दरभंगा | 26 मार्च 2026: Laheriasarai रेलवे स्टेशन परिसर में सोमवार देर रात एक बेहद दर्दनाक और दिल पसीज देने वाली घटना सामने आई। यहां भिक्षाटन कर अपना और अपने 10 साल के मासूम बच्चे का पेट पालने वाली एक असहाय महिला की अचानक मौत हो गई।
मंगलवार सुबह जब स्टेशन पर लोगों की भीड़ जमा हुई, तो वहां का मार्मिक दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। एक 10 साल का मासूम बच्चा अपनी मां के शव के पास बैठकर फूट-फूट कर रो रहा था, लेकिन भीड़ में से कोई ठोस मदद के लिए आगे नहीं आ रहा था।
इसी संवेदनहीन भीड़ के बीच मानवता की एक बड़ी मिसाल देखने को मिली, जब एक स्थानीय नेता ने अपने सारे निजी काम छोड़कर इस बेसहारा परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली।
रोते बच्चे को देख रद्द किया बेगूसराय का सफर
जानकारी के अनुसार, भाजपा के जिला मंत्री और बहादुरपुर विधानसभा संयोजक राहुल पासवान अपने किसी जरूरी काम से स्टेशन पहुंचे थे। उन्हें एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में बेगूसराय के लिए निकलना था। लेकिन जैसे ही उनकी नजर लावारिस हालत में पड़ी महिला के शव और उसके पास बैठकर बिलखते अनाथ बच्चे पर पड़ी, उनके कदम वहीं ठिठक गए।
राहुल पासवान ने बिना एक पल गंवाए अपनी बेगूसराय की यात्रा रद्द कर दी और इंसानियत का फर्ज निभाते हुए उस बेसहारा बच्चे की मदद के लिए आगे आ गए।
बच्चे के हाथों हिंदू रीति-रिवाज से दिलाई मुखाग्नि
राहुल पासवान ने सबसे पहले स्टेशन पर मौजूद रेलवे पुलिस को इस दुखद घटना की आधिकारिक सूचना दी और शव से जुड़ी सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करवाने में मदद की। इसके बाद उन्होंने खुद आगे बढ़कर महिला के अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था की।
एकमी घाट स्थित नदी किनारे अंतिम संस्कार की पूरी सामग्री जुटाई गई और पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार मृतक महिला के 10 वर्षीय बेटे के हाथों उसे नम आंखों से अंतिम विदाई और मुखाग्नि दिलवाई गई। राहुल पासवान अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने तक बच्चे के साथ खड़े रहे और उसे ढांढस बंधाते रहे।
समस्तीपुर की रहने वाली थी बेसहारा महिला
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक महिला मूल रूप से समस्तीपुर जिले की रहने वाली थी। वह लंबे समय से Laheriasarai स्टेशन के पास स्थित शनि मंदिर के समीप भिक्षा मांगकर अपना और अपने बेटे का गुजर-बसर कर रही थी।
समाज सेवा के साथ-साथ एलपीजी गैस गोदाम का संचालन करने वाले राहुल पासवान के इस मानवीय और संवेदनशील कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि आज के स्वार्थी दौर में जहां लोग किसी दुर्घटना को देखकर सिर्फ वीडियो बनाने में व्यस्त रहते हैं, वहां इस तरह की पहल पूरे समाज के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल है।
हमारा निष्कर्ष
Laheriasarai स्टेशन पर घटी यह घटना समाज के दो अलग-अलग चेहरों को दिखाती है—एक तरफ वह व्यवस्था और भीड़ जो एक अनाथ बच्चे को रोता छोड़ देती है, और दूसरी तरफ वह संवेदनशीलता जो इंसान को अपने सारे काम छोड़कर मदद के लिए प्रेरित करती है।
राहुल पासवान का यह कदम न सिर्फ मानवता की एक सच्ची मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समाज को सही मायनों में संभालने के लिए सरकारी व्यवस्थाओं से ज्यादा संवेदनशील व्यक्तियों की जरूरत है। उस अनाथ बच्चे के पुनर्वास और शिक्षा के लिए भी अब स्थानीय प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए।
Disclaimer: यह मानवीय और स्थानीय न्यूज़ रिपोर्ट ‘खबर आंगन’ की डेस्क द्वारा प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हम समाज में सकारात्मकता और मानवता को बढ़ावा देने वाले ऐसे कदमों की सराहना करते हैं।
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