दरभंगा | 24 मार्च 2026: बिहार में ‘उड़ता पंजाब’ जैसी स्थिति बनने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। दरभंगा सदर थाना क्षेत्र के व्यस्त दिल्ली मोड़ बस स्टैंड से भारी मात्रा में मादक पदार्थों की खेप पकड़ी गई है। इस सनसनीखेज Heroin Smuggling रैकेट का भंडाफोड़ होने से पुलिस महकमे से लेकर अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।
पटना की खुफिया भनक और दिल्ली मोड़ पर बिछा जाल
दरअसल, 23 मार्च की रात स्पेशल टास्क फोर्स (नारकोटिक्स सेल) और मद्यनिषेध व राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Patna) को एक बेहद सटीक और गुप्त इनपुट मिला था।
सूचना पक्की थी कि तस्करों का एक गिरोह बस के रास्ते भारी मात्रा में ड्रग्स लेकर दरभंगा पहुंचने वाला है। इस हाई-प्रोफाइल Heroin Smuggling को नाकाम करने के लिए दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत दिल्ली मोड़ बस स्टैंड पर डेरा डाल दिया और आने-जाने वाली बसों की सघन निगरानी शुरू कर दी।
मधुबनी की बस, मोतिहारी के तस्कर और 221 ग्राम हेरोइन
रात करीब 8:30 बजे मधुबनी की तरफ से आ रही एक बस से तीन संदिग्ध युवक बैग लेकर नीचे उतरे। खाकी वर्दी और पुलिस की घेराबंदी देखते ही उनके चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। उनमें से एक ने अंधेरे का फायदा उठाकर छिपने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उन्हें धर दबोचा।
जब इन तीनों की सघन तलाशी ली गई, तो उनके बैग से 221 ग्राम शुद्ध हेरोइन बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए तीनों तस्कर—कुन्दन प्रसाद, दीपु कुमार (25) और रत्नेश कुमार—पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के रहने वाले हैं। इनके पास से नकदी, मोबाइल फोन और रेलवे टिकट भी जब्त किए गए हैं, जो इस बात का इशारा हैं कि यह माल किसी बड़े सफर के लिए तैयार किया गया था।
तस्कर की निशानदेही पर रातों-रात पटना में रेड
पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने सख्ती बरती, तो गिरफ्तार तस्कर रत्नेश कुमार टूट गया। उसने अपने आकाओं के कई राज उगल दिए।
उसी की निशानदेही पर रातों-रात पटना जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित एक आलीशान अपार्टमेंट में छापेमारी की गई। यहां से इस Heroin Smuggling नेटवर्क के दो और अहम गुर्गे—मनीष कुमार और कन्हैया कुमार—रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए। मौके से 10 पैकेट हेरोइन, चार सोने की अंगूठियां, एक चमचमाती स्कॉर्पियो (Scorpio) और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
हमारा निष्कर्ष
‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क का स्पष्ट मानना है कि मोतिहारी से लेकर दरभंगा और पटना तक फैले इस नेक्सस का पकड़ा जाना पुलिस की एक बड़ी रणनीतिक जीत है। यह साधारण Heroin Smuggling का मामला नहीं है; स्कॉर्पियो और सोने की अंगूठियों की बरामदगी यह चीख-चीख कर साबित करती है कि इस काले कारोबार में करोड़ों रुपये का लेन-देन हो रहा था।
अब पटना के शाहपुर थाने में अलग से एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस की ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ की जांच से जल्द ही इस ड्रग्स कार्टेल के ‘सफेदपोश’ आकाओं और फाइनेंसरों के नाम भी बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है। प्रशासन को अब बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर अपने मुखबिर तंत्र को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।
Disclaimer: यह खबर ‘Khabar Aangan’ की क्राइम डेस्क द्वारा नारकोटिक्स सेल और दरभंगा पुलिस के आधिकारिक बयानों के आधार पर संकलित की गई है। ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी अभी जारी है।
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