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5 साल की FD में ₹1 लाख लगाने पर किस बैंक में बनेगा सबसे ज्यादा पैसा, SBI से ICICI तक पूरा हिसाब

5 साल की FD में ₹1 लाख लगाने पर चार बड़े बैंकों में कितना पैसा बनेगा, किसकी ब्याज दर सबसे ज्यादा है और मैच्योरिटी रकम में कितना अंतर है, जानिए।
Khabar Aangan Published on: 16 अगस्त 2026
5 साल की FD में ₹1 लाख लगाने पर किस बैंक में बनेगा सबसे ज्यादा पैसा, SBI से ICICI तक पूरा हिसाब
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बैंक FD में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए ब्याज दर में मामूली अंतर भी पांच साल बाद मिलने वाली रकम पर असर डाल सकता है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग ब्याज दर उपलब्ध होने की वजह से एक ही ₹1 लाख की रकम अलग-अलग बैंकों में जमा करने पर मैच्योरिटी अमाउंट अलग बन सकता है। अभी सामने आए आंकड़ों के मुताबिक SBI, HDFC Bank, ICICI Bank और PNB में पांच साल की वरिष्ठ नागरिक FD पर ब्याज दरों में अंतर है।

₹1 लाख के निवेश की तुलना करें तो ICICI Bank में करीब ₹1.42 लाख की मैच्योरिटी रकम बनती है, जबकि SBI में यह करीब ₹1.41 लाख और HDFC Bank में करीब ₹1.40 लाख है। PNB में यह रकम भी करीब ₹1.40 लाख बैठती है। हालांकि FD बुक करने से पहले लागू ब्याज दर, अवधि और बैंक की शर्तें जरूर जांचनी चाहिए, क्योंकि FD की दरें समय के साथ बदल सकती हैं।

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₹1 लाख लगाने पर पांच साल बाद कितना मिलेगा

पांच साल की FD में वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध दरों के आधार पर ₹1 लाख के निवेश का सीधा हिसाब देखें तो चारों बैंकों के बीच अंतर साफ दिखाई देता है। SBI में 7.05 फीसदी की दर के आधार पर ₹1 लाख पांच साल बाद ₹1,41,826 हो जाता है। HDFC Bank में 6.90 फीसदी की दर पर यही रकम ₹1,40,784 बनती है।

ICICI Bank में 7.10 फीसदी की दर पर ₹1 लाख की मैच्योरिटी राशि ₹1,42,175 बताई गई है। PNB में 6.85 फीसदी की दर पर यह रकम ₹1,40,439 बनती है। यानी इस तुलना में सबसे ज्यादा मैच्योरिटी राशि ICICI Bank की और सबसे कम PNB की दिखाई देती है। सबसे ज्यादा और सबसे कम रकम के बीच अंतर ₹1,736 का है। यह अंतर ₹1 लाख पर है, इसलिए निवेश की रकम बढ़ने के साथ इसका असर भी बढ़ सकता है।

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बैंकवरिष्ठ नागरिक FD दर₹1 लाख पर 5 साल बाद रकम
ICICI Bank7.10%₹1,42,175
SBI7.05%₹1,41,826
HDFC Bank6.90%₹1,40,784
PNB6.85%₹1,40,439

ICICI Bank में सबसे ज्यादा मैच्योरिटी रकम

इस तुलना में ICICI Bank सबसे ऊपर दिखाई देता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3 साल 1 दिन से 5 साल तक की अवधि पर 7.10 फीसदी तक की दर उपलब्ध है। बैंक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों के लिए FD की दरें सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक हो सकती हैं और पांच साल की अवधि के लिए लागू दर 7.10 फीसदी तक है। इसी दर को आधार बनाकर ₹1 लाख के निवेश पर पांच साल बाद ₹1,42,175 की रकम बनती है।

