Suchna Se Sacchai Tak
CATEGORIES
IN FOCUS
Advertisement
  1. Home
  2. State
  3. Uttarakhand
  4. Uttarakhand में मदरसा बोर्ड खत्म, सभी संस्थान अब एक ही शिक्षा बोर्ड के तहत

Uttarakhand में मदरसा बोर्ड खत्म, सभी संस्थान अब एक ही शिक्षा बोर्ड के तहत

Uttarakhand में मदरसा बोर्ड खत्म, सभी संस्थान अब एक ही शिक्षा बोर्ड के तहत

Khabar Aangan Published on: 13 नवम्बर 2025

Uttarakhand ने रचा इतिहास: देश का पहला राज्य बना जिसने मदरसा बोर्ड किया खत्म, अब सभी संस्थानों पर लागू होगा एक समान शिक्षा मॉडल

Advertisement

Uttarakhand ने देश में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए खुद को भारत का पहला राज्य बना दिया है जिसने मदरसा बोर्ड को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (Retd.) ने Uttarakhand Minority Education Bill 2025 को मंजूरी दे दी, जिसके बाद राज्य के सभी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान—जिनमें मदरसे भी शामिल हैं—अब सीधे Uttarakhand Board of School Education के अधीन आ गए हैं।

यह निर्णय भारतीय शिक्षा मॉडल में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार मदरसे भी उसी मुख्यधारा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे जिसे सरकारी और निजी विद्यालयों में लागू किया जाता है। उद्देश्य यह है कि हर बच्चा, चाहे वह धार्मिक पृष्ठभूमि से आता हो या सामान्य पृष्ठभूमि से, आधुनिक विषयों और रोजगार-केंद्रित कौशलों से जुड़ सके।


आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा के बीच की दूरी खत्म

इस सुधार का सबसे बड़ा प्रभाव मदरसों के छात्रों पर होगा। अब वे धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ गणित, विज्ञान, कंप्यूटर शिक्षा, अंग्रेज़ी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय पढ़ेंगे। लंबे समय से यह चर्चा चलती रही थी कि धार्मिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र आधुनिक विषयों से कटे रहते हैं, जिससे उनके भविष्य के विकल्प सीमित हो जाते हैं।

Advertisement

Uttarakhand की इस पहल ने यह अंतर पहली बार खत्म कर दिया है। अब मदरसों में पढ़ने वाले छात्र भी उसी करिकुलम को समझेंगे जो किसी साधारण स्कूल में पढ़ाया जाता है, जिससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरियों और उच्च शिक्षा में समान अवसर मिलेंगे।


State – Khabar Aangan

नई प्राधिकरण की स्थापना और NEP 2020 का अनुपालन

इस बिल के साथ राज्य सरकार ने Uttarakhand State Minority Education Authority की स्थापना भी की है, जो सभी अल्पसंख्यक संस्थानों की निगरानी, मान्यता, पाठ्यक्रम और कार्यप्रणाली की देखरेख करेगी। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि मदरसे और अन्य संस्थान National Education Policy (NEP 2020) और National Curriculum Framework (NCF) के अनुसार चलें।

Leave a Comment

Read More

Join our WhatsApp Channel
व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें
Breaking News ताज़ा ख़बरें Viral Updates
WELCOME TO KHABAR AANGANSuchna Se Sacchai Tak