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स्कूल की हालत दिखाना अब्दुल हफीज को पड़ा भारी? हमले में पिता की मौत, BJP पर आरोप से सियासत गरम

बांकुड़ा में सरकारी स्कूल की स्थिति का जायजा लेने गए CJP वॉलंटियर अब्दुल हफीज के परिवार पर कथित हमले में उनके पिता की मौत हो गई। CJP ने BJP पर आरोप लगाया, जबकि शुभेंदु अधिकारी ने पार्टी की भूमिका से इनकार कर दिया।
Khabar Aangan Published on: 16 अगस्त 2026
स्कूल की हालत दिखाना अब्दुल हफीज को पड़ा भारी? हमले में पिता की मौत, BJP पर आरोप से सियासत गरम
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बांकुड़ा, पश्चिम बंगाल, 16 अगस्त 2026 — पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति सामने लाने निकले CJP वॉलंटियर शेख अब्दुल हफीज के परिवार पर कथित हमले के बाद उनके पिता जनाब माफिक की मौत ने राजनीतिक विवाद को तेज कर दिया है। CJP का आरोप है कि स्कूल की स्थिति का जायजा लेने के बाद अब्दुल के घर पर हमला किया गया, जिसमें उनके पिता के सिर में गंभीर चोट लगी। इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई। संगठन ने इस घटना के लिए कथित तौर पर स्थानीय BJP कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार बताया है।

स्कूल की हालत देखने गए थे अब्दुल हफीज

घटना बांकुड़ा जिले के करिसुंडा इलाके की बताई जा रही है। CJP के मुताबिक, 25 वर्षीय अब्दुल हफीज पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत अपने गांव के सरकारी स्कूल पहुंचे थे। इस अभियान में सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और ढांचे की स्थिति का जायजा लेने की बात कही गई है। अब्दुल ने स्कूल में बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, खासकर शौचालय और पीने के पानी जैसी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी जुटाई थी। उन्होंने स्कूल के एक शिक्षक से भी इस संबंध में बातचीत की थी।

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अब्दुल के मुताबिक, उन्होंने स्कूल की स्थिति को दस्तावेज के तौर पर रिकॉर्ड करने और अभियान के तहत आगे काम करने की बात शिक्षक से कही थी। उनका दावा है कि शिक्षक ने उन्हें अगले दिन फिर आने के लिए कहा था। CJP का आरोप है कि इसके बाद स्कूल में अब्दुल की गतिविधियों की जानकारी स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक पहुंची। संगठन के अनुसार, इसी घटनाक्रम के बाद 13 अगस्त की रात उनके घर पर कथित तौर पर हमला हुआ। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि जांच के जरिए ही होनी बाकी है।

रात में घर पहुंचे लोगों पर क्या आरोप है

CJP का दावा है कि 13 अगस्त की रात कुछ हथियारबंद लोग अब्दुल हफीज के घर में जबरन घुसे। संगठन के अनुसार, अब्दुल ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उनसे स्कूल की खराब स्थिति को लेकर वीडियो बनाने और उसे सामने लाने के लिए माफी मांगने को कहा। कथित तौर पर उनसे ऐसा वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए भी कहा गया जिसमें यह बताया जाए कि उन्होंने यह काम किसी बाहरी व्यक्ति के प्रभाव में किया था। अब्दुल के इनकार के बाद परिवार पर हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है।

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अब्दुल ने दावा किया कि हमले में उन्हें भी गंभीर चोट लगी, जबकि उनके पिता ने बेटे को बचाने की कोशिश की तो उन्हें सिर में गंभीर चोट पहुंची। CJP के अनुसार, हमले के बाद अब्दुल के पिता को इलाज के लिए बर्दवान मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया। हालत गंभीर बनी रही और शनिवार को उनकी मौत हो गई। संगठन ने उनकी मौत को कथित हमले से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। हालांकि, मौत की कानूनी और चिकित्सकीय वजह तथा हमले से उसका संबंध जांच के आधार पर ही अंतिम रूप से तय होगा।

BJP पर आरोप लगा तो शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा

घटना सामने आने के बाद CJP ने कथित हमलावरों को स्थानीय BJP कार्यकर्ता बताया और पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी घटना की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। संगठन का कहना है कि बेहतर सरकारी स्कूलों की मांग को लेकर चल रहे अभियान को दबाने की कोशिश की गई। हालांकि, BJP की ओर से इस आरोप को स्वीकार नहीं किया गया है और मामले में राजनीतिक संगठन की भूमिका को लेकर अलग दावा सामने आया है।

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और गृह विभाग संभाल रहे शुभेंदु अधिकारी ने BJP के किसी भी कनेक्शन से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि FIR में नामजद पांच लोगों में से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी दो को भी पकड़ा जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, मामले में शामिल लोग अपराधी हैं और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यानी एक तरफ CJP राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से BJP की संगठनात्मक भूमिका से इनकार किया गया है।

