Suchna Se Sacchai Tak
ADVERTISEMENT

IN FOCUS

Advertisement
  1. Home
  2. States
  3. West Bengal News
  4. West Bengal चुनाव: 60 लाख ‘संदिग्ध’ वोटरों पर सस्पेंस, CEO ने कहा- ‘कितने नाम कटे, मुझे नहीं पता’, आज रात आएगी फाइनल लिस्ट

West Bengal चुनाव: 60 लाख ‘संदिग्ध’ वोटरों पर सस्पेंस, CEO ने कहा- ‘कितने नाम कटे, मुझे नहीं पता’, आज रात आएगी फाइनल लिस्ट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा अपडेट आया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 60 लाख 'विचाराधीन' वोटरों में से 29 लाख की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन कितने नाम कटे हैं, यह फिलहाल साफ नहीं है।
Khabar Aangan Published on: 23 मार्च 2026
West Bengal चुनाव: 60 लाख ‘संदिग्ध’ वोटरों पर सस्पेंस, CEO ने कहा- ‘कितने नाम कटे, मुझे नहीं पता’, आज रात आएगी फाइनल लिस्ट
ADVERTISEMENT

कोलकाता | 23 मार्च 2026: West Bengal में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर चल रही भारी राजनीतिक और प्रशासनिक रस्साकशी के बीच चुनाव आयोग ने एक बड़ा अपडेट दिया है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रोग्राम के तहत दूसरी और अंतिम मतदाता सूची आज (सोमवार) रात 9 बजे तक जारी कर दी जाएगी।

हालांकि, इस अंतिम सूची के जारी होने से ठीक पहले राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उनके एक बयान ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राज्य में लगभग 60 लाख ‘संदिग्ध’ या ‘विचाराधीन’ वोटरों के डेटा की जांच चल रही है, लेकिन जब सीईओ से पूछा गया कि इनमें से कितने लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, तो उनका सीधा जवाब था- “मुझे नहीं पता कि कितने नाम বাদ (रद्द) हुए हैं।”

ADVERTISEMENT

इस बयान के बाद West Bengal के राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है, क्योंकि राजनीतिक दल लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

60 लाख में से 29 लाख मामलों का ही हुआ है निपटारा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मतदाता सूची संशोधन की पूरी प्रक्रिया का खाका पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया काफी जटिल है और इसमें सिस्टम को 6 से 8 घंटे का समय लगता है।

ADVERTISEMENT

आंकड़े देते हुए उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई पहली सूची में 60 लाख 6 हजार 675 वोटरों के नाम विचाराधीन थे। इन मामलों की जांच और निपटारे के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।

  • वर्तमान स्थिति: सीईओ के अनुसार, अब तक इन 60 लाख मामलों में से केवल 29 लाख मामलों की ही जांच और निपटारा हो सका है।
  • अधिकारियों की फौज: इस विशाल डेटाबेस को खंगालने और निपटारे के लिए पूरे राज्य में 705 न्यायाधीश और न्यायिक अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं।

अग्रवाल ने कहा कि ‘ई-साइन’ होकर अंत में कितने नाम फाइनल सूची में आएंगे, इसका सटीक आंकड़ा उनके पास फिलहाल नहीं है, लेकिन जितनी भी फाइलों का निपटारा हुआ है, उनकी पूरी सूची आज रात तक सार्वजनिक कर दी जाएगी।

ADVERTISEMENT

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बनाए 19 ट्रिब्यूनल

वोटर लिस्ट से नाम कटने को लेकर उठने वाले संभावित विवादों और कानूनी अड़चनों से निपटने के लिए न्यायपालिका ने पहले ही तैयारी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने एक बड़ा कदम उठाया है।

जिन भी लोगों के नाम इस अंतिम सूची से कटेंगे, उन्हें अपनी नागरिकता और वोटिंग अधिकार साबित करने का पूरा मौका मिलेगा। इसके लिए हाई कोर्ट ने राज्य के 23 जिलों के लिए 19 विशेष ट्रिब्यूनल का गठन किया है। इन ट्रिब्यूनलों की कमान 19 पूर्व न्यायाधीशों को सौंपी गई है। पीड़ित नागरिक सीधे इन ट्रिब्यूनलों में अपील कर सकेंगे और सही पाए जाने पर उनका नाम वापस सूची में जोड़ा जा सकता है।

कानून व्यवस्था और राजनीतिक बयानबाजी

West Bengal का चुनाव हमेशा से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में लाखों वोटरों के नाम कटने की आशंका के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।

सीईओ मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी पुलिस अधीक्षकों को चुनाव के मद्देनजर पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद रहने के निर्देश दे दिए हैं।

इस बीच, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी चरम पर है। हाल ही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए दावा किया था कि चुनाव आयोग द्वारा निपटाए गए मामलों में से करीब 10 लाख लोगों के नाम काटे जा सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया था कि एक विशेष समुदाय के साथ-साथ कई अन्य समुदायों के लोगों को इसमें निशाना बनाया जा रहा है। मालदा, मुर्शिदाबाद और दोनों दिनाजपुर जैसे जिलों में सबसे ज्यादा नाम होने की बात भी कही गई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में और पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से चल रही है।

इस खबर को शेयर करें
Khabar Aangan

Khabar Aangan Admin

Khabar Aangan एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो सूचना से सच्चाई तक की यात्रा को समर्पित है। हमारा उद्देश्य है—स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं तक, हर खबर को गहराई, संदर्भ और निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करना। हम परंपरागत पत्रकारिता को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ते हैं, ताकि पाठकों को मिले स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी। चाहे बात हो प्रशासनिक विफलता की, या सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता की, या सामाजिक बदलाव की—Khabar Aangan हर विषय को संवेदनशीलता और साहस के साथ उठाता है।

आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।

GPay UPI Paytm AmazonPay Razorpay

WELCOME TO KHABAR AANGAN Suchna Se Sacchai Tak