Suchna Se Sacchai Tak
ADVERTISEMENT

IN FOCUS

Advertisement
  1. Home
  2. States
  3. Delhi NCR News
  4. आनंद विहार AQI विवाद: क्या दिल्ली में हवा से पहले ‘आंकड़ों का मेकअप’ हो रहा है?

आनंद विहार AQI विवाद: क्या दिल्ली में हवा से पहले ‘आंकड़ों का मेकअप’ हो रहा है?

क्या राजधानी में प्रदूषण से जंग में सिर्फ डेटा का मेकअप हो रहा है? दिवाली के बाद जब हवा 'खतरनाक' थी, तब आनंद विहार में AQI सेंसर के पास टैंकरों ने क्या खेल किया? वैज्ञानिक बताते हैं कि यह 'एयर क्लीनिंग' नहीं, बल्कि 'डेटा डिस्ट्रॉशन' है, जो जन स्वास्थ्य के...
Khabar Aangan Published on: 27 अक्टूबर 2025

I. जल छिड़काव का वायरल ड्रामा: हवा की सफाई या डेटा की बाजीगरी?

ADVERTISEMENT

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हर साल सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण का संकट आता है, लेकिन इस बार का संकट ‘हवा’ से ज्यादा ‘आंकड़ों’ पर केंद्रित हो गया है। हाल ही में, दिल्ली के आनंद विहार स्थित एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) निगरानी स्टेशन पर नगर निगम दिल्ली (MCD) के पानी के टैंकरों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने डेटा पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

इस वीडियो में कई जल टैंकरों को AQI सेंसर के अत्यंत करीब, बार-बार चक्कर लगाते हुए और सीधे उपकरण की ओर पानी की महीन धुंध (mist) का छिड़काव करते हुए दिखाया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई, जब दिवाली के बाद दिल्ली की हवा अपने सबसे खतरनाक स्तर पर थी । पर्यावरण विशेषज्ञों और जागरूक नागरिकों ने तुरंत ही इस कार्रवाई को ‘हवा की सफाई’ के बजाय ‘डेटा क्लीनिंग’ या ‘आँकड़ों की बाजीगरी’ (Data Juggling का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए ऑनलाइन चर्चा शुरू कर दी।   

1.1. आधिकारिक बचाव और उनका दाँव

विवाद गहराने के बाद, MCD के अधिकारियों ने इस कार्रवाई का बचाव किया। उनका तर्क था कि यह गतिविधि धूल नियंत्रण (Dust Control Drive) के हिस्से के रूप में एक नियमित और अनिवार्य प्रक्रिया थी, जो ग्रेडेड रिस्पाॅन्स एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज II के तहत आवश्यक है । अधिकारियों ने यह भी बताया कि छिड़काव के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के उपचारित जल का उपयोग हो रहा है, और सभी टैंकर GPS के माध्यम से ट्रैक किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे ।   

ADVERTISEMENT

यानी, अधिकारियों ने जोर दिया कि यह एक वैध नीतिगत कार्रवाई थी। लेकिन क्या यह वैज्ञानिक रूप से विवेकपूर्ण थी?

1.2. आनंद विहार की त्रासदी: जब AQI 430 के पार था

आनंद विहार का क्षेत्र बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशन और भारी यातायात के कारण दिल्ली का एक प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट है। जिस वक्त यह छिड़काव हो रहा था, इस क्षेत्र का AQI (US स्केल) 427 के आसपास था, जो ‘खतरनाक’ (Hazardous) श्रेणी को दर्शाता है । भारतीय AQI प्रणाली में, 401 से 500 तक का स्तर ‘गंभीर’ (Severe) माना जाता है ।   

ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
WELCOME TO KHABAR AANGANSuchna Se Sacchai Tak