नई दिल्ली | 4 अप्रैल 2026: हमारे देश के करोड़ों घरों में रसोई गैस आम जीवन की सबसे बड़ी और अनिवार्य जरूरत बन चुकी है। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर गैस बुकिंग को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर बहुत तेजी से वायरल हो रही है।
इस वायरल खबर में यह बड़ा दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने रसोई गैस की बुकिंग के नियमों में बहुत भारी और कड़े बदलाव कर दिए हैं। इस खबर के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को अपने अगले गैस रिफिल के लिए पहले से कहीं ज्यादा लंबा और थकाऊ इंतजार करना पड़ेगा।
इन दावों को सुनकर आम जनता के बीच भारी बेचैनी और घबराहट फैल गई है। कई लोग तो डर के मारे समय से पहले ही अपने गैस की बुकिंग करने लगे हैं, ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
‘खबर आंगन’ की फैक्ट चेक डेस्क ने जब इस पूरे मामले और वायरल हो रहे इन नए नियमों की गहराई से जांच की, तो इसकी असली और चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। हमने पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक बयानों और अधिसूचनाओं की बारीकी से पड़ताल करके आपके लिए यह विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
35 दिन और 45 दिन वाले वायरल दावे के पीछे की क्या है कहानी?
सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर यह दावा बहुत ही जोर-शोर से फैलाया जा रहा है कि सरकार ने बुकिंग के लिए एक नया ‘लॉक-इन पीरियड’ लागू कर दिया है। वायरल संदेशों में कहा जा रहा है कि जिन घरों में दो गैस कनेक्शन हैं, उन्हें अब अगले LPG Cylinder के लिए पूरे 35 दिनों तक का अनिवार्य इंतजार करना होगा।
इसके साथ ही, यह भी भ्रामक जानकारी फैलाई गई कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के गरीब लाभार्थियों को अब अपनी अगली बुकिंग के लिए 45 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। वहीं, सिंगल कनेक्शन वालों के लिए यह समय सीमा 25 दिन बताई जा रही थी।
इस फर्जी जानकारी ने शहरों से लेकर गांवों तक के लोगों में भारी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। महिलाओं और आम उपभोक्ताओं को यह लगने लगा कि अगर उनका गैस बीच में ही खत्म हो गया, तो उन्हें भारी मुश्किलों का सीधा सामना करना पड़ेगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अफवाहों का किया कड़ा खंडन
आम जनता में बढ़ती इस भारी घबराहट और हड़बड़ी को देखते हुए, अंततः भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को तुरंत बीच में आना पड़ा। मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से सामने आकर इन सभी भ्रामक और झूठी खबरों का पूरी तरह से सख्त खंडन कर दिया है।
सरकार ने एक स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा है कि मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही 35 दिन और 45 दिन वाली सभी खबरें पूरी तरह से फर्जी और आधारहीन हैं। गैस बुकिंग की समय सीमा या नियमों में सरकार की तरफ से हाल-फिलहाल में कोई भी नया बदलाव बिल्कुल भी नहीं किया गया है।
मंत्रालय ने आम नागरिकों से यह विशेष अपील की है कि वे ऐसी किसी भी झूठी जानकारी या व्हाट्सएप संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरे देश में गैस का पर्याप्त और सुरक्षित भंडार मौजूद है, इसलिए किसी को भी घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए क्या हैं असली और पुराने नियम?
अगर हम बुकिंग के असली और मौजूदा नियमों की बात करें, तो सरकार ने पुराने सिस्टम को ही जस का तस बरकरार रखा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की स्पष्ट घोषणा के अनुसार, गैस बुकिंग की समय सीमा केवल इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस भौगोलिक क्षेत्र में निवास करते हैं।
जो उपभोक्ता शहरी और कस्बाई इलाकों में रहते हैं, उनके लिए दो बुकिंग के बीच का अनिवार्य अंतराल (गैप) आज भी 25 दिन ही निर्धारित है। इसका मतलब है कि आप अपनी पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अपने अगले LPG Cylinder की आधिकारिक बुकिंग करा सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर, देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह समय सीमा 45 दिन की तय की गई है। यह नियम बिल्कुल भी नया नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था पिछले काफी लंबे समय से पूरे देश में सुचारू रूप से लागू है।
ई-केवाईसी (e-KYC) और कीमतों को लेकर क्या है सरकार का ताज़ा रुख?
बुकिंग के अलावा एक और खबर बहुत तेजी से फैल रही थी कि सभी उपभोक्ताओं को तुरंत अपना आधार ई-केवाईसी (Aadhaar e-KYC) करवाना अनिवार्य है। सरकार ने इस पर भी स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट करते हुए आम जनता को बहुत बड़ी राहत प्रदान की है।
अधिकारियों ने बताया है कि ई-केवाईसी केवल उन गिने-चुने उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य है जिन्होंने अभी तक अपनी जानकारी गैस एजेंसी में अपडेट नहीं कराई है। जो लोग पहले ही अपना सत्यापन (Verification) पूरा करवा चुके हैं, उन्हें गैस एजेंसी के चक्कर काटने की बिल्कुल भी कोई आवश्यकता नहीं है।
जहां तक कीमतों का सवाल है, तो 1 अप्रैल 2026 से केवल वाणिज्यिक (Commercial) गैस के दामों में ही थोड़ी बहुत बढ़ोतरी देखने को मिली है। आम घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू LPG Cylinder की कीमतों में सरकार ने कोई भी बदलाव नहीं किया है, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह से सुरक्षित है।
हमारा निष्कर्ष
‘खबर आंगन’ की इन्वेस्टिगेशन डेस्क का यह स्पष्ट और दृढ़ रूप से मानना है कि आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी किसी भी वायरल खबर पर बिना सोचे-समझे भरोसा करना भारी परेशानी का कारण बन सकता है। अफवाहों के कारण होने वाली बेवजह बुकिंग से पूरी वितरण प्रणाली पर अनावश्यक और भारी दबाव पड़ता है।
सरकार उपभोक्ताओं को निरंतर और बिना किसी बाधा के गैस की आपूर्ति करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम अपने सभी जागरूक पाठकों से यह विशेष अपील करते हैं कि गैस बुकिंग या सब्सिडी से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल सरकारी वेबसाइट या प्रमाणित टोल-फ्री नंबरों पर ही भरोसा जताएं।
Disclaimer: यह खबर ‘Khabar Aangan’ की फैक्ट चेक डेस्क द्वारा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की आधिकारिक घोषणाओं, हालिया सरकारी स्पष्टीकरणों और भ्रामक दावों की विस्तृत जांच के आधार पर पूरी प्रामाणिकता के साथ तैयार की गई है।
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