दरभंगा | 31 मार्च 2026: Darbhanga जिला प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि जिले में एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति है और किसी भी तरह की कोई किल्लत नहीं है। प्रशासन द्वारा आंकड़े जारी कर जनता से पैनिक न करने की अपील की जा रही है। एक जिम्मेदार नागरिक और मीडिया के नाते हम भी प्रशासन के साथ खड़े हैं, लेकिन जब बात जमीनी हकीकत की आती है, तो तस्वीरें कागजी दावों से बिल्कुल उलट नजर आती हैं।
‘खबर आंगन’ की इस एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट में हमने Darbhanga के शिवधारा और पानी टंकी जैसे प्रमुख इलाकों का जायजा लिया। जो दृश्य वहां देखने को मिले, वे चीख-चीख कर यह बता रहे हैं कि यह संकट महज लोगों का ‘पैनिक’ (घबराहट) नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी प्रशासनिक विफलता और कालाबाजारी का बड़ा खेल पनप रहा है।
शिवधारा और पानी टंकी का हाल: शौक से कोई धूप में नहीं खड़ा होता
प्रशासन कह रहा है कि लोग घबराहट में खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन शिवधारा स्थित गैस एजेंसियों के बाहर का वीडियो और नजारा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। लोग अपने खाली सिलेंडरों के साथ घंटों-घंटों तक चिलचिलाती धूप में लंबी-लंबी कतारों में खड़े हैं। कोई भी आम नागरिक अपना काम-धंधा छोड़कर महज शौक से या हल्की सी घबराहट में इतने घंटों तक लाइन में नहीं लगता।
यही हाल Darbhanga के पानी टंकी के पास स्थित पेट्रोल पंप का है। वहां गाड़ियों की इतनी भारी भीड़ है कि पंप का संचालन बार-बार ‘बंद-चालू’ करना पड़ रहा है। पेट्रोल पंपों का इस तरह से रुक-रुक कर चलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सप्लाई चेन में कहीं न कहीं कोई बड़ी बाधा है, जिसे सिर्फ ‘पैनिक’ का नाम देकर नहीं टाला जा सकता।
बिना OTP डिलीवरी का खेल: आखिर कहां जा रही है गैस?
इस पूरे संकट में जो सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मुद्दा सामने आया है, वह है गैस डिलीवरी में चल रहा ‘डिजिटल फर्जीवाड़ा’। Darbhanga के कई उपभोक्ताओं की यह शिकायत है कि उन्होंने 20-25 दिन या महीने भर पहले गैस की बुकिंग की थी, लेकिन अब तक उनका नंबर नहीं आया है।

