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सड़क पर पड़ी थी इंसानियत, युवाओं ने दिया नया जीवन: Darbhanga में बेसहारा की जिंदगी सँवारने की भावुक कहानी

Darbhanga के बिरौल में सड़क पर दर-दर भटक रहे एक लावारिस और विक्षिप्त शख्स को कुछ युवाओं ने नहला-धुलाकर एक नया जीवन दिया है। लेकिन सालों से कूड़े के ढेर में जिंदगी गुजार रहा यह शख्स आखिर है कौन, और क्या युवाओं की यह टीम इसे इसके असली परिवार से...
Ashutosh Kumar Jha Published on: 5 मार्च 2026
सड़क पर पड़ी थी इंसानियत, युवाओं ने दिया नया जीवन: Darbhanga में बेसहारा की जिंदगी सँवारने की भावुक कहानी
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दरभंगा | 5 मार्च 2026: कहते हैं कि सेवा ही परमो धर्म है। लेकिन जब यह सेवा किसी ऐसे व्यक्ति की हो जिसे समाज ने पूरी तरह से ‘पागल’ करार देकर अपने से दूर कर दिया हो, तो वह निस्वार्थ सेवा सीधे ईश्वर की इबादत बन जाती है।

आज की इस भागदौड़ भरी और स्वार्थी होती जा रही दुनिया में, इंसान अक्सर अपनी ही उलझनों में इस कदर खोया रहता है कि उसे दूसरों की पीड़ा दिखाई नहीं देती।

लेकिन बिहार के Darbhanga जिले के बिरौल अनुमंडल से एक ऐसी दिल छू लेने वाली और सकारात्मक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है।

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यहां के कुछ युवा समाजसेवियों ने समाज की बेरुखी और अनदेखी का शिकार हुए एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को न सिर्फ नया जीवन दिया, बल्कि उसकी खोई हुई मानवीय गरिमा भी लौटाई।

यह कहानी केवल एक बेसहारा व्यक्ति को नहलाने और खाना खिलाने तक सीमित नहीं है। यह हमारे समाज के उस कड़वे सच को भी उजागर करती है, जहां मानसिक रूप से बीमार लोगों को अक्सर लावारिस और बोझ समझकर मरने के लिए छोड़ दिया जाता है।

अनदेखी की पराकाष्ठा और सड़क पर दम तोड़ती गरिमा

पिछले कई महीनों से बिरौल की सड़कों पर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति अत्यंत दयनीय और दर्दनाक स्थिति में दर-दर भटक रहा था। उसकी हालत इतनी खराब थी कि उसे देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल पसीज जाए।

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