जालौन 16-08-2026 : उत्तर प्रदेश के जालौन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान IAS रिंकू सिंह राही के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उरई स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राही ने शहीद भगत सिंह को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसका वीडियो सामने आने के बाद चर्चा तेज हो गई। उन्होंने कहा कि आज के समय के हिसाब से भगत सिंह सबसे बड़े बेवकूफ थे और वह कभी अच्छे बच्चे नहीं रहे। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर दिए गए इस बयान के साथ उन्होंने किसानों के शोषण और अंग्रेज अधिकारियों को लेकर भी अपनी बात रखी। वीडियो सामने आने के बाद मामले पर प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं।
भगत सिंह को लेकर क्या बोले आईएएस रिंकू सिंह राही
IAS रिंकू सिंह राही के सामने आए वीडियो में उन्हें भगत सिंह के व्यक्तित्व पर टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय के हिसाब से भगत सिंह सबसे बड़े बेवकूफ थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भगत सिंह कभी अच्छे बच्चे नहीं रहे। यह टिप्पणी उस समय की गई, जब जालौन के उरई कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम चल रहा था। वीडियो सामने आने के बाद यही बयान विवाद का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
राही ने अपने संबोधन में केवल भगत सिंह तक बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने किसानों के शोषण को लेकर भी सवाल उठाया और यह बात रखी कि किसानों का शोषण अंग्रेजों ने किया या हमारे ही देश के पटवारी ने। इसी क्रम में उनके भाषण में अंग्रेज अधिकारियों को लेकर भी टिप्पणी सामने आई। इन बातों को भगत सिंह पर की गई टिप्पणी के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पूरे भाषण का विस्तृत संदर्भ सामने आने के बाद ही उनके विचारों की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सकती है।
स्वतंत्रता दिवस के सरकारी कार्यक्रम में हुआ पूरा घटनाक्रम
यह पूरा मामला 15 अगस्त को जालौन के उरई स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ा है। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे और इसी दौरान IAS रिंकू सिंह राही ने मंच से अपने विचार रखे। संबोधन का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में उनके द्वारा भगत सिंह और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विषयों पर बात करते हुए दिखाई देने वाला हिस्सा चर्चा में है। राष्ट्रीय पर्व के दौरान दिए गए इस भाषण के कारण बयान को लेकर लोगों का ध्यान तेजी से गया।
वीडियो के सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने भगत सिंह को लेकर की गई टिप्पणी को आपत्तिजनक बताया, जबकि पूरे भाषण के संदर्भ को समझने की जरूरत पर भी चर्चा हुई। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इस बयान को लेकर प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी की ओर से भी इस टिप्पणी का विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आने की जानकारी नहीं है। ऐसे में आगे की स्थिति प्रशासनिक प्रतिक्रिया या राही के पक्ष के सामने आने के बाद ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।
किसानों और अंग्रेज अधिकारियों को लेकर भी कही बात
रिंकू सिंह राही के भाषण में किसानों के शोषण को लेकर भी सवाल उठाया गया। सामने आए विवरण के अनुसार उन्होंने यह मुद्दा रखा कि किसानों को अंग्रेजों ने लूटा या हमारे ही देश के पटवारी ने। उनके इस कथन का उद्देश्य क्या था और वह किस ऐतिहासिक या प्रशासनिक संदर्भ में यह बात कह रहे थे, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि यही हिस्सा अब उनके पूरे संबोधन को लेकर चर्चा का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू बन गया है।
इसी दौरान अंग्रेज अधिकारियों को लेकर भी राही की टिप्पणी चर्चा में आई। उपलब्ध विवरणों में उनके बयान को इस रूप में सामने रखा गया है कि अंग्रेज अफसर अच्छे थे। इस टिप्पणी को भी भगत सिंह और किसानों से जुड़े उनके विचारों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि किसी भी बयान की मंशा समझने के लिए पूरा भाषण और उसका संदर्भ महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सामने आए अंशों के आधार पर विवाद की स्थिति तो स्पष्ट है, लेकिन अधिकारी की पूरी सोच या उद्देश्य पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
भगत सिंह का नाम आते ही क्यों बढ़ गया विवाद
भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे चर्चित क्रांतिकारी चेहरों में शामिल हैं। ब्रिटिश शासन के खिलाफ उनके संघर्ष, विचारों और बलिदान ने उन्हें देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष स्थान दिया। 23 मार्च 1931 को उन्हें फांसी दी गई थी। उनकी उम्र उस समय केवल 23 वर्ष थी। आज भी भगत सिंह का नाम देश के स्वतंत्रता आंदोलन, युवाओं की राजनीतिक चेतना और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष के संदर्भ में लिया जाता है। इसलिए उनके बारे में किसी सरकारी कार्यक्रम में की गई टिप्पणी का सार्वजनिक प्रतिक्रिया पैदा करना स्वाभाविक है।
इस मामले में विवाद का मुख्य कारण राही द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब देशभर में स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया जा रहा था, उसी दौरान भगत सिंह को लेकर दिया गया यह बयान सामने आया। हालांकि यह भी जरूरी है कि वायरल वीडियो के अंश और पूरे भाषण के बीच अंतर को समझा जाए। यदि पूरा संबोधन या अधिकारी का विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आता है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि टिप्पणी किस संदर्भ में की गई थी और उनका वास्तविक आशय क्या था।
वीडियो वायरल होने के बाद क्या हुआ
रिंकू सिंह राही के भाषण का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो के अलग-अलग हिस्से साझा किए जा रहे हैं और भगत सिंह को लेकर कही गई बात पर लोगों की प्रतिक्रियाएं दिखाई दे रही हैं। कुछ प्रतिक्रियाओं में बयान की आलोचना की गई है, जबकि कुछ लोग पूरे भाषण को देखने और संदर्भ समझने की बात कर रहे हैं। फिलहाल विवाद का आधार वही वीडियो अंश है, जिसमें राही भगत सिंह और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखते दिखाई देते हैं।
ऐसे मामलों में वायरल वीडियो के साथ सावधानी भी जरूरी होती है। किसी भाषण का छोटा हिस्सा पूरे संबोधन की पूरी तस्वीर नहीं देता। इसलिए राही के बयान पर विवाद की स्थिति तो सामने आ चुकी है, लेकिन उनकी मंशा या पूरे विचारों के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने के लिए उनका पूरा संबोधन और आधिकारिक पक्ष देखना जरूरी होगा। अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिया गया उनका बयान सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है।
रिंकू सिंह राही पहले भी रहे हैं चर्चा में
रिंकू सिंह राही इससे पहले भी अपनी प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। वर्ष 2025 में शाहजहांपुर में एसडीएम के रूप में तैनाती के दौरान उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक करते दिखाई दिए थे। इससे पहले अदालत परिसर में एक व्यक्ति को खुले में पेशाब करते देख उन्होंने उससे उठक-बैठक कराई थी, जिसके बाद स्थानीय वकीलों ने इसका विरोध किया था। बाद में राही का वीडियो भी सार्वजनिक चर्चा में आया था।
राही की प्रशासनिक यात्रा में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को उजागर करने और बाद में आईएएस सेवा में पहुंचने का प्रसंग भी चर्चा में रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2008 में मुजफ्फरनगर में छात्रवृत्ति से जुड़े बड़े घोटाले को उजागर करने में भूमिका निभाई थी और इसी दौरान उन पर हमला भी हुआ था। हालांकि उनके पुराने प्रशासनिक विवादों को मौजूदा बयान से सीधे जोड़ना उचित नहीं होगा। वर्तमान मामला स्वतंत्रता दिवस समारोह में भगत सिंह को लेकर दिए गए बयान से संबंधित है।
अब अधिकारी के स्पष्टीकरण पर नजर
इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि रिंकू सिंह राही अपने बयान को लेकर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं। यदि अधिकारी अपने पूरे भाषण का संदर्भ सामने रखते हैं, तो उनके बयान की पृष्ठभूमि को समझने में मदद मिल सकती है। इसी तरह जिला प्रशासन या शासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है तो यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि इस टिप्पणी को प्रशासन किस नजर से देखता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्वतंत्रता दिवस के सरकारी कार्यक्रम में भगत सिंह को लेकर की गई टिप्पणी ने इस पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ वीडियो में कही गई बात को लेकर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आ रही है, दूसरी तरफ पूरे भाषण और अधिकारी के पक्ष की जानकारी अभी सामने आना बाकी है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इतना कहा जा सकता है कि रिंकू सिंह राही का बयान विवाद में है और इस पर आगे की स्थिति आधिकारिक प्रतिक्रिया से साफ होगी।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध वीडियो अंश और सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बयान के पूरे संदर्भ और अधिकारी के आधिकारिक स्पष्टीकरण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। प्रशासन की ओर से आगे जारी होने वाली जानकारी के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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