Suchna Se Sacchai Tak
ADVERTISEMENT

IN FOCUS

Advertisement
  1. Home
  2. Business News
  3. सोना 3 लाख और चांदी 6 लाख तक पहुंचेगी? रॉबर्ट कियोसाकी के दावे से मची हलचल

सोना 3 लाख और चांदी 6 लाख तक पहुंचेगी? रॉबर्ट कियोसाकी के दावे से मची हलचल

सोना 3 लाख और चांदी 6 लाख तक पहुंच सकती है? रॉबर्ट कियोसाकी के बड़े अनुमान ने निवेशकों का ध्यान खींचा है, लेकिन इस दावे के पीछे असली गणित और जोखिम क्या है?
Khabar Aangan Published on: 17 अगस्त 2026
सोना 3 लाख और चांदी 6 लाख तक पहुंचेगी? रॉबर्ट कियोसाकी के दावे से मची हलचल
ADVERTISEMENT
आर्टिकल सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं
0:00 / 0:00

नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026 — सोने और चांदी की कीमतों को लेकर मशहूर निवेशक और Rich Dad Poor Dad के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी का एक बड़ा अनुमान फिर चर्चा में है। कियोसाकी ने 23 मई 2026 को सोशल मीडिया पोस्ट में संभावित बड़े बाजार क्रैश की चेतावनी देते हुए सोने के लिए 1 लाख डॉलर प्रति औंस और चांदी के लिए 200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की बात कही थी। भारतीय मुद्रा में इन स्तरों का सीधा रूपांतरण बेहद बड़ी कीमतों की ओर इशारा करता है। हालांकि, यह किसी केंद्रीय संस्था या आधिकारिक बाजार लक्ष्य का अनुमान नहीं, बल्कि कियोसाकी की राय है।

कियोसाकी ने सोने और चांदी को लेकर क्या कहा?

कियोसाकी ने अपने पोस्ट में सीधे तौर पर बाजार में संभावित बड़े संकट की बात कही। उन्होंने जिम रिकर्ड्स के उस अनुमान का हवाला दिया, जिसमें सोने के 1 लाख डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। इसी पोस्ट में कियोसाकी ने कहा कि उन्हें लगता है चांदी 200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। उस समय उन्होंने सोने का भाव करीब 4,500 डॉलर और चांदी का करीब 75 डॉलर प्रति औंस बताया था। यानी उनके अनुमान में दोनों की कीमतों में मौजूदा स्तर से बहुत बड़ी छलांग की संभावना है।

ADVERTISEMENT

यहां यह समझना जरूरी है कि कियोसाकी ने सोने के 1 लाख डॉलर वाले आंकड़े को अपना स्वतंत्र लक्ष्य बताने के बजाय जिम रिकर्ड्स के अनुमान का संदर्भ दिया था। वहीं चांदी के 200 डॉलर वाले स्तर को लेकर उन्होंने खुद अपनी राय रखी। इसलिए सोने की कीमत 3 लाख रुपये या चांदी की कीमत 6 लाख रुपये जैसी भारतीय गणनाओं को कियोसाकी का सीधे-सीधे घोषित भारतीय बाजार लक्ष्य कहना सही नहीं होगा। ये अंतरराष्ट्रीय अनुमान को भारतीय कीमतों में समझाने के लिए किए गए रूपांतरण हैं।

चांदी के 6 लाख रुपये तक पहुंचने का गणित क्या है?

कियोसाकी ने चांदी के लिए 200 डॉलर प्रति औंस का अनुमान दिया है। मई में उपलब्ध कीमतों के आधार पर भारतीय बाजार में इसका संभावित मूल्य करीब 6.75 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बैठ सकता था, हालांकि वास्तविक घरेलू कीमत डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात लागत, कर और बाजार की स्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है। यही वजह है कि 6 लाख रुपये का आंकड़ा चांदी के लिए चर्चा में आया है।

ADVERTISEMENT

यह अनुमान मौजूदा बाजार भाव से बहुत बड़ी तेजी को दर्शाता है। मई में जब कियोसाकी ने यह टिप्पणी की थी, तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 75 डॉलर प्रति औंस के आसपास थी। इसके मुकाबले 200 डॉलर का स्तर लगभग ढाई गुना से ज्यादा का उछाल दर्शाता है। हालांकि, चांदी का बाजार सोने की तुलना में अधिक अस्थिर माना जाता है, इसलिए इतने बड़े अनुमान के रास्ते में तेज तेजी के साथ बड़ी गिरावट भी संभव है।

सोने के 3 लाख रुपये वाले अनुमान को कैसे समझें?

