दरभंगा | 11 मार्च 2026: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन उत्पाद विभाग (Excise Department) भी लगातार उन पर नकेल कसने में जुटा हुआ है। Darbhanga जिले में अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी और बेहद गुप्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
उत्पाद विभाग की एक विशेष टीम ने विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंगलागढ़ मोहल्ले में छापेमारी कर भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई ने इलाके के शराब माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है।
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि यह छापेमारी पूरी तरह से गुप्त रखी गई। स्थानीय विश्वविद्यालय थाने की पुलिस और उनके खुफिया तंत्र को इस कार्रवाई की कानो-कान भनक तक नहीं लग पाई।
गुप्त सूचना पर एक्शन में आया उत्पाद विभाग
‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क को मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग के उच्चाधिकारियों को एक गुप्त और सटीक सूचना मिली थी।
सूचना में साफ तौर पर बताया गया था कि बंगलागढ़ जैसे घनी आबादी वाले मोहल्ले में एक संदिग्ध चार पहिया वाहन के जरिए अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप पहुंचाई गई है।
इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए उत्पाद विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। टीम ने बिना कोई समय गंवाए योजना बनाई और सादे लिबास में निर्धारित स्थान पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर ली।

तलाशी में गाड़ी से निकले शराब के 4 कार्टन
घेराबंदी करने के बाद टीम ने वहां खड़े संदिग्ध चार पहिया वाहन की सघन तलाशी शुरू की। जांच के दौरान उत्पाद विभाग का शक यकीन में बदल गया।
वाहन के अंदर से छिपाकर रखे गए विदेशी शराब के चार कार्टन (Cartons) बरामद हुए। तस्करों ने इस खेप को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए गाड़ी में बेहद शातिराना तरीके से छिपाया हुआ था।
अधिकारियों ने मौके से बरामद इस लग्जरी चार पहिया वाहन को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया। इस संदिग्ध वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर BR1AC-4890 बताया जा रहा है, जो अब जांच का मुख्य केंद्र बन गया है।
स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
यह पूरी कार्रवाई Darbhanga के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के ठीक नाक के नीचे हुई। एक वाहन शराब भरकर मोहल्ले में पहुंच गया, लेकिन स्थानीय गश्ती दल (Patrolling Team) को इसकी कोई खबर नहीं हुई।
स्थानीय पुलिस की इस नाकामी और उत्पाद विभाग की इस गुप्त सफलता ने पूरे पुलिस महकमे में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।
आम लोग और स्थानीय निवासी भी हैरान हैं कि बिना किसी स्थानीय मिलीभगत या घोर लापरवाही के इतनी बड़ी खेप किसी रिहायशी मोहल्ले में कैसे पहुंच सकती है। उत्पाद विभाग का स्थानीय थाने को बिना बताए सीधे कार्रवाई करना भी आपसी अविश्वास की ओर इशारा करता है।

गाड़ी के नंबर (BR1AC-4890) से खुलेगा तस्करों का राज
कार्रवाई पूरी करने के बाद उत्पाद विभाग की टीम बरामद की गई शराब और जब्त वाहन को अपने साथ ले गई। अब इस पूरे मामले की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (Backward and Forward Linkages) की गहन जांच की जा रही है।
विभाग के अधिकारी अब यह पता लगाने में जुट गए हैं कि विदेशी शराब की यह खेप किस राज्य या बॉर्डर से तस्करी कर Darbhanga लाई गई थी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह शराब किसे डिलीवर की जानी थी? परिवहन विभाग (RTO) की मदद से वाहन (BR1AC-4890) के असली मालिक की पूरी कुंडली निकाली जा रही है। अमूमन ऐसे मामलों में तस्कर चोरी की गाड़ियों या फर्जी नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल करते हैं, इसलिए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
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