दरभंगा, 15 सितंबर 2026: मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान में संरक्षित महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन कार्य का जिलाधिकारी कौशल कुमार ने मंगलवार को निरीक्षण किया। उन्होंने पांडुलिपियों की स्थिति, संरक्षण व्यवस्था और उन्हें डिजिटल स्वरूप देने की प्रक्रिया की जानकारी ली। इस दौरान तकनीकी प्रक्रिया को भी देखा और अधिकारियों से अब तक हुए काम की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने पर डीएम का जोर
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत देशभर में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पांडुलिपियों के संरक्षण तथा डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में दरभंगा के मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान में सुरक्षित रखी गई पांडुलिपियों को डिजिटल माध्यम से संरक्षित करने का काम चल रहा है।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों से पांडुलिपियों की वर्तमान स्थिति तथा उनके संरक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डिजिटाइजेशन में इस्तेमाल की जा रही तकनीकी प्रक्रिया को भी देखा। साथ ही कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि दुर्लभ सामग्री को संभालने में किसी तरह की लापरवाही न हो।

मूल स्वरूप को नुकसान पहुंचाए बिना हो काम
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संस्थान में उपलब्ध सभी महत्वपूर्ण पांडुलिपियों का सुव्यवस्थित, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता के साथ डिजिटाइजेशन किया जाए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप और तकनीकी दक्षता के साथ की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इन पांडुलिपियों को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने खास तौर पर कहा कि डिजिटाइजेशन के दौरान पांडुलिपियों की सुरक्षा और उनके मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखा जाए। यानी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में उन ऐतिहासिक दस्तावेजों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी होगा डिजिटल स्वरूप
डीएम ने पांडुलिपियों को केवल पुराने दस्तावेजों के रूप में देखने के बजाय उन्हें ज्ञान और विरासत के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में संरक्षित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इनमें हमारी ज्ञान परंपरा, संस्कृति, साहित्य और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री सुरक्षित है।
डिजिटल स्वरूप में संरक्षण होने से भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इन पांडुलिपियों को शोधार्थियों और अन्य संबंधित लोगों के लिए उपयोगी बनाया जा सकेगा। इससे मूल पांडुलिपियों को बार-बार संभालने की आवश्यकता भी कम करने में मदद मिल सकती है, हालांकि उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी में इस संबंध में कोई अलग तकनीकी दावा नहीं किया गया है।
सूचीकरण और वर्गीकरण भी व्यवस्थित रखने का निर्देश
जिलाधिकारी ने संस्थान के अधिकारियों को पांडुलिपियों के सूचीकरण, वर्गीकरण और संरक्षण की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने डिजिटाइजेशन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया, ताकि महत्वपूर्ण सामग्री का डिजिटल संरक्षण व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ सके।
निरीक्षण के दौरान जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार सहित संस्थान के संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
- Darbhanga News: 17 सितंबर की शाम दरभंगा में जलेगी उम्मीद की रोशनी, पोलो ग्राउंड में दिखेगा 5000 दीपों का नजारा
- Darbhanga News: दरभंगा में किसानों की आधी रजिस्ट्री ही पूरी, अब डीएम ने 15 अक्टूबर तक का दिया लक्ष्य
- Darbhanga News: 17 सितंबर की शाम दरभंगा कुछ यूं जगमगाएगा, 5000 दीपों से सजेगा पोलो ग्राउंड
- Darbhanga News: समन्वय समिति की बैठक में डीएम कौशल कुमार ने कई योजनाओं पर लिया अपडेट, अधिकारियों को दिए अहम निर्देश
- Darbhanga News: डीएम के जन-सुनवाई में पहुंचीं 20 से अधिक फरियादें, कई मामलों में फोन पर ही कार्रवाई के निर्देश
आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।



