Suchna Se Sacchai Tak
ADVERTISEMENT

IN FOCUS

Advertisement
  1. Home
  2. States
  3. Bihar News
  4. Darbhanga News
  5. Darbhanga News: 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के बावजूद LNMU परिसर की गंदगी बरकरार,6 हफ्ते बाद भी मिथिला यूनिवर्सिटी में पान-गुटखे का ‘राज’ कायम ?

Darbhanga News: 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के बावजूद LNMU परिसर की गंदगी बरकरार,6 हफ्ते बाद भी मिथिला यूनिवर्सिटी में पान-गुटखे का ‘राज’ कायम ?

रिपोर्ट के बावजूद LNMU में गंदगी कायम। LNMU परिसर की दीवारों पर पान के दाग बरकरार। प्रशासन की लापरवाही से छात्रों में आक्रोश, तत्काल कार्रवाई की मांग।
Khabar Aangan Sunday, 30 November 2025, 12:38 AM
Darbhanga News: 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के बावजूद LNMU परिसर की गंदगी बरकरार,6 हफ्ते बाद भी मिथिला यूनिवर्सिटी में  पान-गुटखे का ‘राज’ कायम ?
ADVERTISEMENT

Khabar Aangan पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के परिसर की दुर्दशा पर 16 अक्टूबर 2025 को एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें यूनिवर्सिटी के ऑफिसों, दीवारों और गलियारों पर फैली पान-गुटखे की शर्मनाक गंदगी को उजागर किया गया था। इस रिपोर्ट के बाद उम्मीद थी कि LNMU प्रशासन और कर्मचारी समुदाय इस पर तुरंत एक्शन लेंगे। लेकिन आज, 30 नवंबर 2025 को, छह हफ़्ते बाद की ताज़ा पड़ताल बताती है कि विश्वविद्यालय के हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।

ADVERTISEMENT
Advertisement

LNMU की शानदार बिल्डिंग्स आज भी पान की पीक से सनी हुई हैं। यह दिखाता है कि यह समस्या केवल सफाई की नहीं, बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और कर्मचारियों के अनुशासनहीनता की है। LNMU में स्वच्छता को लेकर आई यह विफलता छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए निराशा का एक नया सबब बन गई है।

ADVERTISEMENT

1. ज़मीनी हकीकत: रिपोर्ट के बाद भी क्यों नहीं बदली LNMU की दीवारें?

पिछली रिपोर्ट में जिन प्रशासनिक कार्यालयों की दयनीय स्थिति का जिक्र किया गया था, वहाँ आज भी स्थिति वैसी ही है। दीवारों और काउंटरों के पास लगे लाल और भूरे दाग़ वहीं के वहीं हैं, बल्कि कुछ जगहों पर यह गंदगी और भी बढ़ गई है।

  • कर्मचारियों का रवैया: पिछली रिपोर्ट में आरोप लगा था कि यह गंदगी बाहर के लोग नहीं, बल्कि ऑफिस में काम करने वाले कुछ कर्मचारी ही फैलाते हैं। ताज़ा पड़ताल में भी यही देखने को मिला कि कर्मचारियों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है। यह दिखाता है कि LNMU प्रशासन ने उन कर्मचारियों पर कोई सख्त अनुशासनिक कार्रवाई नहीं की, जो काम के दौरान परिसर को गंदा करते हैं।
  • सफाई शेड्यूल की विफलता: पिछली रिपोर्ट में सुझाया गया था कि नियमित सफाई शेड्यूल और निरीक्षण समिति का गठन हो। लेकिन LNMU ने इन मूलभूत सुझावों पर भी अमल नहीं किया। सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बावजूद, नियमित रूप से दाग़ साफ करने या विशेष अभियान चलाने का कोई प्रमाण नहीं मिला।

2. LNMU प्रशासन का मौन और उदासीनता का ‘राज’

सबसे बड़ा सवाल LNMU के कुलपति (VC) और उच्च-प्रशासन पर खड़ा होता है। पिछली रिपोर्ट के बाद भी उनका मौन और उदासीनता क्यों कायम है?

