Suchna Se Sacchai Tak
ADVERTISEMENT

IN FOCUS

Advertisement
  1. Home
  2. International News
  3. अमेरिका में एक ‘सच’ ने बर्बाद किया भविष्य! एयरपोर्ट से डिपोर्ट हुआ भारतीय छात्र, वजह उड़ा देगी होश

अमेरिका में एक ‘सच’ ने बर्बाद किया भविष्य! एयरपोर्ट से डिपोर्ट हुआ भारतीय छात्र, वजह उड़ा देगी होश

अमेरिका में एक भारतीय छात्र को एयरपोर्ट से ही वापस भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। छात्र का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड या DUI केस नहीं था, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारी के Weed से जुड़े एक सीधे सवाल पर सच बोलना उसे भारी पड़ गया।
Khabar Aangan Published on: 5 अप्रैल 2026
अमेरिका में एक ‘सच’ ने बर्बाद किया भविष्य! एयरपोर्ट से डिपोर्ट हुआ भारतीय छात्र, वजह उड़ा देगी होश
ADVERTISEMENT
आर्टिकल सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं
0:00 / 0:00

न्यूयॉर्क | 5 अप्रैल 2026: बेहतर भविष्य और अच्छी पढ़ाई का सपना लेकर अमेरिका जाने वाले छात्रों के लिए एक बेहद खौफनाक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। एक मामूली सी गलती या कहें तो एक ‘ईमानदार जवाब’ ने एक होनहार छात्र का पूरा करियर हमेशा के लिए बर्बाद कर दिया है।

बिना किसी क्रिमिनल रिकॉर्ड या गलत काम के सिर्फ एक सवाल के जवाब में सच बोलने पर अमेरिका ने इस छात्र को तुरंत अपने देश से डिपोर्ट कर दिया है।

ADVERTISEMENT

‘खबर आंगन’ की इंटरनेशनल डेस्क ने इस पूरे चौंकाने वाले मामले और इमिग्रेशन के कड़े नियमों की पूरी जानकारी जुटाई है। आइए जानते हैं कि आखिर उस छात्र ने इमिग्रेशन ऑफिसर को ऐसा क्या जवाब दिया जिसने उसकी जिंदगी पलट दी।

एयरपोर्ट पर पूछा गया एक सवाल और खत्म हुआ सफर

इमिग्रेशन वकील मालविका नंदीवेलुगु ने सोशल मीडिया पर इस हैरान कर देने वाले मामले की पूरी जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया कि इस भारतीय छात्र का रिकॉर्ड एकदम साफ था और उसने कभी कोई गैरकानूनी काम नहीं किया था।

ADVERTISEMENT

उसके नाम पर न तो कोई DUI केस था और न ही उसने स्टूडेंट वीजा पर कोई इलीगल एम्प्लॉयमेंट किया था। लेकिन जब वह एयरपोर्ट पर पहुंचा तो इमिग्रेशन अधिकारियों ने उससे गांजे यानी Weed के इस्तेमाल को लेकर एक सीधा सवाल पूछ लिया।

छात्र ने बिना कोई झूठ बोले पूरी ईमानदारी से जवाब दिया कि उसने पहले कभी कभार इसका इस्तेमाल किया है। बस इसी एक सच ने उसके खिलाफ सबसे बड़े अपराध का काम किया और उसका वीजा तुरंत कैंसिल कर उसे वापस भेज दिया गया।

ADVERTISEMENT

राज्य और फेडरल कानून के बीच फंसा भारतीय छात्र

अमेरिका के कई राज्यों में Weed का इस्तेमाल अब पूरी तरह से लीगल हो चुका है। छात्र को शायद यही लगा होगा कि सच बोलने से कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि कई राज्यों में इसे लेकर पूरी छूट दी गई है।

लेकिन इमिग्रेशन के मामले राज्य के कानून से नहीं बल्कि अमेरिका के फेडरल लॉ से चलते हैं। फेडरल कानून के तहत अमेरिका में आज भी मारिजुआना का इस्तेमाल पूरी तरह से गैरकानूनी और एक बहुत बड़ा अपराध माना जाता है।