यानी मूल ₹1 लाख के ऊपर लगभग ₹42,175 की राशि जुड़ती है। यहां यह समझना जरूरी है कि मैच्योरिटी कैलकुलेशन FD के प्रकार और ब्याज भुगतान के तरीके के अनुसार बदल सकता है। इसलिए केवल सालाना ब्याज दर देखकर अंतिम रकम तय नहीं करनी चाहिए। FD बुक करते समय बैंक के उस समय लागू कैलकुलेशन और चुने गए payout option को देखना जरूरी है।

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SBI में ₹1 लाख का क्या होगा

SBI में वरिष्ठ नागरिकों के लिए पांच साल से लेकर 10 साल तक की अवधि पर 7.05 फीसदी की दर उपलब्ध है, जिसमें संबंधित अतिरिक्त प्रीमियम शामिल है। इसी दर के आधार पर ₹1 लाख की पांच साल की FD की मैच्योरिटी राशि ₹1,41,826 बताई गई है। इसका मतलब है कि मूल निवेश के ऊपर लगभग ₹41,826 का अंतर बनता है।

SBI की आधिकारिक दर तालिका यह भी स्पष्ट करती है कि सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों की ब्याज दर अलग है तथा लागू दर FD की अवधि और श्रेणी के अनुसार तय होती है। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर नागरिकों के लिए अतिरिक्त लाभ की व्यवस्था भी बैंक की शर्तों में दी गई है। इसलिए किसी निवेशक की उम्र और चुनी गई FD योजना के आधार पर वास्तविक ब्याज अलग हो सकता है। FD कराने से पहले लागू श्रेणी की पुष्टि करना जरूरी है।

HDFC Bank में कितना पैसा बनेगा

HDFC Bank की दरों में पांच साल की अवधि के आसपास अलग-अलग tenure slabs दिए गए हैं। बैंक की आधिकारिक दर तालिका के अनुसार 4 साल 7 महीने 1 दिन से लेकर 5 साल तक की FD पर सामान्य ग्राहकों के लिए 6.40 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.90 फीसदी ब्याज दर है। इसी 6.90 फीसदी दर को आधार बनाकर ₹1 लाख का निवेश पांच साल बाद ₹1,40,784 हो जाता है। यानी मूल रकम पर लगभग ₹40,784 की बढ़ोतरी दिखाई देती है।

हालांकि HDFC Bank यह भी स्पष्ट करता है कि ब्याज दरें समय के साथ बदल सकती हैं और FD की वास्तविक दर जमा स्वीकार किए जाने की तारीख पर लागू दर के अनुसार तय होती है। इसलिए आज दिखाई देने वाली दर और भविष्य में बुक की जाने वाली FD की दर समान होना जरूरी नहीं है। निवेशक को FD खोलने से पहले लागू tenure slab और उस दिन की दर जरूर देखनी चाहिए।

PNB में भी समझिए ₹1 लाख का हिसाब

PNB की पांच साल की वरिष्ठ नागरिक FD तुलना में 6.85 फीसदी की दर के आधार पर ₹1 लाख निवेश की मैच्योरिटी रकम ₹1,40,439 बताई गई है। यानी पांच साल की अवधि में मूल निवेश के ऊपर करीब ₹40,439 की अतिरिक्त रकम बनती है। बैंक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों को घरेलू जमा पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिल सकता है और यह लाभ लागू नियमों तथा अवधि पर निर्भर करता है।

PNB की FD व्यवस्था में अलग-अलग tenure के लिए अलग ब्याज दरें निर्धारित हैं, इसलिए पांच साल की FD और पांच साल से थोड़ी अधिक अवधि वाली FD को एक ही श्रेणी मानना सही नहीं होगा। निवेशक को रकम जमा करने से पहले यह देखना चाहिए कि उसकी FD ठीक किस अवधि के slab में आ रही है। यही वजह है कि FD की तुलना करते समय केवल बैंक का नाम या सामान्य ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी tenure और customer category देखना जरूरी है।

