दरभंगा | 5 अप्रैल 2026: बिहार के दरभंगा शहर का सबसे व्यस्त और प्रमुख कारोबारी इलाका बड़ा बाजार शुक्रवार दोपहर भयानक दहशत से थर्रा उठा। नगर थाना क्षेत्र में स्थित मशहूर प्रेम ज्वैलर्स में दिनदहाड़े एक बेहद खौफनाक और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया है।
चार की संख्या में आए हथियारबंद और नकाबपोश अपराधियों ने गन पॉइंट पर पूरे आभूषण शोरूम को पल भर में अपने कब्जे में ले लिया। इस खौफनाक Robbery में लुटेरे लगभग दो करोड़ रुपये के कीमती जेवरात और बीस से पच्चीस लाख रुपये नकद लूटकर बड़ी आसानी से फरार हो गए।
इस दुस्साहसिक और बड़ी घटना के बाद पूरे शहर के व्यापारिक समुदाय और आम लोगों के बीच भारी दहशत और डर का माहौल पैदा हो गया है। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की गश्ती और शहर की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर कई बड़े और गंभीर सवाल सीधे तौर पर खड़े कर दिए हैं।
मामले की प्राथमिकी दर्ज और एसआईटी की ताबड़तोड़ छापेमारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना में त्वरित रूप से कांड संख्या 72/26 के तहत तुरंत आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए पूरे शहर की सख्त नाकेबंदी कर दी है और हर तरफ सघन चेकिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
मामले के तुरंत खुलासे के लिए नगर पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल का तुरंत गठन कर दिया गया है। यह विशेष टीम घटनास्थल और आसपास के सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज को बहुत ही बारीकी और गंभीरता से खंगाल रही है।
दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी खुद इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले और जांच अभियान की सीधी और कड़ी निगरानी कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों का पक्का दावा है कि उनकी विशेष टीम अपराधियों के काफी करीब पहुंच चुकी है और जल्द ही इस वारदात का पूरा खुलासा कर दिया जाएगा।
लगातार छापेमारी अभियान चलाकर संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है ताकि लूटे गए करोड़ों के माल को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जा सके। दरभंगा पुलिस के लिए यह मामला अब एक बहुत बड़ी साख का सवाल बन चुका है क्योंकि अपराधी प्रशासन को सीधे चुनौती देकर सरेआम फरार हुए हैं।
खौफजदा व्यापारियों की आपातकालीन बैठक और पुलिस पर फूटा गुस्सा
इस भयंकर वारदात के ठीक एक दिन बाद शनिवार को लहेरियासराय और शहर के सभी स्वर्ण व्यवसायियों ने एक आपातकालीन और बड़ी बैठक बुलाई। इस महत्वपूर्ण बैठक में शहर के सौ से भी अधिक नामी और छोटे-बड़े आभूषण व्यवसायियों ने हिस्सा लिया और अपना भारी आक्रोश व्यक्त किया।
बैठक में सभी व्यापारियों ने शहर की चरमराई सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्ती के भारी अभाव पर अपनी गहरी चिंता और कड़ा रोष व्यक्त किया। उनका स्पष्ट रूप से कहना था कि पुलिस की भारी लापरवाही और सुस्ती के कारण ही आज अपराधियों का मनोबल इतना ज्यादा बढ़ गया है।
व्यापारियों ने बाकरगंज क्षेत्र का सीधा उदाहरण देते हुए प्रशासन को बताया कि वहां हर दिन नियमित पुलिस गश्त मजबूती से होती है। जबकि बड़ा बाजार जैसे सबसे संवेदनशील और करोड़ों के कारोबार वाले इलाके को पुलिस ने पूरी तरह से भगवान भरोसे छोड़ दिया है।
आक्रोशित व्यवसायियों ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर एक बड़ी और सांकेतिक हड़ताल का कड़ा प्रस्ताव भी बैठक में रखा था। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कड़े आश्वासन के बाद फिलहाल इसे स्थगित कर दिया गया है और सोमवार को पुनः समीक्षा बैठक का निर्णय लिया गया है।
भगवा रंग के नकाब पर भड़की भारी सियासत और विपक्ष के सवाल
इस पूरी वारदात में अपराधियों द्वारा पहने गए खास रंग के नकाब ने शहर में एक नई और बड़ी राजनीतिक बहस को भी तुरंत जन्म दे दिया है। युवा राजद के महानगर अध्यक्ष राकेश एस नायक ने इस बड़ी घटना की बेहद कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन को सीधे आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा कि अपराधियों द्वारा जानबूझकर भगवा रंग का नकाब पहनकर इस Robbery की घटना को अंजाम देना एक बहुत ही गंभीर विषय है। उनका मानना है कि इस खास रंग के नकाब के इस्तेमाल से आम लोगों और समाज के बीच भारी भ्रम और डर की स्थिति पैदा हो रही है।
राजद नेता ने प्रशासन से कड़ाई से यह मांग की है कि शहर के प्रमुख सर्राफा बाजारों में सशस्त्र पुलिस बल की स्थायी तैनाती तुरंत सुनिश्चित की जाए। गांधी चौक, गणेश मंदिर, गुदरी जलान मार्केट और बाकरगंज जैसे संवेदनशील इलाकों में कड़ी और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था आज समय की सबसे बड़ी मांग है।
बड़ा बाजार में पहले भी हो चुकी है करोड़ों रुपये की भयानक डकैती
आपको बता दें कि दरभंगा के इस मशहूर बड़ा बाजार इलाके में डकैती की यह कोई पहली और इकलौती बड़ी वारदात बिल्कुल भी नहीं है। इससे पहले नौ दिसंबर दो हजार बीस को भी इसी इलाके में स्थित अलंकार ज्वैलर्स में करीब पांच करोड़ रुपये की भारी और खौफनाक लूट हुई थी।
उस भयानक वारदात के बाद कुछ महीनों तक तो पुलिस की सक्रियता और गश्त बाजार में साफ तौर पर और मजबूती से दिखाई देती रही थी। लेकिन समय बीतने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था फिर से पूरी तरह कमजोर पड़ गई, जिसका सीधा और खौफनाक नतीजा आज सबके सामने आ चुका है।
शनिवार को खौफ के गहरे साये में बाजार की दुकानें जरूर खुली रहीं, लेकिन ग्राहकों की संख्या बेहद कम रही और पूरे इलाके में भयानक सन्नाटा पसरा रहा। रोजाना करोड़ों का कारोबार करने वाले व्यापारियों का साफ कहना है कि वे बिना पुख्ता सुरक्षा के अपना व्यापार शांति से बिल्कुल नहीं कर सकते हैं।
हमारा निष्कर्ष
‘खबर आंगन’ की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि दिनदहाड़े हुई यह सनसनीखेज वारदात शहर की कानून व्यवस्था के मुंह पर एक तमाचा है। पुलिस के खोखले सुरक्षा दावों की असली और डरावनी सच्चाई इस खौफनाक घटना ने पूरी तरह से जनता के सामने उजागर कर दी है।
व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के सामने अपनी कुछ बेहद प्रमुख और सख्त मांगें रखी हैं जिन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाना जरूरी है। इनमें अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी, लूटे गए जेवरात की पूरी बरामदगी और बड़ा बाजार में नियमित पुलिस गश्त की मांग सबसे ऊपर शामिल है।
Disclaimer: यह खबर ‘Khabar Aangan’ की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क द्वारा दरभंगा नगर थाना में दर्ज आधिकारिक प्राथमिकी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के बयानों और स्थानीय स्वर्ण व्यवसायियों की बैठक से प्राप्त 100% प्रामाणिक तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है।
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