देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इस वक्त अपने इतिहास के सबसे बड़े परिचालन संकट (Operational Crisis) से जूझ रही है। लगातार आठवें दिन, यानी 9 दिसंबर 2025 को भी, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई समेत प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का रद्द होना जारी रहा।
विमानन मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद, सरकार ने IndiGo के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए उसकी 10% उड़ानों को तत्काल प्रभाव से काटने का आदेश दिया है। यह फैसला यात्रियों को राहत देने और टिकट की कीमतों में हो रही भारी बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।
यह संकट 1 दिसंबर से शुरू हुआ और अब तक लगभग 5,000 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। हजारों यात्री देश भर के एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं और लाखों लोगों की यात्रा योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। IndiGo के सीईओ पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) को भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तलब किया था। कंपनी का दावा है कि उसके ऑपरेशन सामान्य हो रहे हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
1. IndiGo संकट का असली कारण और आंतरिक चूक
इस बड़े परिचालन संकट के पीछे की वजह फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) नियमों को लागू करने में कंपनी की विफलता को बताया जा रहा है।
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FDTL नियम और पायलटों की कमी
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने नवंबर में पायलटों के आराम और ड्यूटी अवधि को नियंत्रित करने के लिए FDTL के दूसरे चरण के नियमों को लागू किया था। IndiGo इन नए नियमों के अनुरूप अपने पायलटों के रोस्टर (Roster) को ठीक से लागू करने में विफल रही। सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी इस संकट के लिए सीधे तौर पर कंपनी की “आंतरिक प्रणाली” और क्रू रोस्टरिंग में हुई गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया है।
योजना बनाने में बड़ी चूक
DGCA ने IndiGo के सीईओ पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करते हुए कहा कि इतनी बड़े पैमाने पर परिचालन विफलता “योजना, ओवरसाइट और संसाधन प्रबंधन में महत्वपूर्ण चूक” को दर्शाती है। एयरलाइन पर नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया गया।
इस संकट के कारण IndiGo ने लगभग ₹827 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस किया है। एयरलाइन ने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए “पूरी तरह माफी” मांगी है और गहरा खेद व्यक्त किया है।
2. सरकार का कड़ा एक्शन: उड़ानों में 10% की कटौती क्यों?
यात्रियों को हो रही भीषण परेशानी और एयरलाइन के ढुलमुल रवैये के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने IndiGo के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त एक्शन लिया है।
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10% उड़ानों पर रोक
मंत्रालय ने IndiGo को अपनी 10% उड़ानों को काटने का आदेश दिया है, ताकि एयरलाइन अपने ऑपरेशन को स्थिर कर सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस कार्रवाई का उद्देश्य कंपनी को एक स्थिर और कम नेटवर्क के साथ उड़ान भरने के लिए मजबूर करना है।
एयरफेयर कैपिंग
उड़ानें रद्द होने के कारण टिकट की कीमतों में भारी उछाल आया था। इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एयरफेयर (Airfare) पर कैपिंग (Cap) लगा दी है। 1500 किलोमीटर से अधिक की उड़ानों के लिए किराया ₹18,000 तक सीमित कर दिया गया है।
एयरपोर्ट्स पर स्थिति
दिल्ली, बेंगलुरु, और हैदराबाद सबसे ज्यादा प्रभावित हवाई अड्डे रहे, जहाँ 9 दिसंबर को सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं। हालांकि, 4 दिसंबर के बाद पहली बार हैदराबाद में रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या 100 से कम (58) हुई है।
3. यात्रियों के अधिकार और रिफंड की प्रक्रिया
यात्रियों को हुए नुकसान और परेशानी के चलते DGCA के नियम उन्हें रिफंड और मुआवजे का अधिकार देते हैं।
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यात्रियों को क्या मिलना चाहिए?
DGCA नियमों के अनुसार, यदि IndiGo 24 घंटे से कम समय पर फ्लाइट रद्द होने की सूचना देती है, तो उसे यात्रियों को मुआवजे का भुगतान करना अनिवार्य है।
एक घंटे तक की उड़ानों के लिए: ₹5,000 का मुआवजा।
एक से दो घंटे तक की उड़ानों के लिए: ₹7,500 का मुआवजा।
दो घंटे से अधिक की उड़ानों के लिए: ₹10,000 का मुआवजा।
भोजन, आवास और रिफंड
यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था या पूर्ण रिफंड का विकल्प मिलता है। लंबी प्रतीक्षा के दौरान भोजन और जलपान, और यदि प्रतीक्षा रात भर चलती है तो होटल में ठहरने की व्यवस्था भी एयरलाइन को करनी होती है।
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DGCA दिशानिर्देशों के बावजूद, यदि IndiGo “परिचालन कारणों” का हवाला देकर मुआवजा देने से मना करती है, तो यात्री उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत “सेवा में कमी” के लिए उपभोक्ता अदालतों का रुख कर सकते हैं। DGCA ने स्पष्ट किया है कि एयरलाइन “फोर्स मेजर” (Force Majeure) का दावा नहीं कर सकती है, इसलिए वह मुआवजे के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।
4. निष्कर्ष: IndiGo संकट कब थमेगा?
यह संकट IndiGo के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन प्रबंधन का दावा है कि परिचालन अब स्थिर हो गया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 1,900 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। सीईओ पीटर एल्बर्स ने आश्वासन दिया है कि ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) सामान्य स्तर पर लौट आया है। हालांकि, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें।
संबंधित अस्वीकरण : यह समाचार रिपोर्ट IndiGo के परिचालन संकट के संबंध में मीडिया रिपोर्ट्स, सरकारी आदेशों और DGCA के बयानों पर आधारित है। अंतिम रिफंड और मुआवजा DGCA के नियमों के अनुसार एयरलाइन द्वारा ही प्रोसेस किया जाएगा।
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