तीन आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश

शुभेंदु अधिकारी के बयान के मुताबिक, मामले में पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और उनमें से तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी दो आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की बात कही गई है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी कहा है कि यदि हमला हुआ है तो पुलिस को उसकी जांच करनी चाहिए और आरोप साबित होने पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह संभावना भी उठाई कि घटना के पीछे स्थानीय विवाद की कोई भूमिका हो सकती है।

BJP नेता अग्निमित्रा पॉल ने भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने गलत काम किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और पार्टी किसी दोषी को बचाने के पक्ष में नहीं है। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के व्यक्तिगत आचरण की जिम्मेदारी सीधे पार्टी नेतृत्व पर नहीं डाली जा सकती। इस तरह मामले में राजनीतिक आरोपों के बीच BJP की ओर से भी जांच और दोष साबित होने पर कार्रवाई की बात कही गई है।

अब्दुल ने बताई हमले के बाद की पूरी कहानी

अब्दुल हफीज ने कथित तौर पर अस्पताल से बनाए गए वीडियो में घटना के बारे में अपना पक्ष रखा है। उनका दावा है कि हमले के दौरान उनके पिता को गंभीर चोट लगी और बाद में परिवार को सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल से लौटते समय कुछ लोगों ने उन्हें दोबारा घेरा और उनका मोबाइल फोन ले लिया। उनके अनुसार, फोन में मौजूद कुछ वीडियो भी हटा दिए गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है और पुलिस जांच में इनकी पड़ताल होना बाकी है।

CJP ने घटना को केवल एक परिवार पर हुए हमले के रूप में नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाने वालों को कथित तौर पर डराने की कोशिश के रूप में पेश किया है। संगठन का कहना है कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाना किसी राजनीतिक विचारधारा का मुद्दा नहीं होना चाहिए। इसी आधार पर CJP ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

CJP की टीम अब पश्चिम बंगाल जाएगी

पिता की मौत के बाद CJP ने पश्चिम बंगाल में अपने प्रतिनिधिमंडल को भेजने का फैसला किया है। संगठन के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यसमिति का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पश्चिम बंगाल जाएगा। टीम अब्दुल हफीज और उनके परिवार से मिलने के साथ मामले में न्याय की मांग करेगी। संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की बात कही गई है। CJP का कहना है कि परिवार को कानूनी और अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

इस बीच घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर स्कूल की स्थिति का जायजा लेने के बाद अब्दुल के परिवार पर हमला क्यों हुआ और इसमें वास्तव में कौन लोग शामिल थे। CJP ने BJP कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने पार्टी का कनेक्शन पूरी तरह नकार दिया है। ऐसे में आरोप और राजनीतिक बचाव के बीच पुलिस जांच की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। FIR, गिरफ्तार आरोपियों, प्रत्यक्षदर्शियों और दूसरे साक्ष्यों से ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

स्कूल से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बना

अब्दुल हफीज के मामले ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर चल रही बहस को भी राजनीतिक रंग दे दिया है। CJP का कहना है कि उसका अभियान स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए है और अब्दुल इसी अभियान के तहत अपने गांव के स्कूल पहुंचे थे। दूसरी ओर, घटना में BJP की कथित भूमिका को लेकर पार्टी की ओर से इनकार किया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हमले की मुख्य वजह केवल स्कूल निरीक्षण था या इसके पीछे कोई स्थानीय विवाद भी मौजूद था।

अभी तक सामने आई जानकारी में इतना स्पष्ट है कि अब्दुल हफीज के पिता जनाब माफिक की मौत गंभीर सिर की चोट के बाद हुई है और घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पांच लोगों के खिलाफ FIR और तीन गिरफ्तारियों की जानकारी राज्य सरकार की ओर से दी गई है। वहीं, CJP लगातार इसे अपने कार्यकर्ता और उसके परिवार पर राजनीतिक दबाव से जोड़कर देख रहा है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्य यह तय करेंगे कि हमले की वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

जांच से साफ होगी हमले की असली वजह

मामले की जांच में हमले की परिस्थितियों के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि स्कूल निरीक्षण और हमले के बीच वास्तव में कोई सीधा संबंध था या नहीं। अब्दुल ने जिस शिक्षक से बातचीत का जिक्र किया है, उसकी भूमिका और उसके बाद की घटनाओं की भी पड़ताल हो सकती है। इसके अलावा घर पर मौजूद लोगों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जांच की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल किसी राजनीतिक दल को हमले का जिम्मेदार बताना जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं होगा।

पिता की मौत के बाद अब यह मामला बांकुड़ा से निकलकर राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। CJP ने न्याय और गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है, जबकि BJP की ओर से संगठन की भूमिका से इनकार किया गया है। पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ रही है और तीन गिरफ्तारियों की पुष्टि की जा चुकी है। आने वाले दिनों में जांच से सामने आने वाली जानकारी यह बताएगी कि इस घटना के पीछे वास्तव में क्या हुआ था और अब्दुल हफीज के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में प्रशासन किस तरह आगे बढ़ता है।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी, सामने आए आरोपों और प्रशासन की ओर से दिए गए बयानों के आधार पर तैयार की गई है। हमले में BJP की कथित भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और अंतिम जिम्मेदारी जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

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