वकील मालविका ने साफ किया कि अगर आप F-1 स्टूडेंट वीजा पर हैं तो एक बार भी इसका इस्तेमाल आपके इमिग्रेशन स्टेटस को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी नीयत क्या थी, वे सिर्फ फेडरल कानून का कड़ाई से पालन करते हैं।

अमेरिका जाने वाले छात्र हमेशा रखें इन बातों का ध्यान

इस दर्दनाक घटना के बाद अमेरिका में पढ़ रहे या वहां जाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। अगर आप भी अमेरिका जा रहे हैं तो आपको इमिग्रेशन और वहां के नियमों से जुड़ी कुछ खास बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए:

  • एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों से बेवजह बहस न करें और न ही ऐसा कोई सच बोलें जो वहां के फेडरल कानून के खिलाफ हो।
  • अगर किसी राज्य में कोई नशा लीगल भी है, तो भी इंटरनेशनल छात्र होने के नाते उससे हमेशा पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
  • अपने ओरिएंटेशन सेशन को बहुत ध्यान से सुनें क्योंकि वहां वीजा नियमों और ऐसी गलतियों के बारे में साफ चेतावनी दी जाती है।
  • कभी भी स्टूडेंट वीजा पर कोई ऐसी इलीगल एम्प्लॉयमेंट न करें जो इमिग्रेशन नियमों का सीधा और साफ उल्लंघन करती हो।

प्रिंस हैरी को मिली छूट, आम छात्र को मिली सजा

इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग अमेरिका के इस दोहरे रवैये पर भारी सवाल भी उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ब्रिटेन के प्रिंस हैरी ने अपनी किताब में खुलेआम कई तरह के ड्रग्स लेने की बात कबूल की थी।

इतना बड़ा सच सामने आने के बावजूद एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद प्रिंस हैरी को अमेरिका से बाहर नहीं निकाला गया और उन्हें छूट मिल गई। लेकिन एक आम भारतीय छात्र को सिर्फ एक छोटे से सच के लिए बिना किसी रियायत के सीधे देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

हमारा निष्कर्ष

‘खबर आंगन’ की इंटरनेशनल डेस्क का यह साफ मानना है कि विदेश जाने वाले छात्रों को वहां के फेडरल कानूनों की पूरी और सही जानकारी होना सबसे ज्यादा जरूरी है। अनजाने में की गई एक छोटी सी गलती भी आपके और आपके माता-पिता के सालों के सपनों को पल भर में तोड़ सकती है।

इस घटना से सबक लेते हुए सभी छात्रों को अपनी पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए और किसी भी तरह के नशे या गैरकानूनी काम से हमेशा दूर रहना चाहिए। अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए वहां के सख्त इमिग्रेशन नियमों का सौ प्रतिशत पालन करना ही कामयाबी का सबसे बेहतर रास्ता है।

Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की इंटरनेशनल डेस्क द्वारा इमिग्रेशन वकील मालविका नंदीवेलुगु के सोशल मीडिया पोस्ट, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और अमेरिका के फेडरल इमिग्रेशन कानूनों के आधार पर छात्रों की जागरूकता के लिए तैयार की गई है।

इस खबर को शेयर करें
Khabar Aangan

Khabar Aangan Admin

Khabar Aangan एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो सूचना से सच्चाई तक की यात्रा को समर्पित है। हमारा उद्देश्य है—स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं तक, हर खबर को गहराई, संदर्भ और निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करना। हम परंपरागत पत्रकारिता को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ते हैं, ताकि पाठकों को मिले स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी। चाहे बात हो प्रशासनिक विफलता की, या सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता की, या सामाजिक बदलाव की—Khabar Aangan हर विषय को संवेदनशीलता और साहस के साथ उठाता है।

आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।

GPay UPI Paytm AmazonPay Razorpay

WELCOME TO KHABAR AANGAN Suchna Se Sacchai Tak