नई दिल्ली/मुंबई | 06 जनवरी 2026:
गणेश भक्तों के लिए आज (6 जनवरी) का दिन किसी दिवाली से कम नहीं है। नए साल 2026 की शुरुआत में ही एक दुर्लभ संयोग बना है। आज माघ महीने की सकट चौथ (Sakat Chauth) है और चूंकि आज मंगलवार है, इसलिए यह Angarki Chaturthi भी बन गई है।
शास्त्रों में ‘अंगारकी संकष्टी चतुर्थी’ का दर्जा सबसे ऊपर है। मान्यता है कि साल भर की 24 चतुर्थियों का पुण्य मात्र एक अंगारकी चतुर्थी का व्रत करने से मिल जाता है। आज के दिन गणपति बप्पा और मंगल ग्रह (Mars) दोनों की पूजा का विशेष महत्व है।
‘खबर आंगन’ के धर्म-अध्यात्म डेस्क ने देश के प्रमुख ज्योतिषियों और पंचांगों के आधार पर आज के चंद्रोदय का सटीक समय और पूजा विधि तैयार की है।
अंगारकी चतुर्थी क्यों है इतनी खास?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, पृथ्वी पुत्र मंगल (Mars) ने भगवान गणेश की कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से खुश होकर गणेश जी ने मंगलवार के दिन उन्हें दर्शन दिए और वरदान दिया कि, “जो भक्त मंगलवार के दिन आने वाली चतुर्थी को मेरा व्रत करेगा, उसके सारे संकट बिना मांगे ही दूर हो जाएंगे।”