Darbhanga की हर खबर सबसे पहले
Join Channel
ADVERTISEMENT
  • लापरवाही की सीमा: जब लाखों-करोड़ों रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर को पान-गुटखे की गंदगी से बर्बाद किया जा रहा हो, और प्रशासन उस पर आंखें मूंद ले, तो यह साफ दिखता है कि परिसर की सफाई LNMU के नेतृत्व की प्राथमिकताओं में नहीं है।
  • जिम्मेदारी से भागना: स्थानीय छात्रों और अभिभावकों ने पिछली रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से VC कार्यालय या प्रशासन से सार्वजनिक जवाब मांगा था। लेकिन LNMU ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया, जिससे छात्र समुदाय को यह विश्वास नहीं हो पाया कि मामले पर ध्यान दिया जा रहा है। यह प्रशासनिक उदासीनता ही इस गंदगी के बरकरार रहने का सबसे बड़ा ‘राज़’ है।
  • आधुनिकता पर धब्बा: डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लासरूम जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होने के बावजूद, LNMU का कार्यालय परिसर और सीढ़ियाँ गंदगी से भरी रहती हैं। यह विसंगति LNMU की साख पर एक बड़ा धब्बा है।

3. छात्रों में बढ़ता गुस्सा: LNMU की साख दांव पर

छात्र समुदाय, जो इस गंदगी के माहौल में पढ़ने के लिए मजबूर है, उनमें अब गुस्सा बढ़ रहा है।

  • प्रेरणा में कमी: छात्रों का कहना है कि जहां ऑफिसों की दीवारें थूक से सनी हों, वहाँ वे कैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा या अनुशासित माहौल की उम्मीद कर सकते हैं। यह गंदगी सीधे तौर पर छात्रों की पढ़ाई की प्रेरणा को प्रभावित करती है।
  • सार्वजनिक हित का मुद्दा: स्थानीय अभिभावकों और शिक्षाविदों का मानना है कि यदि LNMU अपने आधारिक स्वच्छता और प्रशासनिक अनुशासन का ध्यान नहीं रखता, तो वह छात्रों के शैक्षणिक और सुव्यवस्थित विकास का भरोसा नहीं दे सकता। यह समस्या केवल एक छात्र की नहीं रहनी चाहिए, इसे समय रहते गंभीरता से लेना ज़रूरी है।

4. निष्कर्ष: LNMU को चाहिए ज़ोरदार कार्रवाई

LNMU को यदि अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पानी है, तो उसे अब केवल नोटिस या नाममात्र के सफाई अभियान से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को परिसर में पान/गुटका/तंबाकू निषेध के कड़े नियम लागू करने होंगे, और सबसे ज़रूरी, गंदगी फैलाने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उन पर सार्वजनिक रूप से अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी। LNMU के लिए अब मौन रहने का समय खत्म हो चुका है।

ADVERTISEMENT
Advertisement
ADVERTISEMENT

Disclaimer : यह समाचार रिपोर्ट LNMU (मिथिला विश्वविद्यालय) परिसर की स्वच्छता और रखरखाव से संबंधित पिछली मीडिया रिपोर्ट्स और वर्तमान स्थिति के आकलन पर आधारित है। इसका उद्देश्य परिसर को स्वच्छ रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र समुदाय को जवाबदेह बनाना है।

इस खबर को शेयर करें
Khabar Aangan

Khabar Aangan Admin

Khabar Aangan एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो सूचना से सच्चाई तक की यात्रा को समर्पित है। हमारा उद्देश्य है—स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं तक, हर खबर को गहराई, संदर्भ और निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करना। हम परंपरागत पत्रकारिता को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ते हैं, ताकि पाठकों को मिले स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी। चाहे बात हो प्रशासनिक विफलता की, या सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता की, या सामाजिक बदलाव की—Khabar Aangan हर विषय को संवेदनशीलता और साहस के साथ उठाता है।

आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।

GPay UPI Paytm AmazonPay Razorpay
ADVERTISEMENT
Advertisement

WELCOME TO KHABAR AANGAN Suchna Se Sacchai Tak