नई दिल्ली | 3 अप्रैल 2026: डिजिटल युग में मोबाइल नंबर हमारी सबसे बड़ी पहचान और बैंक खाते की चाबी बन चुका है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक डरावना मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 15 अप्रैल के बाद आपका SIM Card हमेशा के लिए बंद (Deactivate) हो जाएगा। इस मैसेज के साथ एक लिंक या फोन नंबर भी दिया जा रहा है जिस पर तुरंत कॉल करने या अपनी ‘केवाईसी’ (KYC) अपडेट करने का सख्त निर्देश होता है।
अगर आपको भी ऐसा कोई मैसेज या फोन कॉल आया है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए! ‘खबर आंगन’ की फैक्ट चेक और साइबर सिक्योरिटी डेस्क ने जब इस दावे की गहराई से पड़ताल की, तो इसके पीछे एक बहुत बड़े और खतरनाक साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश भर के मोबाइल यूज़र्स को इस बड़ी ठगी से बचाने के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है।
क्या सच में बंद होने वाले हैं करोड़ों मोबाइल कनेक्शन?
इस वायरल हो रहे मैसेज की असली सच्चाई यह है कि भारत सरकार या दूरसंचार विभाग ने 15 अप्रैल से आम नागरिकों का कनेक्शन बंद करने का कोई भी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है। असल में, यह साइबर ठगों की एक नई और बेहद शातिर चाल है।
हैकर्स खुद को TRAI, पुलिस या DoT का अधिकारी बताकर मासूम लोगों को कॉल करते हैं। वे डराते हैं कि उनके SIM Card का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी काम, मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकवाद में हुआ है। इसके बाद वे ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) का डर दिखाकर आपसे ओटीपी (OTP) मांगते हैं या किसी लिंक पर क्लिक करवाते हैं।
जैसे ही आप घबराहट में यह गलती करते हैं, आपका बैंक खाता चंद मिनटों में पूरी तरह खाली हो जाता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी विभाग फोन करके आपका मोबाइल नंबर काटने की धमकी कभी नहीं देता है।
