दरभंगा | 5 मार्च 2026: होली का त्योहार, जो पूरे देश में भाईचारे और रंग-गुलाल के मिलन का प्रतीक माना जाता है, वह इस बार Darbhanga जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में एक बड़े और हिंसक जातीय बवाल का कारण बन गया। लोरीका गांव में रंग खेलने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष और भारी पथराव में तब्दील हो गया।
स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों की जान बचाने पहुंची डायल 112 की पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में पुलिस का वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गई।
इस अचानक भड़की हिंसा में दोनों गुटों के एक दर्जन से ज्यादा लोग भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल है और प्रशासन ने गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। ‘खबर आंगन’ की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क इस पूरी वारदात की तह तक जाकर आपके लिए यह विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट लेकर आई है।
कैसे शुरू हुआ यह पूरा खूनी विवाद?
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी हिंसक घटना सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के लोरीका गांव की है। बताया जा रहा है कि होली के दिन गांव के ही निवासी अनरजीत सहनी ने अपने परिचित अनिल चौपाल को अपने घर पर रंग खेलने के लिए आमंत्रित किया था।
शुरुआत में माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण था और लोग हंसी-खुशी रंगों का यह त्योहार मना रहे थे। लेकिन तभी वहां अचानक अमरजीत सहनी पहुंच गया, जिसके बाद इस पूरे विवाद की नींव पड़ी। कथित तौर पर अमरजीत सहनी ने अनिल चौपाल को वहां देखते ही भड़क गया और उसने सीधे तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

