भारत में केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन, वेतन-पेंशन बढ़ोतरी और लागू होने की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने हाल ही में 8th Pay Commission को लेकर विस्तृत जानकारी दी है, जिसमें वेतन एवं पेंशन वृद्धि, कार्यान्वयन तिथि, DA-DR (महंगाई भत्ता) का विलय, और वित्तीय प्रावधान जैसे विषयों पर स्पष्टता दी गई।
संसद में वित्त राज्य मंत्री का बयान: 8th Pay Commission पर अपडेट
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में लिखित और मौखिक उत्तर के माध्यम से कहा कि 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि:
🔹 8th Pay Commission का गठन सरकार द्वारा मंजूर किया जा चुका है और इसके Terms of Reference (ToR) को नोटिफाई कर दिया गया है।
🔹 आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए अनुमानित 18 महीने का समय दिया गया है।
🔹 वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी के बारे में निर्णय आयोग की रिपोर्ट के पश्चात ही किया जाएगा।
🔹 DA/DR को मूल वेतन में मिलाने का कोई प्रस्ताव फिलहाल नहीं है। यानी महंगाई भत्ता को बेसिक पे में जोड़ने जैसे फायदे अभी प्रस्ताव में नहीं हैं।
🔹 वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि अभी तक वेतन-पेंशन वृद्धि के लिए किसी फंड का बजट में प्रावधान नहीं किया गया है, क्योंकि आयोग की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है।
इस प्रकार, संसद में दिए गए बयान से स्पष्ट है कि आयोग का काम प्रारंभ हो चुका है, लेकिन सैलरी-पेंशन में बढ़ोतरी के फैसले अभी निश्चित नहीं हुए हैं।
कब लागू होगा 8th Pay Commission?
वित्त राज्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि:
• 8th Pay Commission लागू होने की तारीख अंतिम रूप से तय नहीं की गई है।
• रिपोर्ट तैयार होने और मंजूर होने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
•प्रक्रिया की समय-सीमा और कार्यान्वयन का समय लगभग मिड-2027 या उसके बाद हो सकता है, क्योंकि आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने दिए गए हैं और उसके बाद भी समीक्षा प्रक्रिया जारी रहेगी।
सरकार की यह प्रतिक्रिया इस बात की ओर इशारा करती है कि 2026 की शुरुआत में सैलरी-पेंशन बढ़ोतरी लागू करना मुश्किल है, और वास्तविक प्रभाव 2027-28 तक देखने को मिल सकता है।
