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राम मंदिर ट्रस्ट ने नहीं की टैक्स चोरी, चंपत राय के नए पत्र में लेन-देन से लेकर नियमों तक का दावा

दान चोरी विवाद के बीच चंपत राय का नया पत्र सामने आया है। टैक्स चोरी से इनकार, बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी भुगतान का जिक्र... आखिर इस पत्र में ट्रस्ट को लेकर कौन-कौन से दावे किए गए हैं?
Ashutosh Kumar Jha Published on: 21 अगस्त 2026
राम मंदिर ट्रस्ट ने नहीं की टैक्स चोरी, चंपत राय के नए पत्र में लेन-देन से लेकर नियमों तक का दावा
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अयोध्या, 21 अगस्त 2026 — राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय का एक और पत्र सामने आया है। इसमें उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय और आंतरिक व्यवस्था को लेकर कई दावे किए हैं। चंपत राय ने कहा है कि ट्रस्ट ने कभी किसी तरह की टैक्स चोरी नहीं की और उसके लेन-देन में सरकारी नियमों का पालन किया गया। पत्र में GST, TDS, रजिस्ट्री स्टांप ड्यूटी, लेबर सेस, PF और ESI जैसे भुगतान किए जाने की बात कही गई है। यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब मंदिर में दान की कथित चोरी की जांच कर रही SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है।

चंपत राय के नए पत्र में क्या दावा किया गया?

चंपत राय ने पत्र में राम मंदिर ट्रस्ट की आर्थिक व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उनके मुताबिक ट्रस्ट के बैंक खातों से होने वाले भुगतान बैंक ट्रांसफर के जरिए किए जाते हैं और इसके लिए ट्रस्ट ने बैंक से चेकबुक नहीं ली है। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के लेन-देन में नकद भुगतान का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

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पत्र के अनुसार ट्रस्ट के खाते भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में हैं। चंपत राय ने यह भी बताया कि ट्रस्ट का आंतरिक ऑडिट दिल्ली की एक ऑडिट फर्म करती है, जबकि वैधानिक ऑडिट के लिए दूसरी फर्म नियुक्त है।

टैक्स को लेकर क्या कहा?

चंपत राय के पत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ट्रस्ट की टैक्स व्यवस्था से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से सरकार को देय किसी टैक्स की चोरी नहीं की गई है और सभी सरकारी नियमों का पालन किया गया है।

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पत्र में GST और TDS के अलावा रजिस्ट्री से संबंधित स्टांप ड्यूटी, लेबर सेस, PF और ESI जमा कराने की बात कही गई है। हालांकि, ये चंपत राय द्वारा पत्र में किए गए दावे हैं। इन्हें किसी स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

दान चोरी की जांच के बीच क्यों अहम है पत्र?

चंपत राय का यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मामले की जांच चर्चा में है। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने SIT की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दी है। रिपोर्ट के बारे में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक चंपत राय और ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने की बात सामने आई है।

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इसी घटनाक्रम के बीच चंपत राय का ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था को लेकर अपना पक्ष रखना राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस पत्र के बाद किसी नई कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

पहले पत्र के बाद आया दूसरा पत्र

यह चंपत राय का इस विवाद के दौरान सामने आया पहला पत्र नहीं है। इससे पहले जुलाई में उन्होंने रामभक्तों को संबोधित एक पत्र जारी कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया था। उन्होंने कहा था कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने तक वह इस मामले पर मौन रहेंगे और उसके बाद आरोपों का जवाब देंगे।

अब सामने आए दूसरे पत्र में उन्होंने व्यक्तिगत आरोपों के बजाय ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, बैंकिंग व्यवस्था, ऑडिट और सरकारी भुगतान से जुड़े पहलुओं पर अपनी बात रखी है। यही वजह है कि इस पत्र को मौजूदा विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रोजाना हजारों श्रद्धालुओं की व्यवस्था का भी जिक्र

पत्र में सिर्फ आर्थिक व्यवस्था की जानकारी नहीं दी गई है। चंपत राय ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं की व्यवस्था को लेकर भी कई बातें लिखी हैं। उन्होंने दावा किया कि रोज करीब 75 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं और दर्शन व्यवस्था कई अलग-अलग लेन के जरिए संचालित की जा रही है।

उन्होंने श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि मंदिर परिसर में दर्शन के बाद प्रसाद के पैकेट निःशुल्क दिए जाते हैं। उनके अनुसार मंदिर में होने वाले कुछ धार्मिक कार्यक्रमों के लिए भी ट्रस्ट की ओर से निःशुल्क व्यवस्था की जाती है।

अब आगे क्या होगा?

चंपत राय के पत्र के सामने आने के बाद सबसे ज्यादा नजर राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक और वहां होने वाली कार्रवाई पर है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रस्ट की बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है। वहीं SIT की रिपोर्ट पहले ही शासन से ट्रस्ट तक पहुंच चुकी है।

फिलहाल पत्र में किए गए दावों और SIT की रिपोर्ट से जुड़े सामने आए तथ्यों को अलग-अलग रखना जरूरी है। चंपत राय ने टैक्स चोरी से इनकार करते हुए ट्रस्ट की नियमों के पालन वाली व्यवस्था का दावा किया है, जबकि दान चोरी का मामला अपनी जांच और कार्रवाई के स्तर पर आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में ट्रस्ट की बैठक और आधिकारिक फैसलों से तस्वीर और साफ हो सकती है।

Disclaimer: यह खबर चंपत राय के पत्र में किए गए दावों और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। टैक्स भुगतान और ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े दावों को पत्र में कही गई बात के रूप में प्रस्तुत किया गया है; किसी स्वतंत्र निष्कर्ष के रूप में नहीं।

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Ashutosh Kumar Jha

Ashutosh Kumar Jha Admin

Ashutosh Kumar Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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