Ustaad Bhagat Singh मूवी रिव्यू: पवन कल्याण की गन और गालियां बॉक्स ऑफिस पर ला पाएंगी तूफान? या फिर ढीली कहानी कर देगी ‘गब्बर सिंह’ का जादू फीका?
आशुतोष कुमार झा | 19 मार्च 2026: पावर स्टार पवन कल्याण (Pawan Kalyan) की मोस्ट अवेटेड तेलुगु फिल्म Ustaad Bhagat Singh आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ‘गब्बर सिंह’ और ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ फेम डायरेक्टर हरीश शंकर और पवन कल्याण की सुपरहिट जोड़ी ने एक बार फिर से दर्शकों को एक हाई-ऑक्टेन मास एंटरटेनर देने का दावा किया था।
यह फिल्म बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ की आधिकारिक रीमेक है। लेकिन क्या पवन कल्याण का स्वैग और हरीश शंकर की गन व गालियां इस पुराने कंटेंट को एक नया और दिलचस्प रंग दे पाई हैं? क्या यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना पाएगी?
ट्रेड पंडितों और दर्शकों के बीच इस फिल्म का क्रेज पिछले कई हफ्तों से चर्चा का विषय बना हुआ था। तो चलिए, बिना समय गंवाए जानते हैं कि क्या यह फिल्म वास्तव में आपके समय और पैसे के लायक है या नहीं?
पवन कल्याण की वन-मैन शो, लेकिन ढीली कहानी है कमजोरी
फिल्म की सबसे बड़ी और एकमात्र ताकत खुद पवन कल्याण हैं। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें ‘पावर स्टार’ क्यों कहा जाता है। फिल्म में उनका स्वैग, उनकी एंट्री और उनके डायलॉग्स दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर देते हैं। उनके फैन्स के लिए यह फिल्म एक परफेक्ट ट्रीट है, क्योंकि इसमें उन्हें वह सब कुछ देखने को मिलेगा जो वे अपने स्टार से उम्मीद करते हैं।
लेकिन, जैसे ही हम पवन कल्याण के जादू से बाहर निकलते हैं, फिल्म की कमजोरियां साफ नजर आने लगती हैं:
- ढीली कहानी (The Weakest Link): फिल्म की कहानी इसकी सबसे बड़ी कमजोरी है। यह हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों से काफी प्रेरित लगती है, लेकिन उसे भारतीय दर्शकों के हिसाब से ढालने में हरीश शंकर पूरी तरह नाकाम रहे हैं। कहानी में कोई नयापन नहीं है और कई जगह यह बेहद प्रेडिक्टेबल लगती है।
- खराब स्क्रीनप्ले (The Messy Plot): फिल्म का स्क्रीनप्ले बहुत ही मेसी और ढीला है। कई सीन बिना किसी तुक के शुरू और खत्म हो जाते हैं, जिससे दर्शक कहानी से कनेक्ट नहीं हो पाते हैं। फिल्म का पेस बहुत ही असंतुलित है।
फर्स्ट हाफ बोरिंग, सेकंड हाफ में थोड़ा दम
फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी स्लो और बोरिंग है। कहानी को सेट करने में बहुत समय लिया गया है, जिससे दर्शक बोर होने लगते हैं। हालांकि, इंटरवल के पास फिल्म थोड़ी गति पकड़ती है।
सेकंड हाफ फर्स्ट हाफ से बेहतर है। इसमें कुछ अच्छे एक्शन सीन्स और इमोशनल मोमेंट्स हैं, जो दर्शकों को फिल्म से जोड़े रखते हैं। लेकिन, फिर भी, पूरी फिल्म में एकरूपता (Consistency) की भारी कमी खलती है।
फिल्म के कुछ एक्शन सीन्स और इमोशनल सीन्स दर्शकों को फिल्म से जोड़े रखने का काम करते हैं, लेकिन पूरी फिल्म में एकरूपता की कमी खलती है।
हरीश शंकर का एवरेज डायरेक्शन और दमदार बैकग्राउंड स्कोर
हरीश शंकर का डायरेक्शन इस बार काफी एवरेज रहा है। ‘गब्बर सिंह’ जैसी ब्लॉकबस्टर देने वाले डायरेक्टर से इस बार दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उन्होंने निराश किया है। उनके डायरेक्शन में वह ‘स्पार्क’ नजर नहीं आया, जो उनकी पिछली फिल्मों में था।
फिल्म की सिनेमाटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर काफी अच्छे हैं। सिनेमैटोग्राफर ने फिल्म के एक्शन सीन्स को बहुत ही खूबसूरती से शूट किया है। म्यूजिक डायरेक्टर ने फिल्म के BGM पर बहुत मेहनत की है, जो फिल्म के कई सीन्स को प्रभावशाली बनाता है।
सपोर्टिंग कास्ट की अच्छी परफॉरमेंस और खराब डबिंग
अशुतोष राणा, राव रमेश और मुरली शर्मा जैसे सपोर्टिंग एक्टर्स ने अपनी भूमिकाओं को बखूबी निभाया है। अशुतोष राणा ने विलेन की भूमिका में एक बार फिर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है।
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फिल्म की सबसे बड़ी खामी इसकी खराब हिंदी डबिंग है। डबिंग आर्टिस्ट्स ने कैरेक्टर्स को सही इमोशंस नहीं दिए हैं, जिससे हिंदी दर्शकों को फिल्म देखने में भारी परेशानी होगी।
Disclaimer: यह मूवी रिव्यू ‘खबर आंगन’ की एंटरटेनमेंट डेस्क द्वारा हैदराबाद के प्रसाद मल्टीप्लेक्स में आयोजित प्रेस शो के दौरान फिल्म के प्रत्यक्ष प्रदर्शन और दर्शकों की प्रारंभिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर तैयार किया गया है। हम निष्पक्ष और तथ्यपूर्ण पत्रकारिता के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

Ashutosh Kumar Jha Admin
Ashutosh Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
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