंने खुद बैरिकेड हटवाने की बात भी कही —
“मैंने पुलिस से कहा, जनता को जाने दो, रास्ता खोलो। नेताओं के लिए सड़कें खाली और जनता के लिए बंद — यह दोहरी नीति है।”
“जनता के साथ अन्याय नहीं सहूंगा”
मिश्रा ने कहा कि उन्होंने दिल्ली तक रिपोर्ट भेजी है और जब तक Darbhanga प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, वे धरना नहीं छोड़ेंगे।
“जहाँ भी पुलिस या प्रशासन गरीबों को दबाने की कोशिश करेगा, वहाँ मैं रहूँगा। जहाँ अपराधी, पुलिस और राजनीति का गठजोड़ आम जनता को सताएगा, वहाँ मैं जनता के साथ खड़ा रहूँगा।”
निष्कर्ष
Darbhanga में यह मामला अब चुनावी माहौल का बड़ा मुद्दा बन गया है।
मिश्रा के आरोपों से प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं।
अब सबकी नज़र चुनाव आयोग और Darbhanga पुलिस की अगली कार्रवाई पर है।
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Darbhanga – Khabar Aangan
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यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और राजनीतिक घटनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल समाचार और विश्लेषण प्रस्तुत करना है। Khabar Aangan किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति का समर्थन नहीं करता।