मुंबई | 16 अप्रैल 2026: अस्सी और नब्बे के दशक में बॉलीवुड के अंदर एक ऐसी खूबसूरत अभिनेत्री का उदय हुआ था जिसकी शक्ल उस दौर की सबसे बड़ी सुपरस्टार से काफी ज्यादा मिलती थी। ‘खबर आंगन’ की एंटरटेनमेंट डेस्क आज बी-ग्रेड फिल्मों की श्रीदेवी कहलाने वाली मशहूर अभिनेत्री श्रीप्रधा की वह दर्दभरी और अनसुनी कहानी लेकर आई है जिसे बहुत कम लोग जानते हैं।
उस शानदार सुनहरे दौर में जब मुख्यधारा के सिनेमा में कई बड़ी अभिनेत्रियां राज कर रही थीं तब डरावनी और कम बजट की फिल्मों का भी एक बहुत बड़ा अलग बाजार था। अपनी बेहतरीन अदाकारी और बेमिसाल खूबसूरती के बावजूद यह दिग्गज अभिनेत्री कभी भी वह मुकाम हासिल नहीं कर पाई जिसकी वह असली हकदार मानी जाती थीं।
उन्होंने अपने करियर को एक नई दिशा देने और सफलता की ऊंचाई छूने के लिए अपना नाम तक बदलने का एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लिया था। लेकिन अफसोस की बात यह है कि सिनेमा जगत ने उन्हें हमेशा एक ही सांचे में बांधकर रखा और नाम बदलने के बावजूद उनकी किस्मत में कोई बड़ा और चमत्कारी बदलाव नहीं आया।
बी-ग्रेड फिल्मों की श्रीदेवी का टैग बन गया था सबसे बड़ी रुकावट
फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के कुछ ही समय बाद उनके चेहरे की भारी समानता को देखकर लोगों ने उन्हें गरीब रथ की या बी-ग्रेड फिल्मों की श्रीदेवी कहना शुरू कर दिया था। यह टैग उनके लिए शुरुआत में तो काफी फायदेमंद साबित हुआ लेकिन बाद में यही नाम उनके बड़े और सफल करियर के लिए सबसे बड़ी रुकावट बन गया।
बड़े और नामी फिल्म निर्माताओं ने उन्हें अपनी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं देने से हमेशा परहेज किया क्योंकि वे उनके चेहरे में किसी और सुपरस्टार की छवि बिल्कुल नहीं दिखाना चाहते थे। मजबूरन उन्हें हॉरर फिल्मों और कम बजट की एक्शन फिल्मों का रुख करना पड़ा जहां रामसे ब्रदर्स जैसे निर्देशकों ने उनके टैलेंट का भरपूर इस्तेमाल किया।