₹50 हजार लगाने पर भी दिखेगा अंतर

अगर निवेश की रकम ₹1 लाख के बजाय ₹50,000 हो तो भी ब्याज दर का अंतर दिखाई देता है। उपलब्ध कैलकुलेशन के अनुसार SBI में ₹50,000 की पांच साल की वरिष्ठ नागरिक FD से करीब ₹70,913, HDFC Bank में करीब ₹70,392, ICICI Bank में करीब ₹71,087 और PNB में करीब ₹70,219 की मैच्योरिटी राशि बनती है। यानी कम निवेश पर भी सबसे ज्यादा रकम ICICI Bank की तरफ दिखाई देती है।

हालांकि इन आंकड़ों को निवेश का अंतिम वादा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि FD की गणना ब्याज भुगतान के तरीके, कंपाउंडिंग और बैंक की लागू शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति पांच साल के बीच FD तोड़ता है तो उसे तय मैच्योरिटी राशि नहीं मिलेगी और बैंक के premature withdrawal नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक को पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसे पूरी अवधि तक रकम की जरूरत नहीं पड़ेगी।

FD चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान

FD को सिर्फ ब्याज दर देखकर चुनना सही तरीका नहीं है। सबसे पहले यह देखना चाहिए कि बैंक की बताई गई दर किस tenure के लिए है और वह सामान्य ग्राहक के लिए है या वरिष्ठ नागरिक के लिए। इसके बाद cumulative या नियमित ब्याज भुगतान में से अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनना चाहिए। अगर आप पांच साल तक रकम नहीं निकालने वाले हैं तो cumulative FD में ब्याज मैच्योरिटी पर मिल सकता है, जबकि नियमित payout विकल्प में ब्याज समय-समय पर खाते में आ सकता है।

समय से पहले FD तोड़ने की स्थिति में बैंक की penalty और लागू ब्याज दर भी महत्वपूर्ण होती है। ICICI Bank अपनी FD शर्तों में premature withdrawal पर लागू दंड और वास्तविक अवधि के आधार पर ब्याज भुगतान की जानकारी देता है। HDFC Bank भी स्पष्ट करता है कि FD की दरें बिना पूर्व सूचना के बदल सकती हैं और निवेशक को value date पर लागू दर की पुष्टि करनी चाहिए।

तो ₹1 लाख के लिए कौन सा विकल्प आगे है

उपलब्ध तुलना में 5 साल की FD पर वरिष्ठ नागरिक के ₹1 लाख निवेश के लिए ICICI Bank की 7.10 फीसदी दर के आधार पर ₹1,42,175 की मैच्योरिटी राशि सबसे ज्यादा दिखाई देती है। SBI में ₹1,41,826, HDFC Bank में ₹1,40,784 और PNB में ₹1,40,439 की रकम बनती है। यानी चारों के बीच अंतर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन बड़ी रकम और लंबे समय के निवेश में छोटी ब्याज दर का अंतर भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

दूसरी तरफ केवल ज्यादा मैच्योरिटी रकम को देखकर FD चुनना भी उचित नहीं है। निवेशक को बैंक की मौजूदा दर, FD की सटीक अवधि, senior citizen eligibility, premature withdrawal rules, ब्याज payout option और लागू टैक्स नियमों को भी देखना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FD बुक करने के दिन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से लागू ब्याज दर की पुष्टि कर लें, क्योंकि बैंक दरों में बदलाव कर सकते हैं।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध बैंक ब्याज दरों और संबंधित FD कैलकुलेशन के आधार पर तैयार की गई है। ब्याज दरें, मैच्योरिटी राशि और FD की शर्तें समय के साथ बदल सकती हैं। निवेश करने से पहले संबंधित बैंक से उस दिन लागू ब्याज दर, पात्रता, टैक्स और समय से पहले निकासी के नियमों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।

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