भारतीय सिनेमा के लिए साल 2025 का अंत एक धमाकेदार नोट पर होने जा रहा है। बॉलीवुड के ‘एनर्जी किंग’ रणवीर सिंह अपनी अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी और इंटेंस फिल्म Dhurandhar के साथ बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक आदित्य धर, जिन्होंने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी ऐतिहासिक फिल्म दी थी, इस बार एक और स्पाई-एक्शन ड्रामा लेकर आए हैं। 5 दिसंबर 2025 को रिलीज होने वाली इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है, लेकिन साथ ही कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। फिल्म को सेंसर बोर्ड (CBFC) से ‘A’ (Adults Only) सर्टिफिकेट मिला है, जो रणवीर सिंह के 15 साल के करियर में पहली बार हुआ है।
इसके अलावा, Dhurandhar का रनटाइम (Runtime) चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। यह फिल्म 3 घंटे 34 मिनट लंबी है, जो इसे पिछले दो दशकों की सबसे लंबी बॉलीवुड फिल्मों में से एक बनाती है। क्या आज के दौर में दर्शक इतनी लंबी फिल्म देखने के लिए सिनेमाघरों में बैठेंगे? क्या फिल्म में दिखाई गई हिंसा और एक्शन वाकई इतने खूंखार हैं कि इसे ‘A’ सर्टिफिकेट देना पड़ा? और क्या है एडवांस बुकिंग का हाल? इस विस्तृत रिपोर्ट में हम Dhurandhar के हर पहलू, इसके विवादों, स्टार कास्ट और बॉक्स ऑफिस की संभावनाओं का गहरा विश्लेषण करेंगे।
1. Dhurandhar का ‘A’ सर्टिफिकेट: हिंसा का नया स्तर या कहानी की मांग?
रणवीर सिंह को हम अक्सर पारिवारिक मनोरंजक फिल्मों या रोमांटिक ड्रामा में देखते आए हैं, लेकिन Dhurandhar उनकी छवि को पूरी तरह से बदलने वाली है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट दिया है, जिसका सीधा मतलब है कि 18 साल से कम उम्र के दर्शक इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाएंगे।
सेंसर की कैंची: रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में हिंसा के दृश्य इतने वास्तविक और क्रूर (Brutal) थे कि सेंसर बोर्ड को कई जगह कैंची चलानी पड़ी। बावजूद इसके, फिल्म की टोन इतनी डार्क और इंटेंस है कि इसे U/A सर्टिफिकेट देना संभव नहीं था। यह निर्णय दर्शाता है कि आदित्य धर ने जासूसी की दुनिया को बिना किसी फिल्टर के, उसके असली और खौफनाक रूप में दिखाने की कोशिश की है। फिल्म में गाली-गलौज और खून-खराबे के दृश्यों को कहानी का अभिन्न अंग बताया जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह का यह ‘डार्क अवतार’ उनके फैमिली ऑडियंस बेस को कैसे प्रभावित करता है।
2. 214 मिनट का रनटाइम: क्या यह जोखिम भरा कदम है?
आज के दौर में जब फिल्में छोटी और कसी हुई होती जा रही हैं, Dhurandhar का 3 घंटे 34 मिनट (214 मिनट) का रनटाइम एक बड़ा जुआ लग सकता है। इसकी तुलना आशुतोष गोवारिकर की ‘जोधा अकबर’ और रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों से की जा रही है।






