प्रयागराज, 15 सितंबर 2026: प्रयागराज में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई अहम संदेश सामने आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के लिए कई घोषणाएं कीं, वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि हर पांच साल में जनता की अदालत में जाते हैं और अब 2027 का “मुकदमा” जनता और अधिवक्ताओं की अदालत में है।
केशव मौर्य ने 2027 को लेकर क्या कहा
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है और निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कानून का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
इसके बाद उनका संबोधन सीधे 2027 की राजनीति तक पहुंचा। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि वे लोगों के मुकदमे लड़ते हैं और अब 2027 का मुकदमा उनकी अदालत में छोड़ा जा रहा है। मौर्य ने सरकार के कामकाज के आधार पर अधिवक्ताओं के समर्थन और आशीर्वाद का भरोसा भी जताया।
यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। इससे पहले भी मौर्य प्रयागराज में भाजपा के लक्ष्य के तौर पर 2027 में लगातार तीसरी बार बहुमत की सरकार बनाने की बात कह चुके हैं।
योगी ने वकीलों के लिए किया बड़ा ऐलान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू करने की घोषणा की। यह सुविधा राज्य के अधिवक्ताओं के लिए प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी वकीलों से जुड़ी दूसरी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के वकीलों की फीस में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की जा चुकी है। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट में काम करने वाले राज्य के 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की योजना की भी जानकारी दी गई।
वकील कल्याण निधि की सहायता भी बढ़ी
योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ता कल्याण निधि के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी की जानकारी भी दी। यह राशि पहले 1.5 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये किए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
कार्यक्रम का आयोजन इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता अभिनंदन एवं सम्मान समारोह के रूप में किया गया था। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ नवनिर्मित अधिवक्ता कक्षों से जुड़े कार्यक्रम में भी भाग लिया।
प्रयागराज में राजनीतिक संदेश क्यों अहम
प्रयागराज के हाईकोर्ट परिसर में हुए इस कार्यक्रम में एक तरफ अधिवक्ताओं से जुड़े कल्याणकारी फैसलों और सुविधाओं की घोषणा हुई, तो दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री के संबोधन में 2027 का चुनावी संदर्भ खुलकर सामने आया। खास तौर पर “2027 का मुकदमा” वाली उनकी टिप्पणी ने कार्यक्रम को राजनीतिक संदर्भ भी दे दिया।
हालांकि, किसी कार्यक्रम में चुनाव का उल्लेख अपने आप में चुनावी नतीजे या राजनीतिक समर्थन की गारंटी नहीं है। मौर्य का बयान सरकार के कामकाज के आधार पर समर्थन मांगने की अपील के रूप में सामने आया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अंतिम राजनीतिक तस्वीर आगे के घटनाक्रम और चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट होगी।
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