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अयोध्या के 7 हजार परिवारों को मिलेगा पक्का घर, 89 ग्राम पंचायतों में चयन पूरा; अब शासन तय करेगा किसे मिलेगा आवास

अयोध्या में 7 हजार से ज्यादा परिवारों के पक्के घर का इंतजार अब किस मोड़ पर पहुंचा है? 89 ग्राम पंचायतों की सूची शासन तक पहुंच चुकी है, लेकिन अंतिम मंजूरी से पहले अभी कौन-से कदम बाकी हैं?
Khabar Aangan Published on: 16 अगस्त 2026
अयोध्या के 7 हजार परिवारों को मिलेगा पक्का घर, 89 ग्राम पंचायतों में चयन पूरा; अब शासन तय करेगा किसे मिलेगा आवास
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अयोध्या, उत्तर प्रदेश, 16 अगस्त 2026 — अयोध्या के हजारों परिवारों के लिए पक्के घर का इंतजार अब खत्म होने की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत रुदौली विकासखंड की सभी 89 ग्राम पंचायतों में पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर सूची शासन को भेज दी गई है। अब शासन स्तर पर तकनीकी जांच और आवास का लक्ष्य तय होने के बाद पात्र परिवारों के नाम स्वीकृति के लिए आगे बढ़ेंगे। करीब डेढ़ साल से पक्के घर की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों के लिए यह प्रक्रिया इसलिए अहम है, क्योंकि अब फैसला ग्राम पंचायतों के स्तर से आगे बढ़कर शासन के स्तर पर पहुंच गया है।

7 हजार से ज्यादा परिवारों का हुआ सर्वे, फिर शुरू हुई पड़ताल

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों की पहचान के लिए जनवरी 2024 में व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया था। रुदौली विकासखंड में 35 कर्मचारियों की टीम ने घर-घर जाकर 7,122 से अधिक परिवारों की आर्थिक और आवासीय स्थिति का आकलन किया। इसके बाद प्राप्त आवेदनों और सर्वे से जुड़े विवरण की ब्लॉक तथा जिला स्तर पर जांच की गई। अधिकारियों की ओर से सत्यापन और क्रॉस चेकिंग की प्रक्रिया भी पूरी की गई, ताकि लाभ के लिए पात्र परिवारों की पहचान में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो।

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डेढ़ साल से पक्के मकान का इंतजार

रुदौली क्षेत्र में ऐसे कई परिवार हैं जो लंबे समय से कच्चे या जर्जर मकानों में रहने की स्थिति से बाहर निकलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ साल से पात्र परिवारों के चयन और आगे की प्रक्रिया का इंतजार चल रहा था। अब ग्राम पंचायतों में खुली बैठकों के जरिए सूची को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इन परिवारों की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, सूची में नाम आना और अंतिम आवास स्वीकृति मिलना अभी एक ही बात नहीं है। आगे शासन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी होगा।

89 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक के बाद तय हुए नाम

लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया केवल बंद कमरे में नहीं की गई। रुदौली विकासखंड की सभी 89 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक आयोजित की गई, जहां सर्वे सूची को ग्रामीणों के सामने रखा गया। सूची में शामिल परिवारों को लेकर बिंदुवार चर्चा हुई और स्थानीय लोगों की ओर से सामने आई आपत्तियों तथा सुझावों पर भी विचार किया गया। आपत्तियों के निस्तारण के बाद लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया। ग्राम सभाओं से मंजूरी मिलने के बाद यही सूची अब शासन को भेज दी गई है।

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इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। ग्रामीणों की मौजूदगी में सूची पर चर्चा होने से स्थानीय स्तर पर किसी नाम को लेकर सवाल या आपत्ति हो तो उसे सामने रखने का अवसर मिला। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन और ग्राम सभा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूची को शासन स्तर पर भेजा गया है। अब वहां होने वाली तकनीकी जांच और निर्धारित लक्ष्य के आधार पर आगे की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अब शासन के हाथ में है अंतिम मंजूरी का फैसला

ग्राम सभाओं से अनुमोदित सूची शासन को भेजे जाने के बाद अब अगला कदम शासन स्तर पर होना है। अधिकारियों के अनुसार, शासन की ओर से तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने और आवास का लक्ष्य मिलने के बाद पात्र लाभार्थियों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाए जाएंगे। यानी फिलहाल चयन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो चुका है, लेकिन जिन परिवारों के नाम सूची में आए हैं, उन्हें अंतिम मंजूरी और आगे की प्रक्रिया के लिए शासन के निर्णय का इंतजार करना होगा।

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खंड विकास अधिकारी अखिलेश कुमार गुप्ता के अनुसार, ग्राम सभाओं से अनुमोदित सूची शासन को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया गया है। प्रशासन की कोशिश ऐसे परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की है जिनके पास सुरक्षित और पक्का मकान नहीं है। अब शासन की ओर से निर्धारित प्रक्रिया और लक्ष्य मिलने के बाद पात्र परिवारों को आवास स्वीकृति की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।

AI से भी हुई पात्रता की जांच, क्यों लिया गया इसका सहारा?

