देशभर में आज आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। आज शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 को हनुमान अष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया है। इसे बजरंगबली का विजय पर्व भी कहा जाता है, जो भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज का दिन संकटमोचन हनुमान की विशेष कृपा पाने के लिए सर्वोत्तम माना गया है। पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हनुमान अष्टमी मनाई जाती है। उत्तर भारत, विशेषकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस पर्व की अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। उज्जैन के महाकाल नगरी में तो इस अवसर पर विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
आज का दिन उन लोगों के लिए बेहद खास है जो शनि या मंगल दोष से पीड़ित हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, Hanuman Ashtami 2025 पर किए गए उपाय जीवन के बड़े से बड़े कष्टों को दूर कर सकते हैं। आज के दिन हनुमान जी ने अहिरावण का वध कर भगवान राम और लक्ष्मण की रक्षा की थी, इसलिए इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भी देखा जाता है।
मंदिरों में सुबह से ही लगा भक्तों का तांता
आज ब्रह्म मुहूर्त से ही हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर हो या अयोध्या की हनुमान गढ़ी, हर जगह आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है। मंदिर प्रशासनों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
भक्त हाथों में प्रसाद, फूल और सिंदूर लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई जगहों पर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ आयोजित किया जा रहा है। वातावरण में धूप और अगरबत्ती की सुगंध फैली हुई है जो मन को शांति प्रदान कर रही है। ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है।