इस्लामाबाद | 12 अप्रैल 2026: दुनिया के दो सबसे बड़े दुश्मनों के बीच शांति की आखिरी उम्मीद भी अब बुरी तरह से टूटती हुई नजर आ रही है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही गुप्त अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी नतीजे के पूरी तरह से फेल हो गई है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बिना कोई शांति समझौता किए अचानक वापस अमेरिका लौट चुके हैं, जिससे मध्य पूर्व में फिर से एक बड़े युद्ध और भयानक तनाव का खतरा गहराने लगा है।
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‘खबर आंगन’ की इंटरनेशनल डेस्क ने इस बेहद अहम कूटनीतिक हलचल और इसके पीछे की असली वजहों की पूरी इनसाइड स्टोरी निकाली है। आइए जानते हैं कि आखिर इस अहम और सीक्रेट मीटिंग में ऐसा क्या हुआ कि बात बनने के बजाय रातों-रात और ज्यादा बिगड़ गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अहम बातचीत मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हो रही थी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि ईरान की हठधर्मी और परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच भारी मतभेद के कारण यह शांति समझौता किसी अंजाम तक नहीं पहुंच सका।
वहीं दूसरी तरफ, ईरानी मीडिया ने यह बड़ा दावा किया है कि अमेरिका द्वारा रखी गई कुछ अत्यधिक और अनुचित मांगों के कारण इस बैठक को बीच में ही रोकना पड़ा। दोनों देशों का यह कड़ा और अड़ियल रुख अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक शांति के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है।
जेडी वेंस का खाली हाथ लौटना और अब आगे का कड़ा रास्ता
शांति वार्ता के पूरी तरह से फेल होने के तुरंत बाद, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने विशेष विमान से पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं। राजनीतिक जानकारों का यह साफ मानना है कि अमेरिकी सरकार अब ईरान के खिलाफ और भी ज्यादा सख्त कदम उठाने की तैयारी कर सकती है।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इस बात का हल्का सा इशारा किया है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर दोबारा शुरू हो सकता है, लेकिन मौजूदा हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। जलमार्गों पर ईरान के बढ़ते सैन्य नियंत्रण से दुनिया भर के तेल व्यापार पर भी भारी असर पड़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
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हमारा निष्कर्ष
‘खबर आंगन’ की इंटरनेशनल डेस्क का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता का इस तरह से अचानक टूट जाना पूरी दुनिया के लिए एक बहुत ही डरावना संकेत है।
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Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की इंटरनेशनल डेस्क द्वारा अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों की प्रामाणिक वीडियो रिपोर्ट्स, कूटनीतिक बयानों और मीडिया सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है।
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