
इस्लामाबाद/नई दिल्ली | 07 जनवरी 2026:
भारत और इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। पाकिस्तान के गुजरांवाला (Gujranwala) में आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba (LeT) और फिलिस्तीनी समूह Hamas के शीर्ष कमांडरों के बीच एक गुप्त बैठक हुई है।
‘खबर आंगन’ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी और वायरल वीडियो फुटेज के मुताबिक, इस बैठक में हमास के सीनियर कमांडर Naji Zaheer और लश्कर के कमांडर Rashid Ali Sandhu को एक साथ मंच साझा करते देखा गया। यह मुलाकात सिर्फ रस्मी नहीं, बल्कि दो बड़े आतंकी नेटवर्क्स के ‘गठजोड़’ की शुरुआत मानी जा रही है।
क्या हुआ गुजरांवाला की बैठक में?
यह बैठक Pakistan Markazi Muslim League (PMML) के एक कार्यक्रम के दौरान हुई। आपको बता दें कि PMML को लश्कर-ए-तैयबा का ही राजनीतिक मुखौटा (Political Front) माना जाता है, जिसे हाफिज सईद के संगठन ने प्रतिबंधों से बचने के लिए बनाया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हमास कमांडर Naji Zaheer का स्वागत किसी ‘स्टेट गेस्ट’ की तरह किया गया। मंच से भारत और इजरायल के खिलाफ जमकर जहर उगला गया। वहां मौजूद भीड़ ने “खैबर-खैबर या यहूद” (यहूदियों के खिलाफ जंग का नारा) और “कश्मीर बनेगा पाकिस्तान” के नारे लगाए।
नाजी जहीर: पाकिस्तान में हमास का ‘चेहरा’
Naji Zaheer कोई आम चेहरा नहीं है। इजरायल पर हुए 7 अक्टूबर के हमलों के बाद से ही वह पाकिस्तान में सक्रिय है। वह लगातार लश्कर (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के नेताओं के साथ रैलियां कर रहा है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जहीर का मुख्य काम पाकिस्तान से हमास के लिए फंड जुटाना और ‘जिहादी लड़ाकों’ की भर्ती करना है। उसका लश्कर के साथ हाथ मिलाना इस बात का संकेत है कि अब कश्मीर और फिलिस्तीन के मुद्दे को एक साथ जोड़कर ‘ग्लोबल जिहाद’ (Global Jihad) का नरेटिव तैयार किया जा रहा है।
भारत के लिए खतरे की घंटी क्यों?
यह बैठक भारत के लिए सीधा खतरा है। लश्कर-ए-तैयबा वही संगठन है जिसने 26/11 मुंबई हमलों को अंजाम दिया था। अब अगर उसे हमास की ‘टनल वॉरफेयर’ (Tunnel Warfare) और रॉकेट तकनीक का ज्ञान मिलता है, तो कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बढ़ सकती है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इस गठजोड़ को पीछे से हवा दे रही है। उनका मकसद हमास की आड़ में कश्मीर में आतंकवाद को फिर से जिंदा करना है।
इजरायल और अमेरिका की प्रतिक्रिया
इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की फजीहत होना तय है। पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट से बड़ी मुश्किल से बाहर आया था, लेकिन अपनी सरजमीं पर दो बड़े आतंकी गुटों की ऐसी खुली बैठक उसे फिर से मुसीबत में डाल सकती है।
इजरायली दूतावास ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आतंकवाद का कोई भी गठबंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, भारतीय खुफिया एजेंसियां (RAW और IB) इस नए नेक्सस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
हमारा निष्कर्ष
हमास और लश्कर का यह मिलन सिर्फ विचारधारा का नहीं, बल्कि संसाधनों (Resources) का भी हो सकता है। पाकिस्तान अपनी गिरती अर्थव्यवस्था के बावजूद आतंकवाद को पालने की पुरानी आदत से बाज नहीं आ रहा है। भारत को अब अपनी सीमा सुरक्षा और भी चाक-चौबंद करनी होगी।
Disclaimer: इस खबर की पुष्टि ‘खबर आंगन’ की फॉरेन डेस्क ने वायरल वीडियो फुटेज, अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और खुफिया सूत्रों (Jan 07, 2026) के आधार पर की है। हम आतंकवाद के किसी भी रूप का पुरजोर विरोध करते हैं।
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