नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: कई बार घर और व्यक्तिगत जीवन में परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद मन लगातार परेशान रहता है। छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ने लगता है और व्यक्ति को भीतर से बेचैनी महसूस होती है। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं में कुछ विशेष दिनों पर पूजा-पाठ और साधना को मानसिक शांति से जोड़कर देखा जाता है। 7 सितंबर को अजा एकादशी का व्रत है और इस दिन भगवान विष्णु तथा मां लक्ष्मी की पूजा से जुड़ा एक उपाय बताया गया है।
7 सितंबर को है अजा एकादशी
पंचांग के अनुसार 7 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे अजा एकादशी कहा जाता है। उपलब्ध पंचांग जानकारी के मुताबिक एकादशी तिथि 7 सितंबर की शाम तक रहेगी। ऐसे में यह दिन भगवान विष्णु की उपासना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक परंपरा में एकादशी को संयम, भक्ति और आत्मचिंतन से जोड़कर देखा जाता है।
मन की अशांति के लिए क्या करना है
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के जीवन में लगातार अशांति बनी रहती है तो एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की श्रद्धापूर्वक पूजा की जा सकती है। इसके लिए पूजा स्थल को साफ करने के बाद दोनों देवी-देवताओं के सामने दीपक जलाएं और शांत मन से पूजा शुरू करें। इस उपाय का उद्देश्य किसी चमत्कार की गारंटी देना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था के अनुसार सकारात्मक वातावरण और मन की एकाग्रता बढ़ाने से जुड़ा माना जाता है।
भगवान विष्णु को चढ़ाएं पीले फूल
पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करने की सलाह दी गई है। हिंदू धार्मिक परंपरा में पीला रंग भगवान विष्णु से जुड़ा माना जाता है। फूल चढ़ाते समय श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु का ध्यान करें और अपनी परेशानी दूर करने तथा जीवन में शांति बनाए रखने की प्रार्थना करें। पूजा में दिखावा या अधिक सामग्री के बजाय श्रद्धा और स्वच्छता को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।
मां लक्ष्मी को अर्पित करें लाल पुष्प
इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें लाल पुष्प अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं में मां लक्ष्मी को सुख, समृद्धि और वैभव की देवी माना जाता है। पूजा के दौरान परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक वातावरण की कामना की जा सकती है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को फल का भोग लगाने की भी सलाह दी गई है।
घी का दीपक जलाकर करें आरती
पूजा पूरी करने से पहले घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आरती करने की बात कही गई है। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्र का जाप करें और कुछ समय शांत होकर प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी जैसे अवसर पर मन को भटकने देने के बजाय पूजा और प्रार्थना में ध्यान लगाने से व्यक्ति को मानसिक रूप से शांति महसूस हो सकती है।
उपाय करते समय इस बात का रखें ध्यान
यह उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसे किसी समस्या के निश्चित समाधान या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय से तनाव, बेचैनी या मानसिक परेशानी महसूस हो रही है तो धार्मिक आस्था के साथ अपनी परिस्थिति के अनुसार उचित विशेषज्ञ की सलाह लेना भी जरूरी है। पूजा-पाठ को श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ करना ही इसका मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा से जुड़ा यह उपाय बहुत जटिल नहीं है। पीले और लाल पुष्प, फल, घी का दीपक और मंत्र जाप के साथ श्रद्धापूर्वक पूजा की जा सकती है। धार्मिक मान्यता में ऐसे अवसरों को स्वयं को शांत करने, ईश्वर का स्मरण करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का समय माना जाता है।
Disclaimer – यह खबर धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित उपाय की जानकारी देती है। इसे किसी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार या निश्चित परिणाम की गारंटी के रूप में न लें।
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