दरभंगा | 11 अप्रैल 2026: शहर के सबसे बड़े ज्वेलरी लूट कांड में दरभंगा पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर जो खौफनाक और फिल्मी पर्दाफाश किया है, उसने पूरे बिहार को चौंका दिया है। 44 लाख रुपये के आभूषणों की रिकवरी, पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग और मिट्टी में गाड़े गए खजाने की यह कहानी किसी भी क्राइम थ्रिलर फिल्म को पीछे छोड़ देगी।
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के कड़े निर्देशों पर काम करते हुए पुलिस की विशेष जांच टीम ने इस पूरे गिरोह का जड़ से सफाया कर दिया है। ‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाले एनकाउंटर और खजाने की बरामदगी की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है। आइए जानते हैं कि आखिर इस खौफनाक वारदात की साजिश कहां रची गई थी और पुलिस ने कैसे 12 शातिर अपराधियों को दबोच लिया।
700 ग्राम सोना और 10 लाख कैश, ऐसे दिया गया था वारदात को अंजाम
इस खौफनाक वारदात की शुरुआत 03 अप्रैल 2026 को हुई थी। नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार स्थित प्रेम ज्वेलर्स के मालिक मनोज ठाकुर की दुकान पर हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े धावा बोल दिया था।
अपराधियों ने हथियार के बल पर पूरे इलाके में दहशत फैला दी और दुकान से करीब 700 ग्राम सोना, 20-25 किलोग्राम चांदी और 10 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। इतनी बड़ी लूट से पूरे शहर के व्यापारियों में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल पैदा हो गया था। पुलिस के लिए यह एक बहुत बड़ी चुनौती थी।
बेगूसराय में बदमाशों से सीधी मुठभेड़, दरभंगा पुलिस की गोली से गिरा अपराधी
लूट की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का तुरंत गठन किया गया। डीआईयू टीम और बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर पुलिस ने अपराधियों का पीछा करना शुरू किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बेगूसराय के मंसूरचक थाना क्षेत्र में बदमाशों के ठिकाने पर अचानक धावा बोल दिया।
खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी और कड़क कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें एक शातिर अपराधी मंगल कुमार के पैर में गोली लग गई और वह वहीं ढेर हो गया। पुलिस ने मौके से छह मुख्य आरोपियों को घातक हथियार, जिंदा कारतूस और लूटी गई मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
जेल में रची गई थी इतनी बड़ी साजिश, मां ने मिट्टी में छिपाया था खजाना
जब गिरफ्तार अपराधियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो जो राज खुला उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। इस पूरी महालूट की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि जेल में बंद कुख्यात अपराधी भोला सिंह ने रची थी।
पूछताछ में अभिषेक सोनी, लालू, संदीप और टाइगर समेत कई अन्य अपराधियों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने गुवाहाटी और आगरा तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब अपराधी संदीप सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा। वहां उसकी मां उषा देवी ने लूटे गए सोने और चांदी के जेवरातों को घर की मिट्टी के अंदर गाड़ कर छिपाया हुआ था। पुलिस ने उषा देवी को भी तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
हमारा निष्कर्ष
‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि दरभंगा पुलिस और एसटीएफ का यह संयुक्त ऑपरेशन पूरे राज्य के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल है। महज 24 घंटे के अंदर 156 ग्राम सोना और 8 किलो से ज्यादा चांदी (कुल 44 लाख का माल) की बरामदगी पुलिस की जबरदस्त फुर्ती को दिखाती है।
जब पुलिस अपराधियों को उनके घर में घुसकर गोलियों से जवाब देती है, तो इससे आम जनता का भरोसा खाकी वर्दी पर और भी ज्यादा मजबूत होता है। दरभंगा और बिहार की ऐसी ही हर बड़ी क्राइम रिपोर्ट के लिए हमारे साथ लगातार जुड़े रहें।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की क्राइम डेस्क द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक की प्रेस वार्ता, आधिकारिक बयानों और दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या-72/26) के आधार पर तैयार की गई है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत सभी आरोपी तब तक निर्दोष माने जाते हैं जब तक न्यायालय उन्हें दोषी नहीं ठहरा देता।
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