सोने को लेकर मामला थोड़ा अलग है। कियोसाकी ने 1 लाख डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा जिम रिकर्ड्स के अनुमान के तौर पर साझा किया था। अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत को भारतीय रुपये में बदलने पर अलग-अलग समय पर डॉलर-रुपया दर के कारण भारतीय आंकड़ा बदलता रहेगा। इसलिए 3 लाख रुपये को कियोसाकी का कोई निश्चित भारतीय सोना भाव बताना उचित नहीं होगा। यह आंकड़ा उस बड़े अंतरराष्ट्रीय अनुमान की भारतीय संदर्भ में की गई व्याख्या के तौर पर देखा जाना चाहिए।

ADVERTISEMENT

कियोसाकी की पोस्ट का मुख्य संदेश कीमत के किसी निश्चित भारतीय स्तर से ज्यादा वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को लेकर उनकी चिंता थी। उनका मानना है कि अगर बाजार में बड़ा संकट आता है तो निवेशक पारंपरिक वित्तीय परिसंपत्तियों के बजाय सोना और चांदी जैसे वास्तविक संपत्तियों की तरफ जा सकते हैं। इसी संभावित बदलाव को उन्होंने दोनों धातुओं में बड़ी तेजी की वजह के रूप में देखा है।

आखिर क्यों बढ़ सकता है सोने-चांदी का आकर्षण?

सोना आमतौर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौरान सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है। महंगाई, मुद्रा में कमजोरी, ब्याज दरों की दिशा और वैश्विक तनाव जैसी परिस्थितियां सोने की मांग को प्रभावित कर सकती हैं। चांदी की कहानी कुछ अलग है, क्योंकि इसका इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ उद्योगों में भी होता है। तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों में इसकी मांग इसकी कीमतों को प्रभावित करने वाले कारकों में शामिल है।

हालांकि, केवल इन कारणों के आधार पर 3 लाख रुपये का सोना या 6 लाख रुपये की चांदी निश्चित मान लेना सही नहीं होगा। कमोडिटी बाजार में कीमतें कई वैश्विक कारकों से प्रभावित होती हैं और अनुमान वास्तविक कीमत से काफी अलग हो सकते हैं। खासकर चांदी में उतार-चढ़ाव तेज हो सकता है। इसलिए कियोसाकी का अनुमान बाजार की एक संभावित दिशा बताता है, इसे निश्चित भविष्यवाणी या निवेश की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

निवेशकों के लिए कियोसाकी की सबसे अहम सलाह क्या है?

कियोसाकी ने इसी पोस्ट में निवेशकों से बाजार की स्थिति को समझकर खुद शोध करने की बात कही। उनका तर्क है कि बड़े बाजार संकट में निवेशक केवल डरने के बजाय संभावित अवसरों को भी पहचान सकते हैं। वह लंबे समय से सोने और चांदी को अपनी निवेश रणनीति का हिस्सा बताते रहे हैं और चांदी में कई दशक पहले से खरीदारी करने की बात भी कह चुके हैं।

लेकिन बाजार विशेषज्ञों के लिए कियोसाकी के ऐसे अनुमान को लेकर सबसे जरूरी बात जोखिम है। 200 डॉलर की चांदी या 1 लाख डॉलर का सोना किसी निश्चित समय सीमा में जरूर पहुंचेगा, ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। कीमतों में तेज उछाल के बाद करेक्शन भी आ सकता है। इसलिए मौजूदा कीमतों पर केवल किसी बड़े अनुमान को देखकर खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है।

क्या सच में 3 लाख का सोना और 6 लाख की चांदी संभव है?

कियोसाकी के अनुमान ने निश्चित तौर पर बाजार में एक बड़ा सवाल खड़ा किया है, लेकिन सोने-चांदी की कीमत का भविष्य किसी एक व्यक्ति के बयान से तय नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, महंगाई, ब्याज दरें, केंद्रीय बैंकों की खरीद, औद्योगिक मांग और वैश्विक जोखिम जैसे कई कारक कीमतों को प्रभावित करते हैं।

इसलिए 3 लाख रुपये का सोना और 6 लाख रुपये की चांदी फिलहाल एक संभावित बाजार परिदृश्य और अनुमान के तौर पर ही देखना चाहिए। कियोसाकी का बयान निवेशकों के बीच चर्चा जरूर बढ़ा सकता है, लेकिन वास्तविक कीमत उस समय की वैश्विक और घरेलू बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: यह खबर रॉबर्ट कियोसाकी के सार्वजनिक बयान और उपलब्ध बाजार संबंधी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। सोने और चांदी के बताए गए भविष्य के स्तर अनुमान हैं, निश्चित कीमत या निवेश सलाह नहीं। निवेश से पहले स्वतंत्र वित्तीय सलाह लेना उचित है।

इस खबर को शेयर करें
Khabar Aangan

Khabar Aangan Admin

Khabar Aangan एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो सूचना से सच्चाई तक की यात्रा को समर्पित है। हमारा उद्देश्य है—स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं तक, हर खबर को गहराई, संदर्भ और निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करना। हम परंपरागत पत्रकारिता को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ते हैं, ताकि पाठकों को मिले स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी। चाहे बात हो प्रशासनिक विफलता की, या सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता की, या सामाजिक बदलाव की—Khabar Aangan हर विषय को संवेदनशीलता और साहस के साथ उठाता है।

आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।

GPay UPI Paytm AmazonPay Razorpay

WELCOME TO KHABAR AANGAN Suchna Se Sacchai Tak