Suchna Se Sacchai Tak
ADVERTISEMENT

IN FOCUS

Advertisement
  1. Home
  2. International News
  3. भारत आ रहे हैं ‘सुपरपावर’ प्रेसिडेंट! कल दिल्ली में लैंड करेंगे Vladimir Putin, क्या होने वाला है दुनिया को चौंकाने वाला ‘बड़ा सौदा’?

भारत आ रहे हैं ‘सुपरपावर’ प्रेसिडेंट! कल दिल्ली में लैंड करेंगे Vladimir Putin, क्या होने वाला है दुनिया को चौंकाने वाला ‘बड़ा सौदा’?

रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin 4-5 दिसंबर को भारत यात्रा पर रहेंगे। रक्षा सौदों और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़े फैसलों की उम्मीद। यूक्रेन युद्ध के बीच यह यात्रा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम है।
Khabar Aangan Published on: 3 दिसम्बर 2025
भारत आ रहे हैं ‘सुपरपावर’ प्रेसिडेंट! कल दिल्ली में लैंड करेंगे Vladimir Putin, क्या होने वाला है दुनिया को चौंकाने वाला ‘बड़ा सौदा’?

4 साल बाद भारत की धरती पर कदम रखेंगे रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin, पीएम मोदी के साथ होगी एस-400 और परमाणु ऊर्जा पर गुप्त और अहम चर्चा

ADVERTISEMENT

दुनिया की नजरें इस वक्त भारत की राजधानी नई दिल्ली पर टिकी हैं, क्योंकि कल यानी 4 दिसंबर 2025 को रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin भारत की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर आ रहे हैं। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह Vladimir Putin की पहली भारत यात्रा होगी, जिसे कूटनीतिक हलकों में एक ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है। वह 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों के नए अध्याय लिखेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पूरी दुनिया भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है, और Vladimir Putin का दिल्ली आना अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए एक बड़ा संकेत है।

इस यात्रा के पीछे का असली ‘राज़’ केवल दोस्ती निभाना नहीं है, बल्कि रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में कुछ ऐसे ऐतिहासिक समझौते करना है जो अगले कई दशकों तक दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करेंगे। Vladimir Putin का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में उन्होंने यूरोप को कड़ी चेतावनी दी है और अमेरिका के साथ शांति वार्ता पर भी सख्त रुख अपनाया है। ऐसे में, भारत के साथ उनकी यह मुलाकात वैश्विक राजनीति का केंद्र बिंदु बन गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जब दो पुराने दोस्त मिलेंगे, तो दुनिया की राजनीति किस करवट बैठेगी।

Vladimir Putin की यात्रा का एजेंडा: रक्षा सौदे और एस-400 की नई खेप

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील हिस्सा रक्षा सहयोग होगा। भारत और रूस के बीच रक्षा संबंध दशकों पुराने हैं, और Vladimir Putin इस रिश्ते को और भी मजबूत करने के इरादे से आ रहे हैं। सबसे बड़ी चर्चा एस-400 वायु रक्षा प्रणाली को लेकर है। भारत ने रूस से पांच एस-400 स्क्वाड्रन खरीदने का समझौता किया था, जिनमें से तीन की आपूर्ति हो चुकी है, लेकिन बाकी दो की डिलीवरी यूक्रेन युद्ध और प्रतिबंधों के चलते टल गई थी। उम्मीद की जा रही है कि Vladimir Putin इस यात्रा के दौरान बाकी बची हुई एस-400 इकाइयों की जल्द आपूर्ति का भरोसा देंगे और इसके लिए एक नया रोडमैप तैयार करेंगे। भारतीय सेना को अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए इन प्रणालियों की सख्त जरूरत है।

ADVERTISEMENT

इसके अलावा, दोनों नेता सुखोई-57 पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट और ब्रह्मोस मिसाइल के अपग्रेडेड वर्जन पर भी चर्चा कर सकते हैं। रूस ने हाल ही में भारत के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य रसद समझौता (RELOS) भी मंजूर किया है, जो दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देगा। Vladimir Putin का यह कदम हिंद महासागर में भारत की ताकत को बढ़ाने में मदद करेगा और चीन को भी एक कड़ा संदेश देगा। रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए भी रूस के साथ संयुक्त उत्पादन पर बड़े ऐलान होने की संभावना है। भारत चाहता है कि रूस अपनी तकनीक साझा करे ताकि भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सके।

ऊर्जा सुरक्षा और तेल का खेल: अमेरिकी दबाव के बीच भारत की रणनीति

Vladimir Putin की यात्रा का दूसरा सबसे बड़ा स्तंभ ऊर्जा सुरक्षा है। पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों और अमेरिकी दबाव के बावजूद, भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखा है। इस यात्रा में दोनों देश ऊर्जा सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा करेंगे। खबर है कि रूस भारत को लंबी अवधि के लिए सस्ते दामों पर तेल आपूर्ति जारी रखने का वादा कर सकता है। यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत होगी, क्योंकि इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए एक भरोसेमंद साथी चाहता है और रूस उस भूमिका में खरा उतरता है।

ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
WELCOME TO KHABAR AANGANSuchna Se Sacchai Tak