इस बार लाभार्थियों के चयन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI आधारित तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना और संभावित त्रुटियों को कम करना था। हालांकि, AI का इस्तेमाल जमीनी सत्यापन का विकल्प नहीं था। सर्वे के बाद आवेदनों की जांच, क्रॉस चेकिंग और ग्राम सभा में सूची पर चर्चा जैसी प्रक्रियाएं भी की गईं। यानी तकनीक के साथ स्थानीय स्तर की पड़ताल को भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा रखा गया।

AI आधारित तकनीक के इस्तेमाल की वजह से इस बार लाभार्थियों की पहचान को लेकर एक नया पहलू भी सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। हालांकि, किसी परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने का अंतिम फैसला केवल AI के आधार पर नहीं हुआ है। ग्राम सभा की मंजूरी, प्रशासनिक सत्यापन और शासन स्तर की प्रक्रिया भी इसमें महत्वपूर्ण है।

क्या 7 हजार परिवारों को तुरंत मिल जाएगा पैसा?

यहां लाभार्थियों के लिए सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है। सर्वे और ग्राम सभा की प्रक्रिया पूरी होने का मतलब यह नहीं है कि 7 हजार से ज्यादा परिवारों के खाते में तुरंत आवास की राशि पहुंच जाएगी। अभी सूची शासन को भेजी गई है और आगे शासन स्तर पर तकनीकी जांच तथा लक्ष्य निर्धारण होना बाकी है। इसके बाद पात्र परिवारों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृति के लिए आगे बढ़ेंगे। इसलिए फिलहाल इसे आवास मिलने की प्रक्रिया में बड़ा पड़ाव कहना ज्यादा सही होगा।

यानी जिन परिवारों का नाम ग्राम सभा से अनुमोदित सूची में आया है, उन्हें अभी आगे की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना होगा। शासन से लक्ष्य मिलने के बाद आवास स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उपलब्ध रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि प्रत्येक परिवार के खाते में राशि किस तारीख को जारी होगी। इसलिए किसी निश्चित भुगतान तारीख या राशि को अभी घोषित तथ्य के रूप में बताना उचित नहीं होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अगला महत्वपूर्ण अपडेट शासन स्तर से मिलने की उम्मीद है।

जिनके नाम सूची में नहीं हैं, उनके लिए क्या?

ग्राम सभा में सर्वे सूची पर चर्चा के दौरान ग्रामीणों को आपत्ति और सुझाव रखने का अवसर दिया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत आपत्तियों के निस्तारण के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया। इसका मतलब यह है कि चयन केवल शुरुआती सर्वे के आधार पर नहीं छोड़ा गया, बल्कि स्थानीय स्तर पर सूची की समीक्षा भी हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जिन परिवारों का नाम अंतिम सूची में नहीं आया, उनके लिए अलग से अपील या पुनःसर्वे की व्यवस्था क्या होगी।

इसलिए ऐसे परिवारों को किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंट के भरोसे रहने के बजाय ग्राम पंचायत, विकासखंड कार्यालय या संबंधित प्रशासनिक कार्यालय से आधिकारिक जानकारी लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रता और लाभार्थी चयन सरकारी प्रक्रिया के तहत होता है। उपलब्ध रिपोर्ट में किसी अतिरिक्त शुल्क या निजी एजेंट के जरिए नाम जुड़वाने की कोई व्यवस्था नहीं बताई गई है। इसलिए नाम जुड़वाने या मंजूरी दिलाने के नाम पर किसी को पैसा देने से पहले आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

सरकार का लक्ष्य जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है आवास

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का व्यापक उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। केंद्र की हालिया जानकारी के मुताबिक योजना के तहत 4.95 करोड़ घरों के लक्ष्य के मुकाबले 3.91 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है और 3.05 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। सरकार ने यह भी कहा है कि कोई पात्र ग्रामीण परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।

अयोध्या के रुदौली क्षेत्र में 7,122 से अधिक परिवारों का सर्वे और 89 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक के जरिए सूची को अंतिम रूप दिया जाना इसी प्रक्रिया का स्थानीय हिस्सा है। अब सबसे महत्वपूर्ण चरण शासन स्तर की जांच और लक्ष्य निर्धारण है। यदि सूची में शामिल परिवार पात्रता की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं और शासन से स्वीकृति मिलती है, तो उनके पक्के घर का रास्ता आगे खुलेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से सूची शासन को भेजे जाने की पुष्टि की गई है।

अयोध्या में अब किस बात का इंतजार?

रुदौली की 89 ग्राम पंचायतों में लाभार्थी चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब स्थानीय स्तर का बड़ा काम पूरा हो चुका है। हजारों परिवारों की जानकारी जुटाने, उसका सत्यापन करने, ग्राम सभा में सूची रखने और आपत्तियों के निस्तारण के बाद सूची शासन को भेजी गई है। अब सवाल यह है कि शासन की तकनीकी जांच कब पूरी होती है और आवास का लक्ष्य कब मिलता है। इसके बाद ही पात्र परिवारों के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति की अगली कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी।

फिलहाल अयोध्या के इन परिवारों के लिए सबसे बड़ी खबर यही है कि पक्के घर की प्रक्रिया अब केवल सर्वे तक सीमित नहीं है। ग्राम सभाओं ने सूची को मंजूरी दे दी है और उसे शासन तक भेज दिया गया है। लेकिन अंतिम स्वीकृति और राशि जारी होने को लेकर अभी आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। इसलिए लाभार्थियों के लिए अगला बड़ा अपडेट शासन के स्तर से आने वाला फैसला होगा। उसी के बाद साफ होगा कि चयनित परिवारों को आवास की मंजूरी कब मिलती है और निर्माण की प्रक्रिया कब शुरू होगी।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बताई गई प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई है। ग्राम सभाओं से सूची अनुमोदित होकर शासन को भेजी गई है, लेकिन अंतिम आवास स्वीकृति और राशि जारी होने की तारीख अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।

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